रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में सेंट्रल जेल के बाहर संचालित एक मंगौड़ी सेंटर को लेकर मामला सामने आया है। सूत्रों के मुताबिक, जेल प्रशासन की टीम ने सेंटर पर कार्रवाई करते हुए गांजा, नशीली गोलियां, तंबाकू और बड़ी संख्या में गुटखा के पैकेट बरामद किए हैं। मौके से दो मोबाइल फोन और हजारों रुपये की नकदी मिलने की भी जानकारी सामने आई है। हालांकि, इस पूरी कार्रवाई को लेकर जेल विभाग की ओर से अभी तक आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। ऐसे में बरामदगी और उससे जुड़े आरोपों की अंतिम स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
छापेमारी में कई सामान मिलने की जानकारी
सूत्रों के अनुसार, सेंटर पर हुई कार्रवाई के दौरान गांजा और नशीली गोलियों के अलावा तंबाकू तथा सितार गुटखा के करीब 400 पैकेट मिले हैं। टीम ने दो मोबाइल फोन भी अपने कब्जे में लिए हैं। इसके साथ ही करीब 70 से 72 हजार रुपये नकद बरामद होने की बात सामने आई है। हालांकि, आधिकारिक जब्ती सूची सार्वजनिक नहीं होने के कारण बरामद सामान और नकदी की सटीक मात्रा की पुष्टि नहीं हो सकी है।
जेल प्रहरी से जुड़ा बताया जा रहा सेंटर
मामले में जिस मंगौड़ी सेंटर पर कार्रवाई की गई, उसे राजेश वर्मा नामक व्यक्ति से जुड़ा बताया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, राजेश वर्मा जेल प्रहरी के पद पर कार्यरत है। इसी वजह से कार्रवाई के बाद जेल परिसर की सुरक्षा और सेंटर की गतिविधियों को लेकर सवाल उठने लगे हैं। सूत्रों ने यह भी दावा किया है कि सेंटर से कथित तौर पर नशीले सामान की जेल के भीतर सप्लाई की जाती थी। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र या आधिकारिक पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है।
ऑनलाइन लेनदेन की भी जांच की चर्चा
मामले में ऑनलाइन पेमेंट को लेकर भी जानकारी सामने आई है। सूत्रों का दावा है कि कथित तौर पर सामान के बदले होने वाले कुछ ऑनलाइन भुगतान राजेश वर्मा की बेटी के बैंक खाते में लिए जाते थे। जांच में यदि इस तरह के लेनदेन की पुष्टि होती है तो बैंक खाते और डिजिटल ट्रांजैक्शन की जानकारी पूरे मामले में महत्वपूर्ण हो सकती है। फिलहाल इस पहलू पर भी विभाग की ओर से कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है।
दूसरे प्रहरी के पास से भी तंबाकू मिलने की बात
सूत्रों के मुताबिक, कार्रवाई के दौरान मन्नत पुरैना नामक एक अन्य जेल प्रहरी के पास से भी करीब 15 पैकेट तंबाकू बरामद किए जाने की जानकारी है। बताया जा रहा है कि कार्रवाई के बाद संबंधित मंगौड़ी सेंटर पिछले करीब तीन दिनों से बंद है। इससे पूरे मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर चर्चा और तेज हो गई है।
जेल प्रशासन की कार्रवाई पर भी सवाल
मामला सामने आने के बाद यह सवाल भी उठ रहा है कि संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ विभाग ने क्या कदम उठाए हैं। सूत्रों के मुताबिक, कुछ लोगों को नोटिस जारी किए जाने की जानकारी है, लेकिन बड़ी विभागीय कार्रवाई को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। फिलहाल इस पूरे मामले में आधिकारिक जांच और जेल विभाग के बयान का इंतजार है। जांच के बाद ही यह साफ हो सकेगा कि सेंटर से मिले सामान का जेल के भीतर किसी कथित नेटवर्क से कोई संबंध था या नहीं।