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एशियन चैंपियंस ट्रॉफी 2026: भारत ने जापान को 4-1 से रौंदा, छठी बार जीता खिताब

एशियन चैंपियंस ट्रॉफी 2026: भारत ने जापान को 4-1 से रौंदा, छठी बार जीता खिताब

Asian Champions Trophy 2026: भारतीय हॉकी टीम ने एशियन चैंपियंस ट्रॉफी 2026 के फाइनल में शानदार खेल दिखाते हुए एक बार फिर अपनी बादशाहत साबित कर दी। हरमनप्रीत सिंह की अगुवाई में भारतीय टीम ने जापान को 4-1 से करारी शिकस्त देकर रिकॉर्ड छठी बार टूर्नामेंट का खिताब जीत लिया। खास बात यह रही कि मुकाबले की शुरुआत में 0-1 से पिछड़ने के बावजूद भारतीय खिलाड़ियों ने जबरदस्त वापसी की और आखिरी क्वार्टर में लगातार गोल दागकर जापान की उम्मीदों पर पानी फेर दिया।

फाइनल मुकाबले में जापान ने आक्रामक शुरुआत करते हुए तीसरे मिनट में ही गोल कर भारत को बैकफुट पर धकेल दिया। शुरुआती बढ़त मिलने के बाद जापानी टीम ने अपनी रक्षापंक्ति को मजबूत रखा और भारतीय खिलाड़ियों को गोल करने के मौके नहीं दिए। मौजूदा चैंपियन भारत ने बराबरी के लिए लगातार प्रयास किए, लेकिन शुरुआती दो क्वार्टर में जापान की चुनौती बरकरार रही।

शिलानंद लाकड़ा के गोल से भारत ने की दमदार वापसी

मुकाबले का रुख तीसरे क्वार्टर में बदलना शुरू हुआ। भारतीय खिलाड़ी शिलानंद लाकड़ा ने शानदार फिनिशिंग करते हुए गेंद को जापान के गोलपोस्ट में पहुंचा दिया। इस गोल के साथ भारत ने स्कोर 1-1 कर लिया। बराबरी हासिल करने के बाद भारतीय टीम का आत्मविश्वास काफी बढ़ गया। खिलाड़ियों ने आक्रामक रणनीति अपनाई और जापान के डिफेंस पर लगातार दबाव बनाना शुरू कर दिया। तीसरे क्वार्टर में मिले इस गोल ने भारत के लिए खिताबी जीत का रास्ता तैयार कर दिया।

आखिरी क्वार्टर में भारतीय खिलाड़ियों ने दागे तीन गोल

चौथे क्वार्टर में भारतीय हॉकी टीम का आक्रामक अंदाज देखने को मिला। भारत ने एक के बाद एक तीन गोल करके मुकाबले को पूरी तरह अपने पक्ष में कर लिया। सबसे पहले दिलप्रीत सिंह ने शानदार गोल करते हुए भारत को 2-1 की बढ़त दिलाई। इसके बाद जुगराज सिंह ने गेंद को गोलपोस्ट में पहुंचाकर स्कोर 3-1 कर दिया। लगातार दो गोल खाने के बाद जापान की टीम दबाव में आ गई और मुकाबले में वापसी की उसकी संभावनाएं कमजोर पड़ गईं।

मैच के अंतिम दौर में विवेक सागर प्रसाद ने चौथा गोल दागकर भारत की जीत सुनिश्चित कर दी। जापानी गोलकीपर से मिले रिबाउंड का फायदा उठाते हुए विवेक ने स्ट्राइकिंग सर्किल के किनारे से शानदार शॉट लगाया। गेंद गोलकीपर के पैरों के बीच से निकलकर सीधे गोलपोस्ट में जा पहुंची। इसके साथ ही भारत ने 4-1 की निर्णायक बढ़त हासिल कर ली।

छठी बार खिताब जीतकर भारत ने बनाया नया रिकॉर्ड

जापान के खिलाफ फाइनल में मिली इस जीत के साथ भारतीय हॉकी टीम ने एशियन चैंपियंस ट्रॉफी में अपना दबदबा और मजबूत कर लिया। टीम ने छठी बार चैंपियन बनकर टूर्नामेंट के इतिहास में नया कीर्तिमान स्थापित किया।

इस मुकाबले में भारतीय टीम की सबसे बड़ी ताकत उसका धैर्य और दबाव में शानदार प्रदर्शन रहा। शुरुआती मिनटों में पिछड़ने के बावजूद खिलाड़ियों ने हार नहीं मानी। तीसरे क्वार्टर में बराबरी करने के बाद भारत ने अंतिम क्वार्टर में अपने आक्रामक खेल से जापान को पूरी तरह पछाड़ दिया।

यह जीत भारतीय हॉकी के लिए एक और बड़ी उपलब्धि है। हरमनप्रीत सिंह की कप्तानी में टीम ने साबित कर दिया कि मुश्किल परिस्थितियों में भी वापसी करने और बड़े मुकाबलों में जीत हासिल करने का उसका जज्बा बरकरार है।
 


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