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Guru Ravidas Jayanti 2026: माघ पूर्णिमा पर मनाई क्यों मनाई जाती है गुरु रविदास जयंती, जानिए इसका महत्व...

Guru Ravidas Jayanti 2026: माघ पूर्णिमा पर मनाई क्यों मनाई जाती है गुरु रविदास जयंती, जानिए इसका महत्व...

Guru Ravidas Jayanti 2026: देशभर में गुरु रविदास जयंती 2026 को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। हर साल माघ मास की पूर्णिमा तिथि को मनाई जाने वाली संत रविदास जयंती इस बार 1 फरवरी 2026, रविवार को श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाई जाएगी। यह अवसर विशेष रूप से उत्तर प्रदेश के वाराणसी में बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है, जहां हजारों श्रद्धालु देश-विदेश से पहुंचते हैं।

रविदास जयंती 2026 की तिथि:

हिंदू पंचांग के अनुसार, वर्ष 2026 में माघ पूर्णिमा तिथि
शुरू: 1 फरवरी 2026, सुबह 5:52 बजे
समाप्त: 2 फरवरी 2026, सुबह 3:38 बजे
इस आधार पर गुरु रविदास जी की 649वीं जयंती 1 फरवरी 2026 को मनाई जाएगी।

क्यों मनाई जाती है गुरु रविदास जयंती?

संत गुरु रविदास जी 15वीं शताब्दी के महान संत, समाज सुधारक और भक्त कवि थे। मान्यता है कि उनका जन्म संवत 1337 में माघ पूर्णिमा के दिन वाराणसी में हुआ था। उन्होंने अपने जीवन के माध्यम से समाज में फैली भेदभाव और असमानता के खिलाफ आवाज उठाई और समानता, प्रेम व करुणा का संदेश दिया। गुरु रविदास जी का मानना था कि ईश्वर की नजर में सभी मनुष्य समान हैं, चाहे वह अमीर हो या गरीब। उनके भजन और पद आज भी सामाजिक समरसता और मानवता का संदेश देते हैं।

वाराणसी में रविदास जयंती का विशेष महत्व:

गुरु रविदास जी की जन्मस्थली होने के कारण वाराणसी में यह पर्व बेहद भव्य तरीके से मनाया जाता है। गुरु रविदास जी की तस्वीरों के साथ भव्य शोभायात्राएं, मंदिरों और आश्रमों में विशेष पूजा-अर्चना, उनके भजनों और पदों का सामूहिक गायन किया जाता है,  सामाजिक एकता और भाईचारे का संदेश  रविदास जयंती न केवल एक धार्मिक पर्व है, बल्कि यह समानता, एकता और सामाजिक न्याय का प्रतीक भी है।


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