छत्तीसगढ़ के चर्चित जिला खनिज न्यास (DMF) घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच लगातार आगे बढ़ रही है। हाल ही में एजेंसी ने प्रदेश के पांच जिलों में एक साथ छापेमारी कर कई महत्वपूर्ण सुराग जुटाए हैं। जांच के दौरान विभिन्न ठिकानों से एक करोड़ रुपये से अधिक नकदी मिलने की जानकारी सामने आई है। यह कार्रवाई कथित तौर पर सैकड़ों करोड़ रुपये के डीएमएफ फंड से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच के तहत की गई।
कारोबारियों और सप्लायरों के ठिकानों पर दबिश
ईडी की टीमों ने रायपुर, धमतरी, दुर्ग, कोरबा और अंबिकापुर में कई आवासीय और व्यावसायिक परिसरों की तलाशी ली। कार्रवाई के दायरे में ऐसे कारोबारी और सप्लायर शामिल रहे, जिनके नाम जांच के दौरान सामने आए हैं। अधिकारियों ने विभिन्न कार्यालयों, आवासों और कारोबारी प्रतिष्ठानों में दस्तावेजों और वित्तीय रिकॉर्ड की जांच की।
नकदी के साथ महत्वपूर्ण दस्तावेज भी मिले
तलाशी अभियान के दौरान एजेंसी को बड़ी मात्रा में दस्तावेज, बैंकिंग रिकॉर्ड और इलेक्ट्रॉनिक डेटा प्राप्त होने की जानकारी मिली है। जांच एजेंसियां अब इन दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों का विश्लेषण कर रही हैं, ताकि कथित वित्तीय लेन-देन और धन के प्रवाह की पूरी श्रृंखला को समझा जा सके।
कोरबा और धमतरी से मिले अहम सुराग
सूत्रों के अनुसार छापेमारी के दौरान बरामद नकदी का बड़ा हिस्सा कोरबा और धमतरी जिले के कुछ ठिकानों से मिला है। हालांकि जब्त रकम और अन्य बरामदगी का आधिकारिक विवरण ईडी द्वारा जांच पूरी होने के बाद सार्वजनिक किया जाएगा।
मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क की जांच तेज
ईडी का फोकस अब कथित घोटाले से जुड़े आर्थिक नेटवर्क, लाभार्थियों और लेन-देन के स्रोतों की पहचान पर है। एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि डीएमएफ फंड से जुड़े कथित अनियमितताओं में किन-किन लोगों की भूमिका रही और धन का उपयोग किस प्रकार किया गया। मामले में आने वाले दिनों में और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।