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कौशांबी पटाखा फैक्ट्री ब्लास्ट:  11 मौतों के बाद पुलिस पर गिरी गाज, इंस्पेक्टर समेत 6 SI सस्पेंड; मुख्य आरोपी भी गिरफ्तार

कौशांबी पटाखा फैक्ट्री ब्लास्ट:  11 मौतों के बाद पुलिस पर गिरी गाज, इंस्पेक्टर समेत 6 SI सस्पेंड; मुख्य आरोपी भी गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश के कौशांबी में पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट के बाद अब पुलिस विभाग में बड़ी कार्रवाई की गई है। हादसे में 11 लोगों की मौत और कई लोगों के घायल होने के बाद प्रयागराज रेंज के आईजी अजय मिश्र ने लापरवाही के आरोप में एक इंस्पेक्टर और छह सब-इंस्पेक्टर को निलंबित कर दिया है। वहीं, कौशांबी पुलिस अधीक्षक सत्यनारायण प्रजापत ने पिपरी थाना प्रभारी को लाइन हाजिर कर दिया है। पुलिस की इस कार्रवाई के साथ ही मामले के मुख्य आरोपी नौशाद को भी मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया गया है।

पटाखा फैक्ट्री मामले में पुलिसकर्मियों पर गिरी गाज

कौशांबी के मनौरी में हुए पटाखा फैक्ट्री विस्फोट के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठे थे। मामले की समीक्षा के बाद प्रयागराज रेंज के आईजी अजय मिश्र ने एक इंस्पेक्टर और छह एसआई के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की।

पुलिस के मुताबिक, संबंधित पुलिसकर्मियों पर पटाखा फैक्ट्री के संचालन की सूचना दर्ज नहीं करने और अपने कर्तव्यों में लापरवाही बरतने के आरोप हैं।

इसके अलावा कौशांबी एसपी सत्यनारायण प्रजापत ने पिपरी थाना प्रभारी विकास सिंह को लाइन हाजिर कर दिया। चायल चौकी प्रभारी अमित द्विवेदी और पूर्व चौकी प्रभारी चायल मनीष पाल के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है। बीट आरक्षी जितेंद्र कुमार और कृष्ण कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है।

मुठभेड़ के बाद मुख्य आरोपी नौशाद गिरफ्तार

पटाखा फैक्ट्री ब्लास्ट मामले में फरार चल रहे मुख्य आरोपी नौशाद को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस को सूचना मिली थी कि नौशाद चरवा थाना क्षेत्र के तेरामिल के पास से फरार होने की कोशिश कर रहा है।

सूचना मिलने के बाद एसओजी और स्थानीय पुलिस की टीम ने इलाके में घेराबंदी की। पुलिस का दावा है कि खुद को घिरता देख नौशाद ने टीम पर गोली चला दी। जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी, जिसके बाद पुलिस ने उसे पकड़ लिया।

आरोपी के पास से एक तमंचा और कारतूस बरामद किए जाने की बात पुलिस ने कही है। घायल नौशाद को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

परिवार के कई लोगों के खिलाफ दर्ज है मुकदमा

पुलिस ने इस मामले में नौशाद के अलावा उसके भाई शकील, पत्नी कहकशां बानो, शकील की पत्नी शबाना, नौशाद के बेटे आदिल और शकील की बेटी साइना के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया है।

मामले में नामजद अन्य आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस की अलग-अलग टीमें लगाई गई हैं। पुलिस पूरे प्रकरण में फैक्ट्री संचालन, सुरक्षा व्यवस्था और हादसे के कारणों से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही है।

विस्फोट में 11 लोगों की मौत

यह दर्दनाक हादसा पिपरी थाना क्षेत्र के मनौरी में सोमवार सुबह करीब 11 बजे हुआ था। पटाखा फैक्ट्री में हुए जोरदार धमाके के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। हादसे में अब तक 11 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि छह लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं।

घायलों को इलाज के लिए प्रयागराज के एसआरएन अस्पताल में भर्ती कराया गया है। धमाका इतना शक्तिशाली था कि आसपास के कई मकान इसकी चपेट में आ गए। करीब आधा दर्जन मकान पूरी तरह ढह गए, जबकि दर्जनों अन्य घरों को भी नुकसान पहुंचा। घटना के बाद राहत और बचाव दल ने मौके पर पहुंचकर मलबा हटाने का काम शुरू किया। मलबे में लोगों की तलाश के लिए भी अभियान चलाया गया।

हादसे के बाद सीएम योगी ने किया मुआवजे का ऐलान

कौशांबी हादसे पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दुख जताते हुए मृतकों के परिवारों के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा की है। मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये, जबकि घायलों को 50-50 हजार रुपये की सहायता देने का ऐलान किया गया है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को घायलों के बेहतर इलाज और राहत कार्यों में किसी तरह की लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं।

सांसद पुष्पेंद्र सरोज ने प्रशासन पर उठाए सवाल

हादसे के बाद मौके पर पहुंचे सपा सांसद पुष्पेंद्र सरोज ने भी प्रशासन की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि घनी आबादी के बीच पटाखा फैक्ट्री के संचालन को लेकर प्रशासन की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।

सांसद ने दावा किया कि हादसे में कई घर पूरी तरह तबाह हुए हैं और 11 लोगों की जान चली गई। उन्होंने लापता बताए जा रहे सुनील मौर्य का भी मुद्दा उठाया और कहा कि उसके परिजन अब भी उसकी तलाश कर रहे हैं।

पुष्पेंद्र सरोज ने सवाल किया कि आबादी वाले इलाके में पटाखा फैक्ट्री चलाने की अनुमति किस स्तर से मिली और सुरक्षा मानकों की निगरानी क्यों नहीं हुई। उन्होंने सरकार से प्रभावित परिवारों को उचित सहायता देने और घटना की जिम्मेदारी तय करने की मांग की।

अब जांच के घेरे में फैक्ट्री संचालन और प्रशासनिक लापरवाही

कौशांबी पटाखा फैक्ट्री ब्लास्ट के बाद एक तरफ मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी और पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई हुई है, तो दूसरी ओर हादसे से जुड़े कई सवाल अभी भी जांच के दायरे में हैं। खास तौर पर फैक्ट्री के संचालन, सुरक्षा मानकों, अनुमति और स्थानीय स्तर पर निगरानी से जुड़े पहलुओं की जांच अहम मानी जा रही है। फिलहाल पुलिस फरार आरोपियों की तलाश के साथ पूरे मामले की जांच में जुटी है। हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों के सामने सबसे बड़ा संकट अपनों को खोने के बाद की जिंदगी का है, जबकि घायलों का इलाज जारी है।


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