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हरिभूमि-INH के गरबा महोत्सव में कंगना रनौत की शिरकत, 20 साल के अभिनय सफर पर भी की बात

हरिभूमि-INH के गरबा महोत्सव में कंगना रनौत की शिरकत, 20 साल के अभिनय सफर पर भी की बात

रायपुर। बॉलीवुड अभिनेत्री और सांसद कंगना रनौत ने रायपुर में आयोजित ढोलियां गरबा महोत्सव में शिरकत की। इस दौरान उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री और राजनीति में काम करने के अनुभवों के बारे में खुलकर अपनी बात रखी। कंगना ने कहा कि बॉलीवुड में वह अपने फैसले खुद लेने के लिए स्वतंत्र हैं, जबकि राजनीति में पार्टी के नियमों और गाइडलाइन का पालन करना जरूरी होता है। हरिभूमि-INH न्यूज मीडिया पार्टनर के रूप में गुंजन आयोजन द्वारा आयोजित इस गरबा महोत्सव में कंगना रनौत की मौजूदगी ने कार्यक्रम को खास बना दिया। उन्होंने आयोजन की सराहना करते हुए आयोजकों को बधाई दी और कहा कि ऐसे सांस्कृतिक कार्यक्रम लोगों को अपनी परंपराओं से जुड़ने का अवसर प्रदान करते हैं।




ढोलियां गरबा महोत्सव में कंगना रनौत का स्वागत

रायपुर में आयोजित गरबा महोत्सव में पहुंचीं कंगना रनौत ने मंच से हाथ हिलाकर वहां मौजूद लोगों का अभिवादन किया। अपने संबोधन में उन्होंने गरबा जैसे सांस्कृतिक आयोजनों के महत्व पर जोर दिया। कंगना ने कहा कि इस तरह के आयोजन लोगों को एक साथ आने, गरबा करने और अपनी संस्कृति एवं परंपराओं को करीब से अनुभव करने का मंच देते हैं। उन्होंने हरिभूमि-INH न्यूज को सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएं भी दीं। कार्यक्रम में हरिभूमि-INH न्यूज के प्रधान संपादक डॉ. हिमांशु द्विवेदी भी उपस्थित रहे।

बॉलीवुड में अपने फैसले खुद लेती हैं कंगना

कार्यक्रम के दौरान डॉ. हिमांशु द्विवेदी ने कंगना रनौत से फिल्म इंडस्ट्री और राजनीति के बीच अंतर को लेकर सवाल किए। इन सवालों का जवाब देते हुए अभिनेत्री ने अपने कार्य अनुभव साझा किए। कंगना ने बताया कि वह करीब 20 वर्षों से अभिनय की दुनिया में सक्रिय हैं। लंबे समय तक फिल्म इंडस्ट्री में काम करने के कारण उन्हें अपने फैसले लेने और अपनी राय खुलकर रखने की स्वतंत्रता महसूस होती है। उन्होंने बॉलीवुड में अपनी कार्यशैली को स्वतंत्र बताते हुए कहा कि वहां वह अपनी बॉस हैं।

राजनीति में पार्टी की गाइडलाइन का पालन जरूरी

बॉलीवुड और राजनीति की कार्यप्रणाली में अंतर बताते हुए कंगना रनौत ने कहा कि राजनीति में उनकी यात्रा अभी शुरुआती दौर में है। इस क्षेत्र में पार्टी के नियमों, दिशा-निर्देशों और तय नीतियों के अनुरूप काम करना पड़ता है। उनके बयान से यह स्पष्ट हुआ कि फिल्म इंडस्ट्री में व्यक्तिगत निर्णय लेने की गुंजाइश अधिक महसूस होती है, जबकि राजनीति में संगठनात्मक अनुशासन और पार्टी की गाइडलाइन की अहम भूमिका होती है।

संस्कृति और मनोरंजन का संगम बना गरबा महोत्सव

रायपुर में आयोजित ढोलियां गरबा महोत्सव में कंगना रनौत की उपस्थिति कार्यक्रम के प्रमुख आकर्षणों में रही। आयोजन के माध्यम से लोगों को गरबा और सांस्कृतिक गतिविधियों से जुड़ने का अवसर मिला। कंगना के संबोधन में बॉलीवुड के अनुभव और राजनीतिक जिम्मेदारियों के बीच का अंतर प्रमुखता से सामने आया। उनका यह बयान कार्यक्रम के दौरान चर्चा का विषय रहा।


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