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राहुल गांधी का चुनाव आयोग पर निशाना : ज्ञानेश कुमार से इस्तीफे की मांग, 'वोट चोरी' को लेकर PM मोदी और अमित शाह पर आरोप

राहुल गांधी का चुनाव आयोग पर निशाना : ज्ञानेश कुमार से इस्तीफे की मांग, 'वोट चोरी' को लेकर PM मोदी और अमित शाह पर आरोप

चुनाव आयोग को लेकर जारी राजनीतिक विवाद के बीच कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने एक बार फिर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को निशाने पर लिया है। गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल गांधी ने ज्ञानेश कुमार से इस्तीफा देने की मांग की और चुनावी प्रक्रिया में कथित गड़बड़ी को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर भी आरोप लगाए। राहुल गांधी ने दावा किया कि उनके पास चुनाव में कथित 'वोट चोरी' से जुड़े पर्याप्त सबूत हैं। हालांकि, उनके द्वारा लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

'ज्ञानेश कुमार को इस्तीफा दे देना चाहिए'

राहुल गांधी ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि जिस पद पर ज्ञानेश कुमार हैं, वहां रहते हुए उन्हें चुनावी प्रक्रिया से जुड़े सवालों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। कांग्रेस नेता ने कहा कि वह लंबे समय से चुनावी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठाते रहे हैं और उनके पास अपने दावों के समर्थन में सबूत हैं।

PM मोदी और अमित शाह पर भी लगाया आरोप

प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह पर कथित चुनावी साजिश में शामिल होने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि चुनावों में कथित गड़बड़ी और मतदाता सूची में बदलाव को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। राहुल गांधी ने इसे लोकतांत्रिक संस्थाओं से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा बताया। उनके इन आरोपों पर सरकार और बीजेपी का पक्ष अलग है, जबकि चुनाव आयोग ने अपने हालिया जवाब में कहा है कि पिछले एक साल में आयोग के फैसले पूर्ण आयोग की सर्वसम्मति से लिए गए हैं।

एंटी-इनकंबेंसी पर राहुल गांधी ने उठाया सवाल

राहुल गांधी ने अपने बयान में अलग-अलग राज्यों के चुनावी नतीजों का भी जिक्र किया। उन्होंने महाराष्ट्र, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और गुजरात जैसे राज्यों में सत्ता विरोधी रुझान को लेकर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि किसी सरकार की लोकप्रियता और उसके कामकाज का आकलन अलग विषय है, लेकिन उनके मुताबिक लगातार चुनावों में एंटी-इनकंबेंसी का प्रभाव दिखाई नहीं देना एक बड़ा सवाल है।

चुनाव आयोग के भीतर उठे सवालों का भी जिक्र

राहुल गांधी का बयान ऐसे समय आया है जब चुनाव आयोग के भीतर कथित मतभेदों को लेकर रिपोर्ट सामने आई है। द इंडियन एक्सप्रेस की एक जांच रिपोर्ट के अनुसार, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में कम से कम 14 बार कुछ फैसलों पर रिकॉर्ड में आपत्ति दर्ज की। इनमें मतदाता सूची, Form 6 और SIR से जुड़े मुद्दे शामिल बताए गए हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों चुनाव आयुक्तों ने कुछ फैसलों और प्रक्रियाओं को लेकर सवाल उठाए थे। इन रिपोर्टों के बाद विपक्षी दलों ने CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और SIR की प्रक्रिया पर रोक की मांग तेज कर दी है।

चुनाव आयोग ने क्या कहा?

चुनाव आयोग ने इन रिपोर्टों के जवाब में कहा कि अलग-अलग सुझाव और टिप्पणियां किसी भी संस्थान की निर्णय प्रक्रिया का सामान्य हिस्सा हैं। आयोग ने स्पष्ट किया कि पिछले एक साल में लिए गए फैसले पूर्ण आयोग की सर्वसम्मति से लिए गए हैं।

इस बीच SIR और मतदाता सूची में बदलाव को लेकर राजनीतिक विवाद लगातार बढ़ रहा है। विपक्षी दल जहां चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं, वहीं आयोग अपने फैसलों को संस्थागत प्रक्रिया के तहत लिया गया निर्णय बता रहा है।


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