होम
देश
दुनिया
राज्य
खेल
अध्यात्म
मनोरंजन
सेहत
जॉब अलर्ट
जरा हटके
फैशन/लाइफ स्टाइल

 

CG Power Cut: उद्योगों को 15 घंटे तक बिजली कटौती, आयोग ने पावर कंपनी से मांगा जवाब

CG Power Cut: उद्योगों को 15 घंटे तक बिजली कटौती, आयोग ने पावर कंपनी से मांगा जवाब

रायपुर। छत्तीसगढ़ में उद्योगों को हो रही लंबी बिजली कटौती के मामले में बिजली नियामक आयोग ने सख्त रुख अपनाया है। प्रदेश के कई उद्योगों को प्रतिदिन 14 से 15 घंटे तक बिजली संकट का सामना करना पड़ रहा है। उद्योगों की शिकायतों के बाद आयोग ने पावर कंपनी के अधिकारियों को तलब कर कटौती का कारण पूछा और बिजली आपूर्ति सुधारने के निर्देश दिए। कंपनी ने अगले एक-दो दिनों में राहत देने की उम्मीद जताई है।

बिजली संकट से उद्योगों की मुश्किलें बढ़ीं

रायपुर। छत्तीसगढ़ में अक्टूबर महीने के दौरान बिजली की मांग में अप्रत्याशित बढ़ोतरी ने बिजली व्यवस्था पर दबाव बढ़ा दिया है। इसका असर औद्योगिक क्षेत्रों में देखने को मिल रहा है, जहां बिजली की लंबी कटौती से उत्पादन कार्य प्रभावित होने की आशंका है।बिजली की उपलब्धता और बढ़ती मांग के बीच संतुलन बनाने के लिए पावर कंपनी को उद्योगों की आपूर्ति में कटौती करनी पड़ रही है। इस स्थिति को लेकर उद्योग जगत में नाराजगी है। मामले की शिकायत बिजली नियामक आयोग तक पहुंचने के बाद आयोग ने हस्तक्षेप किया है।

बिजली नियामक आयोग ने पावर कंपनी से मांगा जवाब

औद्योगिक क्षेत्रों में लगातार हो रही बिजली कटौती पर बिजली नियामक आयोग ने मामले को गंभीरता से लिया है। आयोग ने तीन दिनों तक उद्योग प्रतिनिधियों और पावर कंपनी के अधिकारियों के साथ चर्चा कर स्थिति की जानकारी ली। बैठक के दौरान कंपनी से पूछा गया कि इस वर्ष बिजली की मांग में इतनी वृद्धि क्यों हुई और उद्योगों को पर्याप्त बिजली क्यों नहीं मिल पा रही है। पावर कंपनी ने बताया कि अक्टूबर में सामान्य तौर पर बिजली की मांग इतनी अधिक नहीं रहती, लेकिन इस साल खपत बढ़ने के कारण आपूर्ति व्यवस्था पर दबाव बना हुआ है। आयोग ने कंपनी को औद्योगिक इकाइयों के लिए बिजली की वैकल्पिक व्यवस्था करने और कटौती से राहत दिलाने के प्रयास तेज करने को कहा है।

प्रदेश में 6,500 मेगावाट के पार पहुंची बिजली की खपत

छत्तीसगढ़ में इन दिनों बिजली की कुल मांग 6,500 मेगावाट से अधिक बताई जा रही है। खपत बढ़ने के पीछे कई कारण सामने आए हैं।
कृषि पंपों का उपयोग: कृषि क्षेत्र में सिंचाई के लिए लगभग 600 से 700 मेगावाट बिजली की जरूरत पड़ रही है।
एसी और कूलर का इस्तेमाल: उमस भरे मौसम के कारण घरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में बिजली की खपत बढ़ी है।
नवरात्रि का असर: त्योहार के दौरान रोशनी, आयोजन और अन्य गतिविधियों के कारण भी बिजली की मांग में वृद्धि हुई है।
औद्योगिक मांग का दबाव: बढ़ती कुल खपत के बीच उद्योगों को बिजली उपलब्ध कराने में कंपनी को कठिनाई हो रही है।
इन परिस्थितियों के कारण औद्योगिक उपभोक्ताओं को लंबे समय तक बिजली कटौती का सामना करना पड़ रहा है।

उत्तर प्रदेश को दी जा रही बिजली की आपूर्ति बंद होने से मिल सकती है राहत

बिजली संकट के बीच पावर कंपनी को उत्तर प्रदेश से संबंधित बिजली एक्सचेंज व्यवस्था के तहत बिजली लौटानी पड़ रही है। खबर के मुताबिक, कंपनी करीब 250 से 300 मेगावाट बिजली एक्सचेंज के माध्यम से दे रही है। 15 अक्टूबर के बाद यह आपूर्ति बंद होने पर प्रदेश के लिए लगभग 300 मेगावाट बिजली अतिरिक्त उपलब्ध हो सकती है। इससे बिजली की उपलब्धता में सुधार होने और उद्योगों को कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा पावर कंपनी अन्य स्रोतों से बिजली की व्यवस्था करने की कोशिश भी कर रही है, ताकि मांग और उपलब्धता के बीच अंतर को कम किया जा सके।

एक-दो दिनों में राहत मिलने की उम्मीद

बिजली नियामक आयोग के सचिव एसपी शुक्ला के अनुसार, पावर कंपनी के अधिकारियों से चर्चा कर उद्योगों के लिए बिजली की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। कंपनी की ओर से जल्द ही कुछ राहत देने की बात कही गई है। हालांकि, उद्योगों को कितनी बिजली मिलेगी और कटौती की अवधि में कितनी कमी आएगी, इसे लेकर अभी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। ऐसे में औद्योगिक इकाइयों की नजर पावर कंपनी की आगामी व्यवस्था पर बनी हुई है।


संबंधित समाचार