मिडिल ईस्ट में जारी तनाव का असर अब खेल जगत पर भी साफ दिखने लगा है। FIFA World Cup 2026 से पहले एक बड़ा विवाद सामने आया है, जहां ईरान की फुटबॉल टीम ने अमेरिका में अपने मैच खेलने से इनकार कर दिया है। हालांकि ईरान ने टूर्नामेंट के बहिष्कार (बायकॉट) की अपनी धमकी वापस ले ली है, लेकिन उसने स्पष्ट कर दिया है कि वह USA में मैच नहीं खेलेगा। ईरान ने अपने मुकाबलों के लिए वैकल्पिक वेन्यू की मांग की है।
ईरान ने क्यों उठाई वेन्यू बदलने की मांग?
ईरान ने FIFA से अपील की है कि उसके मैच अमेरिका के बजाय किसी अन्य देश में कराए जाएं। इस फैसले के पीछे सुरक्षा कारणों का हवाला दिया जा रहा है। इस विवाद को और हवा तब मिली जब अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान को सुरक्षा कारणों से USA में मैच नहीं खेलने की सलाह दी थी। उनके इस बयान को ईरान के रुख का एक बड़ा कारण माना जा रहा है।
मेक्सिको ने दिया ऑफर
इस बीच मेक्सिको की राष्ट्रपति Claudia Sheinbaum ने 17 मार्च को बयान देते हुए कहा कि यदि ईरान चाहे तो वह अपने मैच मेक्सिको में खेल सकता है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अंतिम फैसला FIFA के हाथ में ही रहेगा।
क्या बदलेगा मैच शेड्यूल?
FIFA ने फिलहाल अपने रुख में कोई बदलाव नहीं किया है। संस्था का कहना है कि सभी टीमों से लगातार बातचीत जारी है, लेकिन टूर्नामेंट तय कार्यक्रम के अनुसार ही आयोजित किया जाएगा। इसका मतलब है कि अभी ईरान की मांग मानने के संकेत नहीं हैं।
ग्रुप मैच और मौजूदा स्थिति
ईरान पहले ही FIFA World Cup 2026 के लिए क्वालीफाई कर चुका है। टीम को अपने ग्रुप मैच जून में खेलने हैं, जिनमें उसका मुकाबला बेल्जियम, मिस्र और न्यूजीलैंड जैसी टीमों से होना है। फिलहाल ये सभी मैच USA में आयोजित होने तय हैं, जिससे विवाद और गहरा गया है।
तीन देशों में हो रहा है टूर्नामेंट
FIFA World Cup 2026 इस बार संयुक्त रूप से United States, Mexico और Canada में आयोजित किया जाएगा। टूर्नामेंट 11 जून से 19 जुलाई 2026 के बीच खेला जाएगा।
आगे क्या?
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या FIFA इस मामले में कोई समझौता करता है या ईरान को अपने रुख में नरमी लानी पड़ेगी। मिडिल ईस्ट की राजनीतिक स्थिति और वैश्विक सुरक्षा चिंताओं के बीच यह विवाद आने वाले दिनों में और बड़ा रूप ले सकता है।