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दिन में शिक्षक, छुट्टी के बाद ‘डॉक्टर’! पत्नी संग चला रहा था 2 क्लीनिक, छापे में एक्सपायरी दवाएं बरामद

दिन में शिक्षक, छुट्टी के बाद ‘डॉक्टर’! पत्नी संग चला रहा था 2 क्लीनिक, छापे में एक्सपायरी दवाएं बरामद

छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में अवैध क्लीनिक संचालन के खिलाफ प्रशासन की कार्रवाई के दौरान चौंकाने वाला मामला सामने आया है। आरोप है कि सरकारी स्कूल में शिक्षक के पद पर तैनात एक व्यक्ति स्कूल में बच्चों को पढ़ाने के बाद मरीजों का इलाज करता था। इतना ही नहीं, वह अपनी पत्नी के साथ मिलकर कथित तौर पर दो क्लीनिक भी संचालित कर रहा था। प्रशासन की संयुक्त टीम ने दामोदरपुर में संचालित इन क्लीनिकों पर छापा मारा। कार्रवाई के दौरान मौके से एक्सपायरी दवाइयां, मेडिकल उपकरण और अन्य सामग्री बरामद की गई। टीम ने बरामद सामान को जब्त कर सीलबंद कर दिया है।

स्कूल में शिक्षक, छुट्टी के बाद मरीजों का इलाज

मामला बलरामपुर जिले के दामोदरपुर क्षेत्र का बताया जा रहा है। यहां अवैध तरीके से संचालित क्लीनिकों की जांच के लिए स्वास्थ्य विभाग, राजस्व विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम पहुंची थी। जांच के दौरान पूर्व माध्यमिक शाला लुरघुट्टा में पदस्थ शिक्षक प्रदीप दास का नाम सामने आया। आरोप है कि शिक्षक स्कूल में अपनी नियमित ड्यूटी करने के बाद दामोदरपुर पहुंचता था और वहां मरीजों का इलाज करता था। प्रशासन के मुताबिक, शिक्षक अपनी पत्नी के साथ मिलकर कथित तौर पर दो क्लीनिक संचालित कर रहा था। मामले की जांच के दौरान क्लीनिक संचालन से जुड़े जरूरी दस्तावेज भी टीम के सामने प्रस्तुत नहीं किए जा सके।

छापेमारी में मिली एक्सपायरी दवाइयां

संयुक्त टीम ने जब क्लीनिक की जांच की तो वहां कई तरह की एक्सपायरी दवाइयां और मेडिकल इंस्ट्रूमेंट पाए गए। इसके अलावा उपचार से संबंधित अन्य सामग्री भी मौके पर मिली। टीम ने बरामद सामान को जब्त करते हुए सीलबंद करने की कार्रवाई की। प्रशासन की ओर से क्लीनिक संचालन में नियमों के उल्लंघन को लेकर नर्सिंग होम एक्ट के तहत भी कार्रवाई की गई है। अधिकारियों ने क्लीनिक संचालन और वहां मरीजों के इलाज से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच शुरू कर दी है।

तीन साल के बच्चे की मौत के बाद कार्रवाई तेज

बलरामपुर जिले में अवैध रूप से इलाज करने वालों के खिलाफ प्रशासन ने अभियान तेज किया है। यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है, जब जिले में कथित झोलाछाप डॉक्टर के इलाज के बाद तीन साल के बच्चे की मौत का मामला सामने आया था। मासूम की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन ने बिना अनुमति क्लीनिक चलाने वालों तथा नियमों के विपरीत मरीजों का इलाज करने वालों के खिलाफ जांच अभियान शुरू किया है। इसी अभियान के तहत दामोदरपुर में हुई कार्रवाई के दौरान सरकारी स्कूल के शिक्षक द्वारा कथित तौर पर क्लीनिक संचालित करने का मामला सामने आया।


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