
Hajj 2026: मक्का में हज की शुरुआत, 15 लाख से ज्यादा हाजियों के लिए सऊदी अरब के हाईटेक इंतजाम...
Hajj 2026 की शुरुआत के साथ सऊदी अरब का पवित्र शहर Mecca पूरी तरह श्रद्धालुओं से भरने लगा है। मंगलवार 26 मई 2026 से शुरू हो रही इस पवित्र यात्रा के लिए दुनिया भर से लाखों मुस्लिम श्रद्धालु सऊदी अरब पहुंच चुके हैं। प्रशासन के अनुसार, करीब 15 लाख से अधिक हाजियों को अगले कुछ घंटों में मक्का से मीना पहुंचाया जाएगा, जहां अगले पांच दिनों तक हज के मुख्य धार्मिक अनुष्ठान संपन्न होंगे। इस वर्ष भारत से लगभग 1 लाख 75 हजार 25 हज यात्री सऊदी अरब पहुंचे हैं। हाजियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए मीना में 45 हजार से अधिक आधुनिक और वातानुकूलित टेंट लगाए गए हैं। इन टेंटों में करीब 24 से 30 लाख श्रद्धालुओं के ठहरने की क्षमता बताई जा रही है। कई टेंटों में इस बार सोफा-कम-बेड और बेहतर कूलिंग सिस्टम जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं।
AI, ड्रोन और फेस रिकग्निशन से लैस हुई सुरक्षा व्यवस्था
सऊदी अरब सरकार ने हज 2026 को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए इस बार अत्याधुनिक तकनीकों का सहारा लिया है। करीब 1 लाख से अधिक सुरक्षा कर्मियों और पैरामिलिट्री जवानों को तैनात किया गया है। सुरक्षा व्यवस्था में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ड्रोन, थर्मल इमेजिंग, फेस रिकग्निशन सिस्टम और हजारों सीसीटीवी कैमरों का इस्तेमाल किया जा रहा है। भीड़ नियंत्रण और संदिग्ध गतिविधियों की निगरानी के लिए फिक्स्ड-विंग विमान भी तैनात किए गए हैं। सऊदी रक्षा मंत्रालय के यूनिफाइड सेफ्टी सिस्टम के तहत एयरफोर्स को पवित्र स्थलों के हवाई क्षेत्र की निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
बिना परमिट हज करने वालों पर सख्त कार्रवाई
सऊदी प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बिना वैध हज परमिट या वीजा के यात्रा करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। नियमों का उल्लंघन करने पर 20 हजार रियाल यानी करीब 5 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। वहीं विदेशी नागरिकों को तत्काल निर्वासित कर 10 वर्षों तक सऊदी अरब में प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया जा सकता है।
25 से 29 मई तक चलेगा मुख्य आयोजन
हज यात्रा का मुख्य आयोजन 25 मई से 29 मई 2026 तक चलेगा। 26 मई को अरफा का दिन होगा, जब सभी हाजी अराफात के मैदान में एकत्र होंगे। इसके अगले दिन 27 मई को सऊदी अरब में ईद-अल-अधा यानी बकरीद मनाई जाएगी, जबकि भारत में बकरीद 28 मई को मनाए जाने की संभावना है।
भारतीय हाजियों को मिली स्मार्टवॉच सुविधा
भारतीय हज समिति ने इस बार यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा के लिए स्मार्टवॉच उपलब्ध कराई है। जीपीएस और सिम कार्ड से लैस यह स्मार्टवॉच भीड़ में खोए यात्रियों की लोकेशन ट्रैक करने में मदद करेगी। इसके अलावा यह हृदय गति और शारीरिक गतिविधियों की निगरानी भी करेगी, जिससे जरूरत पड़ने पर तुरंत मेडिकल सहायता उपलब्ध कराई जा सकेगी। स्मार्टवॉच के जरिए हेल्पलाइन नंबर, जरूरी अलर्ट और हज कमेटी की अहम जानकारी सीधे यात्रियों तक पहुंचाई जाएगी।
गर्मी से बचाने के लिए खास इंतजाम
सऊदी अरब में बढ़ती गर्मी और हीट वेव को देखते हुए प्रशासन ने विशेष इंतजाम किए हैं। रास्तों पर पानी के फव्वारे, एयरकंडिशन शेल्टर और कूलिंग सिस्टम लगाए गए हैं। हाजियों को लगातार पानी की बोतलें और ORS पैकेट वितरित किए जा रहे हैं। इसके अलावा मक्का और पवित्र स्थलों को जोड़ने वाली Al Mashaaer Al Mugaddassah Metro सेवा में लाखों सीटें आरक्षित की गई हैं ताकि यात्रियों की आवाजाही सुचारू रूप से हो सके।
इस्लाम के पांच स्तंभों में शामिल है हज
हज इस्लाम के पांच बुनियादी स्तंभों में से एक माना जाता है। हर शारीरिक और आर्थिक रूप से सक्षम मुसलमान के लिए जीवन में कम से कम एक बार हज करना जरूरी माना गया है। यह यात्रा पैगंबर इब्राहिम और पैगंबर मुहम्मद की धार्मिक परंपराओं और शिक्षाओं का प्रतीक मानी जाती है। दुनिया भर से लाखों मुसलमानों का एक साथ एक स्थान पर जुटना भाईचारे, समानता और मानवता का संदेश देता है।
Publisher: INH 24x7
