INDW vs ENGW: भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने क्रिकेट के सबसे प्रतिष्ठित मैदान लॉर्ड्स पर इतिहास रचते हुए इंग्लैंड को एकमात्र टेस्ट मैच में 270 रन के बड़े अंतर से हराकर पहली बार यहां टेस्ट जीत दर्ज की। यह जीत भारतीय महिला क्रिकेट के इतिहास की सबसे यादगार उपलब्धियों में शामिल हो गई है, जहां बल्लेबाजों, गेंदबाजों और फील्डरों ने हर विभाग में शानदार प्रदर्शन किया।
95 मिनट में खत्म हुआ इंग्लैंड का संघर्ष
मैच के चौथे और अंतिम दिन इंग्लैंड ने 130/6 के स्कोर से अपनी दूसरी पारी शुरू की। मेजबान टीम को जीत के लिए अभी 327 रन और चाहिए थे, लेकिन भारतीय गेंदबाजों ने उन्हें कोई मौका नहीं दिया। ऑफ स्पिनर स्नेह राणा ने दूसरी पारी में 4 विकेट लेकर इंग्लैंड की बल्लेबाजी की रीढ़ तोड़ दी। उन्होंने पूरे मैच में कुल 6 विकेट अपने नाम किए। वहीं, दीप्ति शर्मा ने भी शानदार गेंदबाजी करते हुए निचले क्रम को जल्द समेट दिया।
सोफी एक्लेस्टोन का संघर्ष भी नहीं बचा सका इंग्लैंड
इंग्लैंड की ओर से सोफी एक्लेस्टोन ने अकेले संघर्ष करते हुए अपने अंतरराष्ट्रीय करियर का पहला टेस्ट अर्धशतक लगाया। उन्होंने 61 गेंदों में पचासा पूरा किया, लेकिन स्नेह राणा की शानदार गेंद पर बोल्ड हो गईं। वहीं, पहली पारी में अर्धशतक लगाने वाली एमी जोन्स दूसरी पारी में केवल 2 रन ही जोड़ सकीं। इसके बाद पूरी इंग्लैंड टीम भारतीय गेंदबाजों के सामने टिक नहीं सकी।
पहली पारी में ही भारत ने बनाई जीत की मजबूत नींव
भारतीय टीम ने पहली पारी में 285 रन बनाए। सलामी बल्लेबाज स्मृति मंधाना ने 83 रन की बेहतरीन पारी खेली, जबकि कप्तान हरमनप्रीत कौर और दीप्ति शर्मा ने भी अर्धशतक लगाकर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। जवाब में इंग्लैंड की पहली पारी 170 रन पर सिमट गई। युवा तेज गेंदबाज क्रांति गौड़ ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 5 विकेट झटके और लॉर्ड्स के प्रतिष्ठित ऑनर्स बोर्ड पर नाम दर्ज कराने वाली पहली भारतीय महिला गेंदबाज बनने का गौरव हासिल किया।