जगदलपुर। बैंकिंग व्यवस्था में 5-डे वर्किंग लागू करने और परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) में समान व्यवस्था की मांग को लेकर बैंक अधिकारी-कर्मचारियों ने शुक्रवार को एक दिवसीय सांकेतिक धरना दिया। सामूहिक हड़ताल के चलते शहर की बैंक शाखाओं में कामकाज प्रभावित रहा।
प्रदर्शन के दौरान बैंक कर्मचारियों ने अपनी दो प्रमुख मांगों को लेकर आवाज बुलंद की और कहा कि लंबे समय से मांग उठाए जाने के बावजूद अब तक इसका समाधान नहीं हुआ है। कर्मचारियों ने मांग पूरी नहीं होने की स्थिति में आंदोलन को और व्यापक करने की चेतावनी भी दी।
5-डे बैंकिंग लागू करने की मांग
बैंक अधिकारी और कर्मचारियों का कहना है कि बैंकिंग क्षेत्र में लंबे समय से सप्ताह में पांच दिन काम और दो दिन अवकाश की व्यवस्था लागू करने की मांग की जा रही है। प्रदर्शनकारियों के मुताबिक, यदि 5-डे बैंकिंग व्यवस्था लागू होती है तो कर्मचारियों को सप्ताह में दो दिन अवकाश मिलेगा। उनका कहना है कि बैंकिंग क्षेत्र में भी अन्य क्षेत्रों की तरह पांच कार्यदिवस की व्यवस्था लागू की जानी चाहिए।
PLI को लेकर कर्मचारियों ने उठाए सवाल
प्रदर्शन के दौरान बैंक कर्मचारियों ने मौजूदा PLI व्यवस्था पर भी आपत्ति जताई। कर्मचारियों का आरोप है कि अलग-अलग स्तर के अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए इंसेंटिव में बड़ा अंतर रखा गया है। प्रदर्शनकारियों के अनुसार, स्केल-4 और उससे ऊपर के अधिकारियों को व्यक्तिगत प्रदर्शन के आधार पर 365 दिनों तक के मूल वेतन के बराबर PLI का प्रावधान किया गया है। वहीं स्केल-3 तक के अधिकारियों और अन्य कर्मचारियों को अधिकतम 15 दिन के मूल वेतन और महंगाई भत्ते के बराबर लाभ मिलता है।
बैंक कर्मचारियों का कहना है कि यह व्यवस्था समानता के सिद्धांत के अनुरूप नहीं है। उनका दावा है कि इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) के साथ हुए समझौते में PLI को बैंक के समग्र प्रदर्शन से जोड़ने और कर्मचारियों के लिए समान व्यवस्था की बात कही गई थी।
दो साल से मांग लंबित होने का दावा
बैंक कर्मचारी संगठनों का कहना है कि 5-डे बैंकिंग समेत अपनी मांगों को लेकर वे पिछले करीब दो वर्षों से लगातार आंदोलन कर रहे हैं। इस दौरान कई बार प्रदर्शन और हड़ताल भी की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया है।
कर्मचारियों ने कहा कि अगर सरकार और बैंक प्रबंधन ने उनकी मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया, तो आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा।
28 से 30 सितंबर तक तीन दिवसीय हड़ताल की चेतावनी
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं होने पर 28, 29 और 30 सितंबर को तीन दिवसीय हड़ताल की जाएगी। इसके बाद भी मांगों का समाधान नहीं हुआ तो अक्टूबर में अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करने की चेतावनी दी गई है।
बैंक कर्मचारियों ने माना कि लगातार हड़ताल होने की स्थिति में बैंकिंग सेवाओं पर असर पड़ सकता है और इसका सीधा प्रभाव ग्राहकों पर भी पड़ेगा। उन्होंने सरकार से जल्द हस्तक्षेप कर मांगों का समाधान करने की अपील की, ताकि बैंकिंग सेवाएं बाधित न हों और कर्मचारियों की समस्याओं का भी निराकरण हो सके।