नई दिल्ली। भारत की मेजबानी में आयोजित 18वें BRICS Summit 2026 का रविवार को दूसरा और अंतिम दिन है। नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित इस शिखर सम्मेलन में BRICS सदस्य देशों के साथ-साथ पार्टनर और आउटरीच देशों के नेता भी शामिल हो रहे हैं। सम्मेलन के दूसरे दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कार्यक्रम काफी व्यस्त रहने वाला है। प्रधानमंत्री मोदी आज कई देशों के राष्ट्राध्यक्षों और शीर्ष नेताओं के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। प्रस्तावित बैठकों में दक्षिण अफ्रीका, कजाकिस्तान, फिलीपींस, मिस्र, बुरुंडी, युगांडा और नाइजीरिया के नेताओं के साथ बातचीत शामिल है। इन मुलाकातों में द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के साथ व्यापार, ऊर्जा, सुरक्षा और क्षेत्रीय सहयोग जैसे मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।
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BRICS Summit का दूसरा दिन क्यों है खास?
BRICS Summit के दूसरे दिन का मुख्य आकर्षण इसका ओपन सेशन होगा। इस सत्र में BRICS सदस्य देशों के साथ पार्टनर और आउटरीच देशों के नेता हिस्सा लेंगे। चर्चा का मुख्य केंद्र भारत की BRICS अध्यक्षता के चार प्रमुख स्तंभ होंगे—
Resilience यानी लचीलापन
Innovation यानी नवाचार
Cooperation यानी सहयोग
Sustainability यानी सतत विकास
ओपन सेशन का विषय ‘Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability: Shaping the Future for Inclusive Global Growth’ रखा गया है। इसमें वैश्विक आर्थिक व्यवस्था में हो रहे बदलाव, ग्लोबल साउथ की भूमिका और समावेशी विकास को लेकर विचार-विमर्श होगा।
ग्लोबल साउथ और वैकल्पिक भुगतान व्यवस्था पर फोकस
BRICS के दूसरे दिन की चर्चा में ग्लोबल साउथ के लिए संस्थागत सुधार, वैकल्पिक क्रॉस-बॉर्डर पेमेंट सिस्टम और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की पहुंच जैसे अहम विषय भी शामिल हैं। बदलती वैश्विक अर्थव्यवस्था के बीच BRICS देशों के बीच आर्थिक और तकनीकी सहयोग बढ़ाने पर भी जोर दिया जा सकता है। भारत की अध्यक्षता में समिट के एजेंडे में विकास, नवाचार और टिकाऊ वैश्विक सहयोग को प्रमुखता दी गई है।
पीएम मोदी की 7 अहम द्विपक्षीय बैठकें
समिट के दूसरे दिन दोपहर के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अलग-अलग देशों के नेताओं के साथ वन-ऑन-वन बैठकें प्रस्तावित हैं। इन बैठकों में दक्षिण अफ्रीका, कजाकिस्तान, फिलीपींस, मिस्र, बुरुंडी, युगांडा और नाइजीरिया के नेता शामिल होंगे। इन वार्ताओं के दौरान व्यापारिक मार्गों, ऊर्जा सुरक्षा, रणनीतिक साझेदारी, रक्षा सहयोग और द्विपक्षीय संबंधों से जुड़े मुद्दों पर बातचीत होने की उम्मीद है।
भारत मंडपम पहुंचे कई देशों के नेता
BRICS Summit के दूसरे दिन नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में विदेशी नेताओं के पहुंचने का सिलसिला जारी है। कजाकिस्तान के राष्ट्रपति कासिम-जोमार्ट टोकायेव और सऊदी अरब के विदेश मंत्री फैसल बिन फरहान अल सऊद भी भारत मंडपम पहुंचे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आमंत्रित देशों के नेताओं का स्वागत किया। इनमें मलेशिया, बेलारूस, कजाकिस्तान, नाइजीरिया और युगांडा समेत कई देशों के प्रतिनिधि शामिल हैं।
सुबह फैमिली फोटो, फिर ओपन सेशन
BRICS Summit के दूसरे दिन कार्यक्रम की शुरुआत पार्टनर और आउटरीच देशों के नेताओं के आगमन से हुई। इसके बाद करीब 10:35 बजे BRICS Family Photo आयोजित की गई। इसमें सदस्य देशों, पार्टनर देशों और आउटरीच प्रतिनिधियों के प्रमुख शामिल हुए। इसके बाद मुख्य ओपन सेशन आयोजित किया गया, जिसमें समावेशी वैश्विक विकास और BRICS सहयोग के भविष्य पर चर्चा हो रही है।
चीन को सौंपी जाएगी BRICS की अध्यक्षता
