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Morning Breaking: CM साय करेंगे बैठकों की समीक्षा, छग में UCC की तैयारी तेज नंदनवन का होगा बड़ा कायाकल्प

Morning Breaking: CM साय करेंगे बैठकों की समीक्षा, छग में UCC की तैयारी तेज नंदनवन का होगा बड़ा कायाकल्प

Morning Breaking: छत्तीसगढ़ में मंगलवार की शुरुआत कई महत्वपूर्ण राजनीतिक, सामाजिक और विकास से जुड़े कार्यक्रमों के साथ हो रही है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज नई दिल्ली के दौरे पर रवाना होंगे। इससे पहले वे मंत्रालय में सामान्य प्रशासन विभाग और ‘सेवा संकल्प अभियान’ से जुड़ी अहम बैठकों में शामिल होंगे। वहीं, छत्तीसगढ़ में समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर चल रही प्रक्रिया के बीच राजधानी रायपुर में मुस्लिम समाज की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जाएगी। दूसरी ओर, अटारी गांव स्थित नंदनवन को नए स्वरूप में विकसित करने की योजना पर काम तेज हो गया है, जिसके लिए करीब 50 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है। इसके अलावा, प्रदेश में आज से 15 दिवसीय राज्यव्यापी ‘साक्षरता पखवाड़ा’ भी शुरू हो रहा है। अभियान के माध्यम से 15 वर्ष से अधिक आयु के असाक्षर लोगों को शिक्षा से जोड़ने और डिजिटल पंजीयन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

शाम को दिल्ली रवाना होंगे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय मंगलवार को राजधानी रायपुर में अपने निर्धारित सरकारी कार्यक्रमों में शामिल होने के बाद शाम को नई दिल्ली के लिए रवाना होंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री सुबह करीब 11:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक सामान्य प्रशासन विभाग की बैठक लेंगे। इसके बाद दोपहर 12:30 बजे से 1:30 बजे तक वे ‘सेवा संकल्प अभियान’ से संबंधित बैठक में भाग लेंगे। बैठकों के बाद मुख्यमंत्री दोपहर करीब 2:30 बजे मुख्यमंत्री निवास लौटेंगे। इसके पश्चात वे शाम 4:50 बजे इंडिगो की नियमित उड़ान से रायपुर से दिल्ली के लिए प्रस्थान करेंगे। उनके शाम करीब 6:45 बजे नई दिल्ली पहुंचने का कार्यक्रम है। दिल्ली पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ भवन में रात्रि विश्राम करेंगे। उनके दिल्ली दौरे को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर भी गतिविधियां तेज रहने की संभावना है।

UCC पर रायपुर मुस्लिम समाज की अहम बैठक आज

छत्तीसगढ़ में समान नागरिक संहिता यानी यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) लागू करने की प्रक्रिया को लेकर राज्य स्तर पर तैयारियां जारी हैं। राज्य शासन ने इस विषय पर सुझाव और विभिन्न पक्षों की राय प्राप्त करने के लिए समिति का गठन किया है। इसी क्रम में रायपुर मुस्लिम समाज की ओर से मंगलवार को एक दिवसीय बैठक आयोजित की जाएगी। यह बैठक राजधानी स्थित गुरु घासीदास ऑडिटोरियम, कलेक्ट्रेट चौक में होगी। बैठक का मुख्य उद्देश्य मुस्लिम समाज के बुद्धिजीवियों, सामाजिक प्रतिनिधियों और अन्य सदस्यों के सुझावों को एकत्रित करना है। समाज के विभिन्न वर्गों से UCC से जुड़े मुद्दों पर राय लेकर उसे व्यवस्थित रूप से समिति के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। बैठक में शहर काजी डॉ. मोहम्मद इमरान अशरफी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ अधिवक्ता फैसल रिजवी करेंगे। आयोजकों के अनुसार, रायपुर मुस्लिम समाज से प्राप्त सुझावों को संकलित करने के बाद शाम 4 बजे समान नागरिक संहिता से संबंधित समिति को सौंपा जाएगा।

