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Budget Session 2026: लोकसभा में अनुशासनहीनता पर कड़ा एक्शन,चेयर की ओर कागज उछालने पर 8 विपक्षी सांसद पूरे बजट सत्र से सस्पेंड...

Budget Session 2026: लोकसभा में अनुशासनहीनता पर कड़ा एक्शन,चेयर की ओर कागज उछालने पर 8 विपक्षी सांसद पूरे बजट सत्र से सस्पेंड...

Lok Sabha Budget Session: संसद के बजट सत्र के दौरान मंगलवार को लोकसभा में जबरदस्त हंगामा देखने को मिला। विपक्षी सांसदों द्वारा पीठासीन अधिकारी की कुर्सी की ओर कागज उछाले जाने के बाद स्पीकर ने सख्त रुख अपनाते हुए 8 सांसदों को पूरे बजट सत्र के लिए निलंबित कर दिया।

स्पीकर के फैसले से बढ़ा बवाल:

घटना के बाद सदन में माहौल और ज्यादा तनावपूर्ण हो गया। विपक्षी सांसदों के निलंबन के विरोध में जोरदार नारेबाजी हुई, जिसके चलते लोकसभा की कार्यवाही बुधवार सुबह तक के लिए स्थगित कर दी गई।

किरेन रिजिजू ने रखा निलंबन प्रस्ताव:

तीन बजे जब लोकसभा की कार्यवाही दोबारा शुरू हुई, तब पीठासीन अधिकारी ने अनुशासनहीन व्यवहार करने वाले सांसदों को “नेम” करने की बात कही। इसके बाद संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने दोषी सांसदों को शेष बजट सत्र से निलंबित करने का प्रस्ताव पेश किया, जिसे सदन ने ध्वनिमत से मंजूरी दे दी।

ये सांसद हुए सस्पेंड:

नियमों के उल्लंघन के आरोप में जिन सांसदों को निलंबित किया गया, उनमें मणिकम टैगोर, गुरजीत औजला, राजा वडिंग, हिबी ईडन, किरण रेड्डी, प्रशांत पोडोले और वेंकट रमन शामिल हैं, हालांकि प्रस्ताव पारित होने के बाद भी कुछ विपक्षी सदस्यों ने चेयर की ओर कागज फेंकने का सिलसिला जारी रखा।

विपक्ष का आरोप, सत्ता पक्ष का पलटवार:

विपक्षी दलों का कहना है कि उन्हें अहम मुद्दों पर बोलने का अवसर नहीं दिया जा रहा, जबकि सत्ता पक्ष ने इस पूरे घटनाक्रम को संसद की गरिमा और लोकतांत्रिक मूल्यों का अपमान बताया है।

संसद परिसर में प्रदर्शन:

निलंबन के बाद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा के नेतृत्व में विपक्षी सांसदों ने संसद परिसर में गांधी प्रतिमा के सामने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। विपक्ष ने सरकार पर तानाशाही रवैये का आरोप लगाते हुए कार्रवाई को गलत ठहराया।

पिछले दिन दिया था अंतरराष्ट्रीय आर्टिकल का हवाला:

जानकारी के मुताबिक लोकसभा में बजट सत्र के पांचवें दिन राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा की शुरुआत होते ही सदन में तीखा राजनीतिक टकराव देखने को मिला। चर्चा की शुरुआत नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने की, लेकिन उनका भाषण शुरू होते ही सदन का माहौल गरमा गया और अंततः कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। राहुल गांधी ने अपने भाषण की शुरुआत यह कहते हुए की कि उन्होंने अपने पिछले दिन के भाषण में एक अंतरराष्ट्रीय आर्टिकल का हवाला दिया था, जिसे वे अब औपचारिक रूप से प्रमाणित कराना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति के अभिभाषण में उठाए गए मुद्दे सीधे तौर पर राष्ट्रीय सुरक्षा और भारत के वैश्विक रिश्तों से जुड़े हैं, खासकर अमेरिका, चीन और पाकिस्तान के संदर्भ में। इस पर पीठासीन कृष्णा प्रसाद तेन्नेटी ने राहुल गांधी से संबंधित दस्तावेज सदन के पटल पर रखने को कहा और यह भी अनुरोध किया कि वे राष्ट्रपति के अभिभाषण तक ही अपनी बात सीमित रखें।

लद्दाख मुद्दे पर टकराव: 

राहुल गांधी द्वारा पूर्वी लद्दाख में भारत-चीन संघर्ष का जिक्र किए जाने पर संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कड़ा विरोध जताया। रिजिजू ने कहा कि इस मुद्दे पर पहले ही स्पीकर की रूलिंग आ चुकी है और दोबारा चर्चा नियमों के खिलाफ है। इसी दौरान उन्होंने कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल का नाम लिया, जिससे विवाद और बढ़ गया। केसी वेणुगोपाल ने अपनी सीट से खड़े होकर आरोप लगाया कि संसदीय कार्य मंत्री सदन को गुमराह कर रहे हैं और उन्होंने व्यक्तिगत बातचीत का हवाला दिया। इसी बीच किसी सदस्य द्वारा ‘यार’ शब्द कहे जाने पर पीठासीन अधिकारी भड़क गए और कड़ी आपत्ति जताई।

राहुल गांधी का तीखा जवाब: 

राहुल गांधी ने कहा कि उन्हें बोलने की कोई “इजाजत” नहीं दी जा रही, बल्कि विपक्ष के नेता के तौर पर बोलना उनका संवैधानिक अधिकार है। उन्होंने जोर देकर कहा कि राष्ट्रपति का अभिभाषण देश की दिशा और रणनीति तय करता है और चीन-अमेरिका टकराव आज भारत की विदेश नीति और बजट दोनों का केंद्रीय मुद्दा है। जैसे ही राहुल गांधी ने पूर्वी लद्दाख में सैनिकों की शहादत का जिक्र किया, सत्तापक्ष के सदस्यों ने जोरदार हंगामा शुरू कर दिया।

विपक्ष का विरोध और सदन स्थगित:

पीठासीन ने विपक्षी सांसदों से शांति बनाए रखने की अपील की और अगले वक्ताओं के नाम लिए, लेकिन विपक्षी सांसदों ने राहुल गांधी के समर्थन में बोलने से इनकार कर दिया। इसके बाद एनडीए सांसद को बोलने का मौका दिया गया, जिससे नाराज विपक्ष वेल में आ गया। नारेबाजी, कागज उछाले जाने और बढ़ते हंगामे के बीच पीठासीन अधिकारी ने लोकसभा की कार्यवाही स्थगित कर दी।


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