शशिकांत जैन, विदिशा: मध्य प्रदेश के विदिशा जिले में पंचायत स्तर के रसूखदारों की विधिक मनमानी और इंसानियत को झकझोर देने वाली एक बेहद खौफनाक वारदात सामने आई है। जिले की लटेरी तहसील के अंतर्गत आने वाले ग्राम कोकणगढ़ के एक पीड़ित और लाचार परिवार ने अपने ही गांव के निर्वाचित सरपंच पर उनकी 17 वर्षीय नाबालिग बेटी का अपहरण करने और उसे डेढ़ लाख रुपये की मोटी रकम लेकर आगे बेच देने का अत्यंत सनसनीखेज आरोप लगाया है।
न्याय की आस में जिला मुख्यालय पहुंचे बेबस परिजनों ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायती आवेदन सौंपकर अपनी बेटी की सुरक्षित घर वापसी और आरोपी सरपंच के खिलाफ पॉक्सो एक्ट सहित अन्य संगीन धाराओं में कार्रवाई की गुहार लगाई है।
सरपंच पर आरोप
कोकणगढ़ निवासी पीड़ित परिवार का सीधा आरोप है कि गांव का दबंग सरपंच उनकी 17 साल की नाबालिग बेटी को बहला-फुसलाकर या जबरन अपने साथ अगवा कर ले गया था। जब डरे हुए परिजनों ने इस मामले की शिकायत स्थानीय थाने में दर्ज कराई, तो आरोपी सरपंच कार्रवाई से बचने के लिए खतरनाक हथकंडों पर उतर आया। परिवार का आरोप है कि सरपंच उनके अन्य तीन छोटे बच्चों को उनके मामा के घर से जबरन उठाकर अपने साथ ले आया और उन्हें ढाल बनाकर परिवार को केस वापस लेने के लिए रूप से प्रताड़ित करने लगा।
भोपाल में 1.5 लाख का सौदा
पीड़ित परिवार ने आरोप लगाते हुए कहा है कि उनकी नाबालिग बेटी को आरोपी सरपंच द्वारा भोपाल में डेढ़ लाख रुपये में किसी अज्ञात खरीदार को बेच दिया गया है। हालांकि, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। दबंग आरोपी लगातार पीड़ित परिवार पर दबाव बना रहा है कि वे पुलिस डायरी और अपनी रिपोर्ट से उसका नाम पूरी तरह हटा लें, ऐसा न करने पर परिवार और उनके बच्चों को जान से मारने या गंभीर परिणाम भुगतने की खुली धमकियां दी जा रही हैं।
एडिशनल एसपी का एक्शन
दबंगई और मानव तस्करी के इस विदारक मामले के जिला मुख्यालय पहुंचते ही विदिशा पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। नाबालिग की सुरक्षा को देखते हुए विदिशा एडिशनल एसपी ने संज्ञान लिया। उन्होंने लटेरी अनुभाग के संबंधित थाना प्रभारी को फोन पर निर्देश दिए हैं कि एक विशेष टीम का गठन कर भोपाल और संभावित ठिकानों पर दबिश दी जाए। पुलिस ने परिजनों को भरोसा दिलाया है कि नाबालिग लड़की और अन्य बच्चों को तत्काल सुरक्षित रेस्क्यू किया जाएगा और दोषी पाए जाने पर सरपंच के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेजा जाएगा।