Boiled Water Effects : आज के समय में स्वच्छता और स्वास्थ्य को लेकर लोगों की जागरूकता पहले से कहीं ज्यादा बढ़ गई है। इसी वजह से बड़ी संख्या में लोग संक्रमण से बचने के लिए उबला हुआ पानी पीना पसंद करते हैं। माना जाता है कि उबालने से पानी में मौजूद हानिकारक बैक्टीरिया और कीटाणु नष्ट हो जाते हैं, जिससे पेट से जुड़ी बीमारियों का खतरा कम होता है। बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को तो अक्सर उबला पानी ही पीने की सलाह दी जाती है।
हालांकि, यह धारणा कि एक बार पानी उबाल लिया जाए तो वह हर स्थिति में सुरक्षित ही रहेगा, पूरी तरह सही नहीं है। अगर उबले पानी को गलत तरीके से रखा जाए या उसका इस्तेमाल सही ढंग से न किया जाए, तो यही पानी सेहत के लिए नुकसानदायक बन सकता है।
क्या कहते है विशेषज्ञ?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अुनसार, पानी उबालने के बाद उसकी सुरक्षा पूरी तरह इस बात पर निर्भर करती है कि उसे कैसे और कितनी देर तक रखा जा रहा है। कई लोग उबले पानी को लंबे समय तक खुला छोड़ देते हैं, जिससे उसमें दोबारा बैक्टीरिया पनप सकते हैं। हवा के संपर्क में आने से पानी दूषित हो सकता है, खासकर गर्म और नमी वाले वातावरण में।
नहीं करें ये गलतियां
इसके अलावा, उबले पानी को किसी भी पुराने या गंदे बर्तन में भरकर रख देना भी एक आम गलती है। अगर कंटेनर ठीक से साफ न हो, तो उसमें मौजूद कीटाणु उबले पानी को भी संक्रमित कर सकते हैं। वहीं, कई लोग एक ही पानी को बार-बार गर्म करते रहते हैं, जिससे पानी की गुणवत्ता प्रभावित होती है और कुछ हानिकारक तत्व बढ़ने का खतरा रहता है। गलत तरीके से रखा गया उबला पानी पेट दर्द, उल्टी, दस्त, गैस और संक्रमण जैसी समस्याओं का कारण बन सकता है। कमजोर इम्यून सिस्टम वाले लोगों, बच्चों और बुजुर्गों में इसका असर जल्दी दिखाई देता है।
उबले पानी को सुरक्षित कैसे रखें?
उबला पानी हमेशा साफ, सूखे और ढके हुए बर्तन में ही रखें। कोशिश करें कि आवश्यकता के अनुसार ही पानी उबालें, ताकि उसे लंबे समय तक स्टोर न करना पड़े। एक ही पानी को बार-बार गर्म करने से बचें और हर बार ताजा उबला पानी इस्तेमाल करें। पानी के बर्तन को रोजाना अच्छी तरह धोएं और इस्तेमाल के दौरान स्वच्छता का ध्यान रखें। यदि पानी में बदबू, स्वाद या रंग में बदलाव महसूस हो, तो उसे तुरंत फेंक देना बेहतर होता है। सही तरीके अपनाकर ही उबला पानी वास्तव में सेहत के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है।