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72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों का बदला ठिकाना, पहली बार दिल्ली के बाहर होगा भव्य आयोजन

72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों का बदला ठिकाना, पहली बार दिल्ली के बाहर होगा भव्य आयोजन

72nd National Film Awards: भारतीय सिनेमा के प्रतिष्ठित राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों को लेकर इस साल बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों का समारोह इस बार राजधानी दिल्ली में आयोजित नहीं किया जाएगा। समारोह के लिए गुजरात के केवड़िया को चुना गया है। खास बात यह है कि राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह के इतिहास में पहली बार इसका आयोजन दिल्ली से बाहर होने जा रहा है।

22 सितंबर को केवड़िया में होगा समारोह

जानकारी के मुताबिक, 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों का भव्य समारोह 22 सितंबर को गुजरात के केवड़िया में आयोजित किया जाएगा। अब तक लंबे समय से इस प्रतिष्ठित अवॉर्ड समारोह की मेजबानी नई दिल्ली करती रही है। ऐसे में केवड़िया में आयोजन का फैसला राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों के लिहाज से एक महत्वपूर्ण बदलाव माना जा रहा है। केवड़िया अपनी खास पहचान और पर्यटन स्थलों के लिए जाना जाता है। राष्ट्रीय स्तर के इस प्रतिष्ठित आयोजन के लिए इस स्थान का चयन समारोह को एक अलग आकर्षण देने वाला है।

कार्तिक आर्यन और ममूटी को मिला सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का सम्मान

72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में अभिनय के क्षेत्र में कार्तिक आर्यन और ममूटी को संयुक्त रूप से सर्वश्रेष्ठ अभिनेता के पुरस्कार के लिए चुना गया है। कार्तिक आर्यन को फिल्म 'चंदू चैंपियन' में उनके अभिनय के लिए सम्मान मिला है, जबकि दिग्गज अभिनेता ममूटी को 'ब्रह्मयुगम' में शानदार अभिनय के लिए यह पुरस्कार दिया गया है। राष्ट्रीय पुरस्कार की घोषणा के बाद कार्तिक आर्यन ने अपनी खुशी जाहिर की। उन्होंने इस उपलब्धि को अपने लंबे समय से देखे जा रहे सपने के पूरा होने जैसा बताया और इस सम्मान के लिए आभार व्यक्त किया।

'आर्टिकल 370' को सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म का पुरस्कार

इस साल 'आर्टिकल 370' को सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म के राष्ट्रीय पुरस्कार से नवाजा गया है। फिल्म को उसकी कहानी और प्रभावशाली प्रस्तुति के लिए यह प्रतिष्ठित सम्मान मिला है। वहीं 'भंगार' को सर्वश्रेष्ठ नॉन-फीचर फिल्म और 'राम-नामी' को सर्वश्रेष्ठ डॉक्यूमेंट्री के तौर पर चुना गया है। इन पुरस्कारों के जरिए फीचर फिल्मों के अलावा डॉक्यूमेंट्री और नॉन-फीचर सिनेमा में किए गए उल्लेखनीय काम को भी राष्ट्रीय मंच पर पहचान मिली है।

क्यों खास हैं राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार?

राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार भारतीय सिनेमा के सबसे प्रतिष्ठित सम्मानों में शामिल हैं। इन पुरस्कारों के जरिए फिल्मों, कलाकारों, तकनीशियनों और सिनेमा से जुड़े रचनात्मक कार्यों को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान दिया जाता है। फीचर फिल्म, नॉन-फीचर फिल्म, डॉक्यूमेंट्री और सिनेमा लेखन समेत अलग-अलग श्रेणियों में बेहतरीन योगदान देने वाले रचनाकारों को इन पुरस्कारों के माध्यम से सम्मानित किया जाता है। इस बार समारोह का दिल्ली से बाहर गुजरात के केवड़िया में होना भी राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों के इतिहास में एक नई शुरुआत के तौर पर देखा जा रहा है।
 


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