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धनतेरस पर छत्तीसगढ़ में बरसा धन, एक दिन में 7 हजार करोड़ से ज्यादा की खरीदारी

धनतेरस पर छत्तीसगढ़ में बरसा धन, एक दिन में 7 हजार करोड़ से ज्यादा की खरीदारी

धनतेरस के मौके पर छत्तीसगढ़ के बाजारों में इस बार जमकर रौनक देखने को मिली। राजधानी रायपुर से लेकर प्रदेश के छोटे-बड़े शहरों तक सुबह से देर रात तक खरीदारों की भीड़ उमड़ी रही। सोना-चांदी, वाहन, इलेक्ट्रॉनिक्स, मोबाइल, बर्तन और कपड़ों से लेकर मिठाई व गिफ्ट आइटम तक की दुकानों पर ग्राहकों ने जमकर खरीदारी की। कारोबारियों के शुरुआती अनुमानों के मुताबिक, धनतेरस के एक ही दिन में प्रदेश में 7 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का कारोबार हुआ।

सोना-चांदी की खरीदारी में 2500 करोड़ का कारोबार

धनतेरस पर सबसे ज्यादा चमक सराफा बाजार में देखने को मिली। सोने और चांदी की कीमतें ऊंची होने के बावजूद लोगों ने अपनी आर्थिक क्षमता के मुताबिक खरीदारी की। कारोबारियों के अनुसार, पूरे छत्तीसगढ़ में सोने-चांदी का कारोबार 2500 करोड़ रुपये से अधिक रहा। इसमें अकेले रायपुर में करीब 1000 करोड़ रुपये की बिक्री का अनुमान है।

सराफा कारोबारी लक्ष्मी नारायण लाहोटी के मुताबिक, इस बार सोने के मुकाबले चांदी के सिक्कों की मांग अधिक रही। अष्टलक्ष्मी लोटा, श्रीयंत्र, कुबेर यंत्र, लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियां और चांदी के कछुए भी खूब बिके। कारोबारी हरख मालू ने बताया कि कीमतें ज्यादा होने के कारण ग्राहकों ने अपने बजट के हिसाब से सोना-चांदी खरीदा। कई लोगों ने पहले की तुलना में कम मात्रा में आभूषण खरीदे।

ऑटोमोबाइल सेक्टर में एक लाख से ज्यादा वाहन बिके

धनतेरस पर वाहन बाजार में भी जबरदस्त उत्साह रहा। प्रदेशभर में एक ही दिन में एक लाख से ज्यादा दोपहिया और चारपहिया वाहनों की बिक्री का अनुमान है। इनमें करीब 90 हजार दोपहिया वाहन और लगभग 10 हजार कारें शामिल हैं। कई ग्राहकों ने त्योहार से पहले ही वाहनों की बुकिंग करा ली थी और धनतेरस के दिन डिलीवरी ली।

मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स पर भी बरसा पैसा

इलेक्ट्रॉनिक्स और मोबाइल बाजार में भी ग्राहकों की अच्छी भीड़ रही। एलईडी टीवी, कंप्यूटर, फ्रिज, वॉशिंग मशीन और दूसरे घरेलू उपकरणों के साथ महंगे स्मार्टफोन की खूब बिक्री हुई। मालवीय रोड व्यापारी संघ के राजेश वासवानी के मुताबिक, इस बार ग्रामीण क्षेत्रों से आए ग्राहकों ने भी महंगे मोबाइल और एलईडी टीवी खरीदे। मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में प्रदेशभर में करीब 1000 करोड़ रुपये के कारोबार का अनुमान है।

बर्तन, फर्नीचर, कपड़े और मिठाई की दुकानों पर भी भीड़

धनतेरस पर बर्तन खरीदने की परंपरा के चलते बर्तन बाजार में सुबह से ही ग्राहकों की आवाजाही शुरू हो गई थी। इसके अलावा फर्नीचर, लकड़ी के सामान, स्टील की अलमारियों, कपड़ों, मिठाइयों और गिफ्ट आइटम की दुकानों पर भी देर रात तक रौनक बनी रही। इन सभी सेक्टरों को मिलाकर करीब 1000 करोड़ रुपये का कारोबार होने का अनुमान लगाया गया है।

रियल एस्टेट में खरीदारी की रफ्तार धीमी

जहां दूसरे बाजारों में जमकर धनवर्षा हुई, वहीं रियल एस्टेट सेक्टर अपेक्षाकृत सुस्त रहा। रायपुर, दुर्ग-भिलाई, बिलासपुर और कोरबा समेत कई शहरों में प्रॉपर्टी की खरीदारी उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। बाजार में जारी मंदी के चलते प्लॉट और अन्य संपत्तियों की बिक्री सीमित रही। इस सेक्टर में कुल कारोबार का अनुमान करीब 300 करोड़ रुपये तक लगाया गया है।

त्योहारी सीजन में 15 हजार करोड़ के कारोबार की उम्मीद

कैट के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमर पारवानी के मुताबिक, धनतेरस पर प्रदेश के लगभग सभी व्यापारिक क्षेत्रों में अच्छी खरीदारी हुई है। एक दिन में ही 7 हजार करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार होने का अनुमान है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस त्योहारी सीजन में छत्तीसगढ़ का कुल व्यापार 15 हजार करोड़ रुपये के पार पहुंच सकता है।

धनतेरस पर सोना-चांदी के भाव में भी गिरावट

खरीदारी के बीच सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट ने ग्राहकों को कुछ राहत दी। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का भाव 2,677 रुपये घटकर करीब 1.41 लाख रुपये रह गया। वहीं, एक किलो चांदी की कीमत 4,432 रुपये गिरकर करीब 1.83 लाख रुपये पर आ गई।

गुरुवार को सोना करीब 1.44 लाख रुपये और चांदी 1.87 लाख रुपये प्रति किलो के स्तर पर थी। साल 2026 में अब तक सोने की कीमत में 10,934 रुपये की बढ़ोतरी हुई है, जबकि चांदी 47,552 रुपये सस्ती हुई है। 29 जनवरी को सोने ने 1.76 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी ने 3.86 लाख रुपये प्रति किलो का उच्चतम स्तर छुआ था।

कुल मिलाकर धनतेरस पर छत्तीसगढ़ के बाजारों में खरीदारी का जबरदस्त उत्साह रहा। महंगे सोने-चांदी के बावजूद ग्राहकों ने त्योहार की परंपरा निभाई और वाहन, मोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स व घरेलू सामान की खरीदारी से कारोबार को नई रफ्तार दी।


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