कोरबा : छत्तीसगढ़ का कोरबा भारत की ऊर्जा राजधानी के रूप में जाना जाता है। यहां मुख्य रूप से बिजली उत्पादन होने के साथ ही कोयले के खदानें भी है। जो शहरवासियों को रोजगार देने में मदद करता है। ऐसे में आगामी समय में कोरबा शहर की विकास की तस्वीर कैसी होगी। इस बात की जानकारी कलेक्टर कुणाल दुदावत ने कोरबा शहर में आयोजित जिला संवाद कार्यक्रम के माध्यम से दी।
पुलिस और प्रशासन साथ मिलकर कर रही काम
कार्यक्रम के माध्यम से जब हरिभूमि के प्रधान संपादक हिमांशु द्विवेदी ने विकास, बदलाव और समस्याओं को लेकर कलेक्टर कुणाल दुदावत से रौशनी डालने को कहा तो उन्होंने कहा कि कोबरा उर्जाधानी क्षेत्र है। जहां विकास को बढ़ावा देने के लिए पुलिस और प्रशासन साथ मिलकर काम कर रही है। शहर को प्रदूषण मुक्त करने के लिए बायपास बनाए जा रहे है। ताकि इंडस्ट्री की गाड़ी शहर के बाहर से निकल जाए। साथ ही सड़कों को बेहतर किया जा रहा है। ताकि हादसों पर लगाम लगाया जा सके।
मेन पावर को बढ़ावा देने पर किया जा रहा काम
शहर में NTPC, BALCO आदि बड़ी कंपनी है। जिनके लिए जमीन के साथ साथ मेन पावर भी जरूरी है। इसके लिए प्रशासन बड़ी छोटी इंडस्ट्री के साथ चर्चा कर आगामी 10 -15 साल में मेन पावर को बढ़ावा देने पर काम कर रही है।
रोजगार, सड़क, बिजली सहित विभिन मुद्दों पर की गई चर्चा
इस संवाद मंच पर जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और आम नागरिक एक साथ मौजूद रहे और जमीनी हकीकत के साथ साथ शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं, रोजगार, सड़क निर्माण, बिजली आपूर्ति सहित विभिन मुद्दों पर चर्चा कर शहर में विकास और बदलाव कैसा, कब और कितना समय लगेगा। इसकी पूरी जानकारी दी।