होम
देश
दुनिया
राज्य
खेल
अध्यात्म
मनोरंजन
सेहत
जॉब अलर्ट
जरा हटके
फैशन/लाइफ स्टाइल

 

Bhopal Nagar Nigam Meeting: स्लॉटर हाउस और दूषित पानी के हंगामे की भेंट चढ़ा सदन

Bhopal Nagar Nigam Meeting: स्लॉटर हाउस और दूषित पानी के हंगामे की भेंट चढ़ा सदन

Bhopal Nagar Nigam Meeting : भोपाल नगर निगम परिषद की बैठक बुधवार को भारी हंगामे और नारेबाजी के बीच अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई। बैठक शुरू होने से पहले ही शहर के अलग-अलग मुद्दों को लेकर माहौल गरमा गया। एक ओर ब्रज बिहार कॉलोनी के रहवासियों ने दूषित पानी और नल कनेक्शन काटे जाने के विरोध में नगर निगम कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया, तो दूसरी ओर स्लॉटर हाउस में गोमांस मिलने के मामले ने परिषद की बैठक को पूरी तरह बाधित कर दिया।

दूषित पानी और नल कनेक्शन काटे जाने पर हंगामा

ब्रज बिहार कॉलोनी के रहवासियों का आरोप है कि नगर निगम ने बिना किसी पूर्व सूचना के चार दिन पहले उनका नल कनेक्शन काट दिया, जिससे बुजुर्गों और बच्चों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि वे दूषित पानी को उबालकर पीने को मजबूर हैं। कॉलोनीवासियों ने नगर निगम के बाहर जमकर विरोध प्रदर्शन किया और कनेक्शन तत्काल बहाल करने की मांग की।

स्लॉटर हाउस मुद्दे पर परिषद में उबाल

इधर, नगर निगम परिषद की बैठक शुरू होने से पहले स्लॉटर हाउस में गोमांस मिलने के मामले को लेकर भाजपा और कांग्रेस दोनों दलों के पार्षद आमने-सामने आ गए। भाजपा पार्षद देवेंद्र भार्गव ने कपड़ों पर पोस्टर लगाकर विरोध जताया, जिस पर लिखा था, “कटती गैया करे पुकार, बंद करो ये अत्याचार”। बैठक शुरू होने से पहले ही सदन में नारेबाजी शुरू हो गई।

महापौर के इस्तीफें की मांग

कांग्रेस पार्षदों ने महापौर और मेयर-इन-काउंसिल से इस्तीफे की मांग करते हुए हाथों में पोस्टर लेकर नारे लगाए, कि “गौ माता हम शर्मिंदा हैं, तेरे कातिल जिंदा हैं”। कांग्रेस का आरोप है कि परिषद की अनुमति के बिना स्लॉटर हाउस खोला गया, जबकि पूर्व में तत्कालीन महापौर आलोक शर्मा के कार्यकाल में इसे निरस्त किया जा चुका था।

सदन में भारी हंगामा, कार्रवाई की मांग

बैठक शुरू होते ही कांग्रेस पार्षदों ने आसंदी घेर ली और एफआईआर दर्ज करने तथा जिम्मेदार अधिकारियों के निलंबन की मांग पर अड़ गए। नगर निगम अध्यक्ष ने कहा कि पूरा शहर इस मामले से आक्रोशित है और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। महापौर मालती राय ने स्पष्ट किया कि इस मुद्दे पर केवल चर्चा नहीं बल्कि ठोस कार्रवाई होनी चाहिए। सत्ता और विपक्ष दोनों एक स्वर में दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग करते नजर आए। भाजपा पार्षदों ने कहा कि जब तक जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं होती, वे अपनी कुर्सियों पर नहीं बैठेंगे।

नगर निगम का बड़ा एक्शन

हंगामे के बीच नगर निगम ने बड़ा फैसला लेते हुए संबंधित फर्म को जीवनभर के लिए ब्लैकलिस्ट करने के निर्देश दिए। साथ ही मामले में संलिप्त 11 कर्मचारियों को निलंबित करने और एफआईआर दर्ज कराने के आदेश भी जारी किए गए। निगम अध्यक्ष ने कहा कि भोपाल में स्लॉटर हाउस चलाना कोई मजबूरी नहीं है और राजधानी को “मांस की मंडी” नहीं बनने दिया जाएगा।

भाजपा पार्षद के इस्तीफे की चेतावनी

भाजपा पार्षद देवेंद्र भार्गव बाइट देते समय भावुक हो गए और उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े। उन्होंने कहा कि यदि तय समयसीमा तक अधिकारियों को निलंबित नहीं किया गया, तो वे इस्तीफा दे देंगे। इसके बाद सदन को कुछ समय के लिए स्थगित कर दिया गया।

विपक्ष का आरोप

नेता प्रतिपक्ष साबिस्ता जकी ने आरोप लगाया कि स्लॉटर हाउस का मामला जानबूझकर परिषद की अनदेखी कर पारित किया गया। उन्होंने कहा कि महापौर और मेयर-इन-काउंसिल की जिम्मेदारी बनती थी कि वे फाइलों का अध्ययन करें। उनके अनुसार, इस पूरे मामले की नैतिक जिम्मेदारी महापौर की है और उन्हें इस्तीफा देना चाहिए।

डॉक्टर बेनी प्रसास निलंबित

स्लॉटर हाउस मामले में डॉक्टर बेनी प्रसाद गोरी को निलंबित किए जाने के आदेश जारी किए गए, इसके बावजूद बैठक दोबारा शुरू होते ही फिर से हंगामा शुरू हो गया। कांग्रेस पार्षद सदन में नीचे बैठकर नारेबाजी करते रहे, वहीं भाजपा पार्षदों ने भी जवाबी नारे लगाए।

हंगामे के बीच ये प्रस्ताव पारित

हंगामे के बीच परिषद ने कुछ अहम प्रस्ताव भी पारित किए। विवाह पंजीयन शुल्क को 60 दिन के भीतर आवेदन करने पर 130 रुपये करने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित हुआ। इसके अलावा नल कनेक्शन को बल्क से व्यक्तिगत कनेक्शन में बदलने, 801 करोड़ रुपये की योजना, ग्रीन म्युनिसिपल बॉन्ड के जरिए अमृत 2.0 योजना के लिए 200 करोड़ जुटाने जैसे प्रस्ताव भी बहुमत से पास किए गए।

अनिश्चितकाल के लिए बैठक स्थगित

लगातार हंगामे और नारेबाजी के चलते नगर निगम परिषद की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई।


संबंधित समाचार