50 करोड़ रुपये से बदलेगा नंदनवन का स्वरूप

रायपुर जिले के अटारी गांव में स्थित नंदनवन को आने वाले समय में नए और आधुनिक स्वरूप में विकसित करने की योजना बनाई गई है। इसके कायाकल्प और विकास के लिए लगभग 50 करोड़ रुपये के निवेश का अनुमान लगाया गया है। मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अधिकारियों ने नंदनवन पुनर्विकास परियोजना का विस्तृत प्रस्तुतिकरण मुख्य सचिव विकासशील के समक्ष रखा। प्रस्तावित योजना के तहत नंदनवन में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के साथ पर्यटकों के लिए बेहतर सुविधाएं विकसित करने पर जोर दिया जाएगा। परियोजना को पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप यानी PPP मॉडल के आधार पर आगे बढ़ाने की योजना है। नंदनवन के बॉटनिकल गार्डन को भी नए सिरे से विकसित करने और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कार्यों को मजबूत करने की तैयारी है। बैठक में मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि परियोजना में पर्यटकों की सुविधा, आकर्षण और आवश्यक जनसुविधाओं को प्राथमिकता दी जाए। पुनर्विकास के बाद नंदनवन को रायपुर और आसपास के क्षेत्रों के लिए एक प्रमुख पर्यटन एवं मनोरंजन केंद्र के रूप में विकसित करने की उम्मीद है।

आज से शुरू होगा राज्यव्यापी साक्षरता पखवाड़ा

राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत छत्तीसगढ़ में 15 वर्ष से अधिक आयु के असाक्षर वयस्कों को शिक्षा से जोड़ने के लिए ‘उल्लास-नव भारत साक्षरता कार्यक्रम’ संचालित किया जा रहा है। इसी अभियान के तहत अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस के अवसर पर 1 सितंबर से 15 सितंबर तक पूरे प्रदेश में 15 दिवसीय ‘साक्षरता पखवाड़ा’ आयोजित किया जाएगा। स्कूल शिक्षा विभाग ने इस संबंध में सभी जिला कलेक्टरों और जिला साक्षरता मिशन प्राधिकरण के अध्यक्षों को विस्तृत कार्ययोजना भेजी है। विभाग ने अभियान में व्यापक जनभागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। पखवाड़े की शुरुआत 1 सितंबर को सरकारी कार्यालयों, स्कूलों और कॉलेजों में ‘उल्लास शपथ’ के साथ होगी।

घर-घर सर्वे और डिजिटल पंजीयन पर रहेगा जोर

साक्षरता अभियान के दौरान प्रदेशभर में घर-घर सर्वे किया जाएगा। इसका उद्देश्य 15 वर्ष से अधिक आयु के असाक्षर लोगों की पहचान करना और उन्हें शिक्षा अभियान से जोड़ना है। इसके साथ ही स्वयंसेवी शिक्षकों का भी पंजीयन किया जाएगा। सभी पात्र लोगों और स्वयंसेवकों का डिजिटल रजिस्ट्रेशन ‘उल्लास मोबाइल ऐप’ के माध्यम से करने की योजना है। अभियान को जन-आंदोलन का रूप देने के लिए स्कूल शिक्षा विभाग ने विद्यार्थियों की भागीदारी को भी बढ़ावा देने का निर्णय लिया है। कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों द्वारा असाक्षर लोगों को शिक्षित करने में योगदान देने पर स्थानीय और बोर्ड परीक्षा में बोनस अंक दिए जाने का प्रावधान किया गया है।

‘अंगूठे से कलम की ओर’ अभियान से सिखाए जाएंगे हस्ताक्षर

साक्षरता पखवाड़े के शुरुआती दिनों में ‘अंगूठे से कलम की ओर’ अभियान चलाया जाएगा। इसके माध्यम से नव-साक्षरों को हस्ताक्षर करना सिखाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। शिक्षक दिवस के अवसर पर साक्षरता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले शिक्षकों और समाजसेवियों को सम्मानित करने की भी योजना है। जन-जागरूकता बढ़ाने के लिए प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में नुक्कड़ नाटक, साक्षरता चौपाल, प्रभात फेरी और मशाल रैलियों का आयोजन किया जाएगा।

7 और 8 सितंबर को होंगे विशेष कार्यक्रम

7 सितंबर को ‘चिट्ठी कलेक्टर के नाम’ प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। इसमें नव-साक्षर बुजुर्ग और महिलाएं अपने हाथ से पत्र लिखकर साक्षरता के महत्व का संदेश देंगी। 8 सितंबर को अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस के अवसर पर जिला, जनपद और ग्राम पंचायत स्तर पर मुख्य कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसी दिन सुबह 8 बजे विद्यार्थियों और नागरिकों की भागीदारी से साक्षरता संदेशों के साथ मानव श्रृंखला बनाई जाएगी। शाम 7 बजे पूरे प्रदेश में ‘उल्लास साक्षरता दीप’ जलाकर सामूहिक संकल्प का प्रदर्शन किया जाएगा। इसके अगले दिन 9 सितंबर को नवाचारी शिक्षकों द्वारा शिक्षार्थियों को पढ़ाने के लिए तैयार किए गए मनोरंजक टीएलएम (Teaching Learning Material) का प्रदर्शन किया जाएगा।
 


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