नई दिल्ली। दिल्ली में छात्र आंदोलन के दौरान पुलिस कार्रवाई को लेकर जारी राजनीतिक विवाद के बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रमुख अभिजीत दीपके ने केंद्र सरकार पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि यदि छात्रों के खिलाफ बल प्रयोग हुआ है तो इसकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए और सरकार को पूरे घटनाक्रम पर स्पष्ट जवाब देना चाहिए।
अमित शाह के इस्तीफे की मांग का समर्थन
अभिजीत दीपके ने कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा उठाई गई मांग पर गंभीरता से विचार होना चाहिए। उनके अनुसार, यदि गृह मंत्रालय के अधीन सुरक्षा बलों की कार्रवाई को लेकर सवाल उठ रहे हैं तो गृह मंत्री अमित शाह को इस मामले पर अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि नैतिक जवाबदेही लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
विदेशी फंडिंग के आरोपों पर सरकार से मांगे तथ्य
दीपके ने CJP और छात्र आंदोलन को विदेशी फंडिंग मिलने के आरोपों पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यदि सरकार के पास ऐसे आरोपों के समर्थन में कोई सबूत हैं तो उन्हें सार्वजनिक किया जाना चाहिए। केवल आरोप लगाने से भ्रम की स्थिति पैदा होती है।
लोकतांत्रिक संस्थाओं की भूमिका पर जताई चिंता
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र को मजबूत बनाए रखने के लिए सभी संवैधानिक संस्थाओं की निष्पक्षता जरूरी है। उनके मुताबिक, जनता का भरोसा तभी कायम रहेगा जब हर संस्था स्वतंत्र और पारदर्शी तरीके से काम करेगी।
शिक्षा व्यवस्था और छात्रों के मुद्दों पर सरकार को घेरा
अभिजीत दीपके ने कहा कि छात्रों की मांगों पर समय रहते संवाद होना चाहिए था। उनका कहना था कि शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर टकराव के बजाय बातचीत का रास्ता अपनाया जाना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि उनकी पार्टी भविष्य में भी युवाओं, भर्ती परीक्षाओं और शिक्षा से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाती रहेगी।
नए शिक्षा मंत्री की नियुक्ति पर भी प्रतिक्रिया
दीपके ने नए केंद्रीय शिक्षा मंत्री की नियुक्ति को लेकर भी सरकार की आलोचना की और कहा कि शिक्षा क्षेत्र में सुधार के लिए ठोस नीतियों और जवाबदेही की आवश्यकता है। उन्होंने सरकार से छात्रों की समस्याओं के समाधान को प्राथमिकता देने की अपील की।