रबात: मोरक्को की राजनीति में 29 सितंबर 2026 को एक नया इतिहास दर्ज हुआ। राजा मोहम्मद VI ने फातिमा एज्जरा एल मंसूरी (Fatima Ezzahra El Mansouri) को देश की प्रधानमंत्री यानी सरकार की प्रमुख नियुक्त किया। इसके साथ ही वह मोरक्को के इतिहास में इस पद पर पहुंचने वाली पहली महिला बन गई हैं। उन्हें नई सरकार के गठन की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है। यह नियुक्ति 23 सितंबर को हुए संसदीय चुनाव के बाद हुई है। चुनाव में फातिमा एल मंसूरी की पार्टी ऑथेंटिसिटी एंड मॉडर्निटी पार्टी (PAM) ने 395 सदस्यीय हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में 97 सीटें जीतकर सबसे बड़े दल के रूप में जगह बनाई। हालांकि पार्टी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला है, इसलिए नई सरकार के गठन के लिए गठबंधन सहयोगियों का समर्थन जुटाना होगा।
चुनाव में PAM सबसे बड़े दल के रूप में उभरी
मोरक्को में 23 सितंबर 2026 को संसदीय चुनाव हुए थे। आधिकारिक अंतिम परिणामों के अनुसार PAM ने 97 सीटें हासिल कीं। उसके बाद नेशनल रैली ऑफ इंडिपेंडेंट्स (RNI) को 66, इश्तिकलाल पार्टी को 65 और जस्टिस एंड डेवलपमेंट पार्टी (PJD) को 54 सीटें मिलीं। मोरक्को के संवैधानिक प्रावधानों के तहत हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में सबसे ज्यादा सीटें जीतने वाली पार्टी से सरकार के प्रमुख की नियुक्ति की जाती है। इसी प्रक्रिया के तहत राजा मोहम्मद VI ने PAM की नेता फातिमा एल मंसूरी को प्रधानमंत्री नियुक्त किया है।
कौन हैं फातिमा एज्जरा एल मंसूरी?
फातिमा एज्जरा एल मंसूरी मोरक्को की राजनीति में लंबे समय से सक्रिय प्रमुख नेताओं में शामिल रही हैं। प्रधानमंत्री बनने से पहले वह माराकेश की मेयर और राष्ट्रीय योजना, शहरी नियोजन, आवास एवं शहरी नीति मंत्री के रूप में काम कर चुकी हैं। पेशे से वह वकील हैं और 50 वर्ष की उम्र में देश की सरकार की प्रमुख बनी हैं। उनका राजनीतिक सफर स्थानीय राजनीति से शुरू होकर राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचा। वह PAM से शुरुआती दौर से जुड़ी रही हैं। 2009 में वह माराकेश की पहली महिला मेयर चुनी गई थीं। इसके बाद राष्ट्रीय राजनीति में उनकी भूमिका लगातार बढ़ती गई।
प्रशासनिक अनुभव से मजबूत हुई राजनीतिक पहचान
फातिमा एल मंसूरी के राजनीतिक करियर में स्थानीय प्रशासन और केंद्रीय सरकार दोनों का अनुभव शामिल रहा है। शहरी विकास, आवास और क्षेत्रीय योजना जैसे विषय उनके प्रमुख कार्यक्षेत्र रहे हैं। उनके मंत्री पद के कार्यकाल में आवास से जुड़ी आर्थिक सहायता योजनाओं, शहरी विकास और 2023 के विनाशकारी अल हौज भूकंप से प्रभावित क्षेत्रों के पुनर्वास जैसे मुद्दे महत्वपूर्ण रहे। प्रधानमंत्री बनने के बाद यही प्रशासनिक अनुभव उनके सामने आने वाली राष्ट्रीय चुनौतियों से निपटने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
सरकार बनाने के लिए गठबंधन की चुनौती
PAM को चुनाव में सबसे ज्यादा सीटें जरूर मिलीं, लेकिन 395 सदस्यीय सदन में बहुमत के लिए 198 सीटों की जरूरत है। ऐसे में फातिमा एल मंसूरी के सामने अलग-अलग राजनीतिक दलों को साथ लेकर सरकार बनाने की चुनौती है। चुनाव परिणामों के बाद संभावित गठबंधन को लेकर राजनीतिक बातचीत शुरू होनी है। सरकार गठन के साथ ही नई प्रधानमंत्री के सामने अलग-अलग दलों के बीच नीति और सत्ता-साझेदारी पर सहमति बनाने की जिम्मेदारी होगी।
2030 FIFA World Cup की तैयारियां भी बड़ी जिम्मेदारी
फातिमा एल मंसूरी की सरकार के सामने सबसे महत्वपूर्ण आगामी परियोजनाओं में 2030 FIFA World Cup की तैयारियां शामिल हैं। मोरक्को, स्पेन और पुर्तगाल मिलकर इस विश्व कप की मेजबानी करेंगे। टूर्नामेंट से पहले स्टेडियम, परिवहन, पर्यटन और अन्य बुनियादी ढांचे से जुड़े बड़े निवेश की जरूरत होगी। नई सरकार को इन परियोजनाओं की समयबद्ध तैयारी के साथ-साथ सार्वजनिक वित्त और विकास संबंधी प्राथमिकताओं के बीच संतुलन बनाना होगा।
अर्थव्यवस्था और रोजगार पर भी नजर
नई सरकार के सामने आर्थिक मोर्चे पर महंगाई, रोजगार और युवाओं की आर्थिक भागीदारी जैसे मुद्दे अहम रहेंगे। चुनाव से पहले देश में सामाजिक-आर्थिक मुद्दों को लेकर युवाओं में असंतोष भी चर्चा में रहा था। इसलिए प्रधानमंत्री फातिमा एल मंसूरी के सामने आर्थिक विकास के साथ रोजगार के अवसर बढ़ाने और सार्वजनिक सेवाओं से जुड़े मुद्दों पर काम करने की चुनौती होगी।
अरब दुनिया में महिला नेतृत्व के लिए महत्वपूर्ण घटनाक्रम
फातिमा एल मंसूरी की नियुक्ति मोरक्को के लिए ऐतिहासिक है, क्योंकि वह देश की पहली महिला प्रधानमंत्री बनी हैं। अरब दुनिया के स्तर पर उनसे पहले ट्यूनीशिया की नजला बौदेन प्रधानमंत्री पद संभाल चुकी हैं। इस तरह एल मंसूरी अरब दुनिया में इस शीर्ष सरकारी पद पर पहुंचने वाली दूसरी महिला बनी हैं। फातिमा एल मंसूरी का प्रधानमंत्री बनना अब मोरक्को की राजनीति में महिला नेतृत्व के एक नए अध्याय के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि उनके कार्यकाल की दिशा गठबंधन सरकार के गठन, आर्थिक नीतियों और 2030 विश्व कप से जुड़ी तैयारियों सहित कई महत्वपूर्ण फैसलों पर निर्भर करेगी।