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US-ईरान परमाणु वार्ता: जिनेवा में दूसरे दौर की बातचीत शुरू, क्या टलेगा युद्ध का खतरा?

US-ईरान परमाणु वार्ता: जिनेवा में दूसरे दौर की बातचीत शुरू, क्या टलेगा युद्ध का खतरा?

US-Iran nuclear talks: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव को कम करने के लिए एक बार फिर कूटनीतिक कोशिशें तेज हो गई हैं। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची प्रतिनिधिमंडल के साथ तेहरान से जिनेवा के लिए रवाना हो चुके हैं, जहां दोनों देशों के बीच परमाणु कार्यक्रम पर दूसरे दौर की अप्रत्यक्ष वार्ता प्रस्तावित है। इससे पहले पहला दौर ओमान की मध्यस्थता में हुआ था, जबकि इस बार बातचीत स्विट्जरलैंड में आयोजित की जा रही है।

IAEA प्रमुख से भी मुलाकात:

ईरानी विदेश मंत्रालय के अनुसार अराघची एक राजनयिक और तकनीकी टीम का नेतृत्व कर रहे हैं। जिनेवा प्रवास के दौरान उनकी मुलाकात अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के महानिदेशक राफेल ग्रॉसी से भी होगी। वार्ता का मुख्य मुद्दा ईरान का परमाणु कार्यक्रम है। तेहरान का कहना है कि उसका कार्यक्रम शांतिपूर्ण है, हालांकि वह 60 प्रतिशत तक यूरेनियम संवर्धन कर रहा है, जिसे हथियार-ग्रेड स्तर के करीब माना जाता है।

ट्रंप की चेतावनी और सैन्य हलचल:

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर दबाव बढ़ाते हुए दुनिया के सबसे बड़े विमानवाहक पोत USS जेराल्ड आर. फोर्ड को मिडिल ईस्ट भेजने की घोषणा की है। उन्होंने ईरान में सत्ता परिवर्तन को “बेहतर विकल्प” भी बताया। वहीं अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि वाशिंगटन कूटनीतिक समाधान के लिए प्रतिबद्ध है और सैन्य तैनाती केवल सुरक्षा कदम है।

इजराइल की चिंता और क्षेत्रीय खतरा:

इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम को खत्म करने और हमास व हिजबुल्ला को मिलने वाली फंडिंग रोकने की मांग दोहराई है। खाड़ी देशों ने चेतावनी दी है कि ईरान पर कोई भी हमला व्यापक क्षेत्रीय युद्ध में बदल सकता है। पहले भी अल उदैद एयर बेस पर हमले जैसी घटनाएं तनाव बढ़ा चुकी हैं।

क्या निकलेगा कूटनीतिक समाधान:

पिछले वर्षों में अमेरिका, ईरान और इजराइल के बीच टकराव कई बार युद्ध जैसी स्थिति तक पहुंचा है। ऐसे में जिनेवा वार्ता को संभावित टकराव टालने की अहम कोशिश माना जा रहा है। अब नजर इस बात पर है कि क्या परमाणु मुद्दे पर कोई मध्य रास्ता निकलता है या फिर मध्य पूर्व में तनाव और बढ़ता है।


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