राजधानी रायपुर में आगामी धार्मिक त्योहारों को ध्यान में रखते हुए नगर निगम ने मांस और मटन की बिक्री पर अस्थायी प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया है। नगर निगम प्रशासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार निगम क्षेत्र में स्थित सभी मांस की दुकानें और बूचड़खाने तय तिथियों पर बंद रहेंगे। यह प्रतिबंध शहर में धार्मिक भावनाओं के सम्मान और शांति व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से लगाया गया है।
इन तीन दिनों तक बंद रहेंगी दुकानें
नगर निगम के निर्देशानुसार मार्च महीने में पड़ने वाले तीन प्रमुख धार्मिक पर्वों के दिन मांस-मटन की बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। सिंधी समाज के महत्वपूर्ण पर्व चेट्रीचंड के अवसर पर 20 मार्च, भगवान राम के जन्मोत्सव रामनवमी के दिन 27 मार्च और जैन धर्म के प्रमुख पर्व महावीर जयंती पर 31 मार्च को पूरे रायपुर नगर निगम क्षेत्र में मांस की दुकानों के साथ-साथ सभी बूचड़खाने बंद रहेंगे।
निरीक्षण के लिए बनाई गई विशेष टीम
नगर निगम की महापौर मीनल चौबे के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग ने इस आदेश को लागू कराने के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार की है। इसके तहत सभी जोन के अधिकारियों और स्वच्छता निरीक्षकों को अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित निरीक्षण करने और नियमों का पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए हैं।
होटलों में भी मांस परोसने पर रोक
नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि प्रतिबंध केवल बाजारों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि होटलों, रेस्टोरेंट और अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों में भी इन तिथियों पर मांस परोसने या बेचने की अनुमति नहीं होगी। यदि कोई व्यक्ति या व्यापारी नियमों का उल्लंघन करता हुआ पाया गया तो उसका सामान जब्त किया जाएगा और संबंधित प्रतिष्ठान के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई भी की जाएगी।
नियमों का पालन करने की अपील
नगर निगम प्रशासन ने शहर के सभी व्यापारियों और नागरिकों से अपील की है कि वे तय तिथियों पर जारी आदेश का पालन करें। प्रशासन का कहना है कि इन धार्मिक पर्वों के दौरान बड़ी संख्या में लोग पूजा-अर्चना और धार्मिक आयोजनों में शामिल होते हैं, इसलिए परंपरा और धार्मिक भावनाओं के सम्मान में मांस बिक्री पर अस्थायी रोक लगाई गई है।
नगर निगम ने साफ किया है कि यदि कोई दुकानदार इन निर्देशों की अनदेखी करता है, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।