रायपुर: छत्तीसगढ़ के चर्चित कथित शराब घोटाला, कोल लेवी वसूली और कस्टम मिलिंग मामलों में जांच का सामना कर रहे प्रदेश कांग्रेस के पूर्व कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल को अदालत ने 9 दिन की ईओडब्ल्यू (EOW) रिमांड पर भेज दिया है। कोर्ट के आदेश के बाद अब जांच एजेंसी 17 जुलाई तक उनसे कस्टोडियल पूछताछ करेगी।
सरेंडर के बाद कोर्ट में पेशी
करीब तीन वर्षों से सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए रामगोपाल अग्रवाल ने हाल ही में रायपुर स्थित EOW कार्यालय पहुंचकर आत्मसमर्पण किया था। मेडिकल परीक्षण के बाद उन्हें अदालत में पेश किया गया, जहां EOW ने पूछताछ के लिए रिमांड की मांग की। अदालत ने एजेंसी की दलीलों को स्वीकार करते हुए 17 जुलाई तक की रिमांड मंजूर कर दी।
वित्तीय लेनदेन और नेटवर्क की होगी जांच
जांच एजेंसी अब कथित वित्तीय लेनदेन, धन के प्रवाह और पूरे नेटवर्क की गहन पड़ताल करेगी। EOW का कहना है कि मामले से जुड़े जब्त दस्तावेजों और डायरी में करोड़ों रुपये के लेनदेन से संबंधित कई अहम जानकारियां मिली हैं, जिनकी पुष्टि के लिए पूछताछ आवश्यक है।
कई मामलों में सामने आया नाम
EOW के अनुसार, रामगोपाल अग्रवाल का नाम कथित शराब घोटाला, कोल लेवी वसूली और कस्टम मिलिंग प्रकरण की जांच के दौरान सामने आया है। एजेंसी यह भी जांच कर रही है कि विभिन्न आरोपियों के माध्यम से कथित धन का प्रवाह किस तरह हुआ और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका रही।
बेटे से भी हो चुकी है पूछताछ
इससे पहले EOW रामगोपाल अग्रवाल के बेटे वैभव अग्रवाल से भी लगातार दो दिनों तक पूछताछ कर चुकी है। अधिकारियों ने उनसे पिछले कुछ वर्षों के आर्थिक लेनदेन, संपर्कों और अन्य तथ्यों को लेकर जानकारी जुटाई थी।
कोर्ट परिसर में रही हलचल
रामगोपाल अग्रवाल की पेशी के दौरान रायपुर कोर्ट परिसर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं की मौजूदगी भी देखने को मिली। फिलहाल EOW मामले की जांच को आगे बढ़ाते हुए अन्य साक्ष्यों और दस्तावेजों के आधार पर पूछताछ जारी रखे हुए है।