पटना। बिहार में एलपीजी गैस कनेक्शन धारकों के लिए आधार आधारित e-KYC अब अनिवार्य कर दी गई है। तेल विपणन कंपनियों ने साफ कर दिया है कि जिन उपभोक्ताओं ने अभी तक अपना सत्यापन नहीं कराया है, उन्हें 16 अगस्त 2026 तक यह प्रक्रिया पूरी करनी होगी। निर्धारित समय सीमा के बाद घरेलू गैस सिलेंडर की सुविधा प्रभावित हो सकती है।
59 लाख उपभोक्ताओं ने अब तक नहीं कराया e-KYC
राज्य में करीब 2.36 करोड़ एलपीजी उपभोक्ता हैं। इनमें से लगभग 59 लाख उपभोक्ताओं का आधार आधारित e-KYC अभी बाकी है। तेल कंपनियों के अनुसार, सभी पात्र उपभोक्ताओं को समय रहते अपना सत्यापन पूरा करना होगा, ताकि गैस सेवा में किसी तरह की परेशानी न आए।
घर बैठे मोबाइल से पूरी करें प्रक्रिया
तेल कंपनियों ने e-KYC प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए मोबाइल ऐप की सुविधा उपलब्ध कराई है।
इंडेन गैस उपभोक्ता – IndianOil ONE App
भारत गैस उपभोक्ता – Bharatgas App
एचपी गैस उपभोक्ता – HP Pay/HP Gas App
इन ऐप्स के जरिए उपभोक्ता बिना गैस एजेंसी गए ऑनलाइन e-KYC पूरी कर सकते हैं।
ऑफलाइन भी उपलब्ध है सुविधा
जो उपभोक्ता मोबाइल ऐप का उपयोग नहीं करना चाहते, वे अपनी नजदीकी गैस एजेंसी जाकर या गैस सिलेंडर की डिलीवरी के समय डिलीवरी कर्मी के बायोमेट्रिक डिवाइस के माध्यम से भी आधार सत्यापन करा सकते हैं।
दूसरे शहर में रहने वाले उपभोक्ताओं को भी राहत
राज्य से बाहर नौकरी, पढ़ाई या अन्य कारणों से रह रहे उपभोक्ता भी मोबाइल ऐप के माध्यम से कहीं से भी अपना e-KYC पूरा कर सकते हैं। इसके लिए केवल रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर और आधार से जुड़ी जानकारी की आवश्यकता होगी।
ऐसे करें LPG e-KYC
गैस कंपनी के आधिकारिक मोबाइल ऐप में रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से लॉगिन करें।
e-KYC / Aadhaar Verification विकल्प चुनें।
मोबाइल पर प्राप्त OTP दर्ज कर सत्यापन करें।
फेस ऑथेंटिकेशन (Face Authentication) की प्रक्रिया पूरी करें।
सत्यापन सफल होने के बाद e-KYC अपडेट हो जाएगी।
समय सीमा का रखें ध्यान
तेल कंपनियों ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि अंतिम तिथि का इंतजार न करें। समय रहते e-KYC पूरी करने से गैस आपूर्ति में किसी भी प्रकार की रुकावट से बचा जा सकता है। निर्धारित समय सीमा के बाद सत्यापन अधूरा रहने पर घरेलू एलपीजी कनेक्शन से जुड़ी सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं।