बिलासपुर रेल मंडल में एक बार फिर रेल संचालन की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। सिग्नल ओवरशूट की घटना के चलते एक मालगाड़ी के नौ वैगन पटरी से उतर गए। हादसे के बाद रेलवे प्रशासन में हड़कंप मच गया और विभागीय टीम ने जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है।
रात 2:52 बजे अचानक रुकी ट्रेन
जानकारी के मुताबिक 26 फरवरी को चालक प्रमोद कुमार और सहायक चालक महाकेश मीणा बिजूरी से खाली एन बॉक्स मालगाड़ी लेकर रवाना हुए थे। सोनपुर स्टेशन पार करने के बाद देर रात करीब 2 बजकर 52 मिनट पर अचानक बीपी प्रेशर ड्रॉप हुआ और ट्रेन रुक गई।
चालक का कहना है कि उस समय ट्रेन की रफ्तार लगभग 40 किलोमीटर प्रति घंटा थी और इंजन या गाड़ी में पहले से किसी तकनीकी खराबी की जानकारी नहीं थी।
जांच में सामने आया डिरेलमेंट
ट्रेन रुकने के बाद सहायक चालक को स्थिति जांचने के लिए भेजा गया। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि इंजन से जुड़े 13वें से 19वें वैगन तक तथा ब्रेकवैन से दूसरे और तीसरे वैगन सहित कुल 9 डिब्बे पटरी से उतर चुके थे।
घटना की सूचना मिलते ही रेलवे के अधिकारी मौके पर पहुंचे और ट्रैक बहाली का काम शुरू कराया गया।
सुरक्षा प्रणाली पर उठे सवाल
बिलासपुर रेल मंडल में डिरेलमेंट और सिग्नल से जुड़ी घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। ऑटोमेटिक सिग्नलिंग सिस्टम लागू होने के बावजूद ऐसी घटनाओं का सिलसिला थम नहीं रहा है। कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी (CRS) पहले भी मंडल की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा चुके हैं। फिलहाल विभागीय अधिकारी पूरे मामले की विस्तृत जांच कर रहे हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।