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भावना बोहरा की 151 किमी कांवड़ पदयात्रा का दूसरा दिन पूरा, जंगल-पहाड़ों के बीच गूंजा ‘बोल बम’

भावना बोहरा की 151 किमी कांवड़ पदयात्रा का दूसरा दिन पूरा, जंगल-पहाड़ों के बीच गूंजा ‘बोल बम’

महेश मिश्रा - कवर्धा। सावन के पावन महीने में भगवान शिव की भक्ति और आस्था के साथ पंडरिया विधायक भावना बोहरा की 151 किलोमीटर लंबी कांवड़ पदयात्रा जारी है। मां नर्मदा के उद्गम स्थल अमरकंटक से भोरमदेव मंदिर तक निकाली जा रही इस यात्रा का दूसरा दिन भी श्रद्धा और उत्साह के साथ पूरा हुआ। इस दौरान बड़ी संख्या में कांवड़िए नदी, पहाड़ी रास्तों, पथरीले मार्गों और घने जंगलों से गुजरते हुए आगे बढ़े।

लमनी से महामाई तक कांवड़ियों के साथ पैदल चलीं भावना बोहरा

कांवड़ यात्रा के दूसरे दिन ग्राम लमनी से वन ग्राम महामाई (खुड़िया) तक का सफर तय किया गया। सुबह कांवड़ की विधिवत पूजा-अर्चना के बाद यात्रा शुरू हुई। विधायक भावना बोहरा भी श्रद्धालुओं के साथ पूरे रास्ते पैदल चलीं।

यात्रा के दौरान कांवड़ियों ने वनांचल के दुर्गम रास्तों को पार किया और महामाई में दूसरे दिन का पड़ाव पूरा किया। यह पदयात्रा 10 अगस्त से 16 अगस्त तक प्रस्तावित है। यात्रा के पहले दिन अमरकंटक स्थित मां नर्मदा मंदिर से ग्राम लमनी तक करीब 600 श्रद्धालुओं ने पैदल सफर पूरा किया था।

मुश्किल रास्तों के बीच जारी रहा ‘हर हर महादेव’ का जयघोष

कांवड़ यात्रा के दूसरे दिन श्रद्धालुओं को कई चुनौतीपूर्ण रास्तों से होकर गुजरना पड़ा। कहीं नदी का रास्ता आया तो कहीं पहाड़ और पथरीले मार्ग सामने रहे। घने जंगलों के बीच से गुजरते हुए कांवड़िए लगातार ‘बोल बम’ और ‘हर हर महादेव’ के जयघोष करते रहे।

दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद श्रद्धालुओं के उत्साह में कोई कमी नहीं दिखाई दी। भक्ति और आस्था के माहौल में कांवड़िए पूरे जोश के साथ यात्रा में आगे बढ़ते रहे।

‘यह केवल पदयात्रा नहीं, संकल्प और साधना की यात्रा है’

विधायक भावना बोहरा ने कहा कि अमरकंटक से भोरमदेव तक की यह यात्रा उनके लिए सिर्फ 151 किलोमीटर की पदयात्रा नहीं है, बल्कि आस्था, साधना, संकल्प और जनकल्याण से जुड़ी आध्यात्मिक यात्रा है।

उन्होंने कहा कि मां नर्मदा के पवित्र उद्गम स्थल से भोरमदेव धाम तक का मार्ग प्रकृति, संस्कृति और सनातन आस्था से जोड़ने वाला है। जंगल, पहाड़ और पथरीले रास्तों के बीच महादेव की भक्ति यात्रा को आगे बढ़ाने की प्रेरणा दे रही है।

छत्तीसगढ़ की सुख-समृद्धि के लिए की जा रही प्रार्थना

भावना बोहरा ने बताया कि सावन के इस पवित्र अवसर पर भगवान भोलेनाथ और मां नर्मदा से छत्तीसगढ़ की सुख-समृद्धि की कामना की जा रही है। उन्होंने किसानों की खुशहाली, युवाओं के उज्ज्वल भविष्य, माताओं और बहनों के सम्मान तथा प्रत्येक परिवार के मंगलमय जीवन के लिए प्रार्थना किए जाने की बात कही।

उन्होंने कहा कि यात्रा के दौरान लोगों का मिल रहा समर्थन और कांवड़ियों के साथ गूंज रहा ‘बोल बम’ का जयघोष लगातार उत्साह बढ़ा रहा है।

हरियाली और जंगलों के बीच दिखी आध्यात्मिक यात्रा की अलग छटा

पदयात्रा के दौरान वनांचल की हरियाली और प्राकृतिक वातावरण ने यात्रा को और खास बना दिया। घने जंगलों के बीच चलती ठंडी हवाओं और शांत वातावरण के बीच श्रद्धालु भगवान शिव की भक्ति में आगे बढ़ते रहे।

भावना बोहरा ने कहा कि लंबा और कठिन रास्ता होने के बावजूद कांवड़ियों के उत्साह में कमी नहीं आई है। मां नर्मदा के पवित्र जल और भगवान भोलेनाथ के प्रति श्रद्धा ने यात्रा की कठिनाइयों को आसान बना दिया है।

भोरमदेव धाम में जलाभिषेक के साथ पूरा होगा संकल्प

151 किलोमीटर लंबी यह कांवड़ पदयात्रा भोरमदेव मंदिर पहुंचने के बाद जलाभिषेक के साथ पूर्ण होगी। विधायक भावना बोहरा ने विश्वास जताया कि मां नर्मदा की कृपा और भगवान महादेव के आशीर्वाद से यात्रा सफलतापूर्वक पूरी होगी।

भोरमदेव धाम में जलाभिषेक के दौरान छत्तीसगढ़ के विकास, सुख-समृद्धि और सर्वमंगल की कामना के साथ यात्रा का संकल्प पूरा किया जाएगा।


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