भारत की अध्यक्षता में आयोजित 18वें BRICS Summit के समापन के साथ ही संगठन की अध्यक्षता चीन को सौंपी जाएगी। इसके बाद भारतीय विदेश मंत्रालय की ओर से समिट की समापन प्रेस ब्रीफिंग आयोजित की जाएगी। समिट के पहले दिन BRICS देशों ने नई दिल्ली घोषणा 2026 को सर्वसम्मति से मंजूरी दी थी। इस घोषणा में व्यापार, आतंकवाद से मुकाबला, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और BRICS संस्थागत सुधार जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर साझा रुख सामने आया।
पहले दिन दिखी मोदी, पुतिन और जिनपिंग की गर्मजोशी
BRICS Summit के पहले दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और अन्य BRICS नेताओं के बीच कई अनौपचारिक और गर्मजोशी भरे पल देखने को मिले। नेताओं ने एक-दूसरे से मुलाकात की, हाथ मिलाया और बातचीत की। समिट के दौरान नेताओं का ग्रुप फोटो सेशन भी हुआ, जिसमें BRICS देशों की एकजुटता का संदेश दिखाई दिया। बता दें कि BRICS Summit 2026 का दूसरा दिन भारत के लिए कूटनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। एक तरफ वैश्विक विकास, AI, व्यापार और ग्लोबल साउथ जैसे मुद्दों पर BRICS नेताओं के बीच चर्चा होगी, वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सात देशों के नेताओं के साथ प्रस्तावित द्विपक्षीय बैठकें भारत के रणनीतिक और आर्थिक हितों के लिहाज से अहम रहेंगी। इस दौरान नई दिल्ली डिक्लेरेशन को मंजूरी दी गई है। इसमें आतंकवाद के खिलाफ सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया है। साथ ही पहलगाम में हुए आतंकी हमले की भी निंदा की गई है। सम्मेलन में सदस्य देशों के बीच सहयोग को मजबूत करने और वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए साझा प्रयासों पर भी चर्चा हुई।
आज PM मोदी की कई अहम द्विपक्षीय बैठकें
BRICS Summit के अंतिम दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चार वैश्विक नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकें प्रस्तावित हैं। इन मुलाकातों में द्विपक्षीय संबंधों, व्यापार, आर्थिक सहयोग और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर बातचीत होने की उम्मीद है। अंतिम दिन भारत मंडपम में ‘Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability: Shaping the Future for Inclusive Global Growth’ विषय पर ओपन सेशन आयोजित किया जा रहा है।
दिल्ली में ट्रैफिक पर भी असर
BRICS Summit के अंतिम दिन सुरक्षा व्यवस्था के चलते दिल्ली में यातायात व्यवस्था में बदलाव किया गया है। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के अनुसार सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक कई प्रमुख मार्गों पर डायवर्जन और यातायात नियंत्रण लागू रहेगा। करीब 22 प्रमुख डायवर्जन प्वाइंट बनाए गए हैं और 35 से अधिक सड़कों पर यातायात प्रभावित होने की संभावना है। सरदार पटेल मार्ग, मदर टेरेसा क्रिसेंट, तीन मूर्ति मार्ग, अकबर रोड, जनपथ, अशोक रोड, बाराखंभा रोड, टॉल्स्टॉय मार्ग, मथुरा रोड, लोधी रोड, अफ्रीका एवेन्यू और एपीजे अब्दुल कलाम रोड जैसे प्रमुख रास्तों पर आम वाहनों की आवाजाही प्रभावित हो सकती है।
BRICS Summit 2026: आज किन बातों पर रहेगी नजर?
BRICS Summit 2026 का आज 13 सितंबर को अंतिम दिन।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चार वैश्विक नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकें प्रस्तावित।
BRICS की साझा मुद्रा को लेकर फिलहाल कोई प्रस्ताव नहीं।
सदस्य देशों की राष्ट्रीय मुद्राओं में व्यापार और भुगतान को बढ़ावा देने पर फोकस।
नई दिल्ली डिक्लेरेशन को मंजूरी।
डिक्लेरेशन में आतंकवाद के खिलाफ सहयोग और पहलगाम हमले की निंदा।
दिल्ली में सुरक्षा के कारण कई मार्गों पर ट्रैफिक डायवर्जन।