रायपुर। छत्तीसगढ़ की लोक आस्था और सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी पहचान मिली है। रामनामी समुदाय की परंपरा, आस्था और जीवनशैली पर केंद्रित डॉक्यूमेंट्री फिल्म ‘राम-नामी’ को 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार में सर्वश्रेष्ठ डॉक्यूमेंट्री के सम्मान से नवाजा गया है। वर्ष 2024 के लिए घोषित इन राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में ‘राम-नामी’ को इस श्रेणी में रजत कमल प्रदान किया गया। फिल्म के निर्माता BBP Studio Virtual Bharat Pvt. Ltd. और निर्देशक भारतबाला गणपति हैं।इस उपलब्धि के बाद छत्तीसगढ़ की विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान को देशभर में चर्चा मिली है। फिल्म के माध्यम से रामनामी समुदाय की धार्मिक आस्था, सामाजिक जीवन और पीढ़ियों से चली आ रही परंपराओं को दर्शाया गया है।
रामनामी समुदाय की अनूठी आस्था बनी फिल्म का केंद्र
रामनामी समुदाय अपनी विशिष्ट रामभक्ति और सांस्कृतिक परंपराओं के लिए जाना जाता है। समुदाय की आस्था में भगवान राम के नाम का विशेष महत्व है। शरीर पर ‘राम’ नाम अंकित कराने की परंपरा भी इसकी विशिष्ट पहचान मानी जाती है। 'राम-नामी' डॉक्यूमेंट्री इसी समुदाय की जीवनशैली, आस्था और परंपराओं को केंद्र में रखकर तैयार की गई है। राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार की आधिकारिक सूची में भी इसे Best Documentary के रूप में दर्ज किया गया है।
CM विष्णुदेव साय ने जताई खुशी
डॉक्यूमेंट्री को राष्ट्रीय सम्मान मिलने पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रसन्नता व्यक्त की और इसे छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का विषय बताया। उन्होंने रामनामी समुदाय की परंपरा को प्रदेश की महत्वपूर्ण सांस्कृतिक धरोहर से जोड़ते हुए फिल्म की टीम को बधाई दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि रामनामी समुदाय की आस्था और साधना की अपनी विशिष्ट पहचान है। उनके अनुसार, समुदाय के शरीर पर अंकित ‘राम’ केवल एक नाम नहीं बल्कि उनकी पीढ़ियों से चली आ रही आस्था और समर्पण का प्रतीक है।
राष्ट्रीय मंच पर पहुंची छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत
‘राम-नामी’ को मिला राष्ट्रीय सम्मान केवल फिल्म की उपलब्धि के तौर पर ही नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति को राष्ट्रीय मंच पर मिली पहचान के रूप में भी देखा जा रहा है। डॉक्यूमेंट्री ने रामनामी समुदाय की परंपराओं और सांस्कृतिक पहचान को व्यापक दर्शक वर्ग तक पहुंचाने का माध्यम तैयार किया है। 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में गैर-फीचर श्रेणी में कई भाषाओं और अलग-अलग विषयों पर बनी फिल्मों को सम्मान मिला। इसी सूची में ‘राम-नामी’ ने सर्वश्रेष्ठ डॉक्यूमेंट्री का पुरस्कार हासिल किया।
निर्देशक भारतबाला गणपति और पूरी टीम को बधाई
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस उपलब्धि के लिए निर्देशक भारतबाला गणपति सहित फिल्म की पूरी टीम को बधाई दी। भारतबाला गणपति ने भी बताया है कि रामनामी समुदाय की जीवनशैली और आस्था को समझने की प्रक्रिया से इस डॉक्यूमेंट्री की कहानी विकसित हुई। ‘राम-नामी’ को मिला राष्ट्रीय पुरस्कार छत्तीसगढ़ की लोक परंपराओं, आस्था और सांस्कृतिक विरासत को देश के बड़े मंच पर पहचान मिलने की महत्वपूर्ण उपलब्धि है।