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देशभर में बारिश का कहर! असम में 98 मौतें, हिमाचल में 153 सड़कें बंद

देशभर में बारिश का कहर! असम में 98 मौतें, हिमाचल में 153 सड़कें बंद

Weather Update: देश के कई हिस्सों में मानसून की तेज बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। कहीं बाढ़ से हालात बिगड़े हैं तो कहीं भूस्खलन और जलभराव ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। असम में बाढ़ की स्थिति बेहद गंभीर बनी हुई है। राज्य में बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 98 हो गई है, जबकि करीब 1.55 लाख लोग प्रभावित बताए जा रहे हैं। 13 जिले अभी भी बाढ़ की चपेट में हैं। इस बीच हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश और भूस्खलन के कारण सड़क संपर्क प्रभावित हुआ है। कई इलाकों में सड़कें बंद होने से लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश के साथ भूस्खलन और अचानक बाढ़ का खतरा भी बना हुआ है।

दिल्ली में अगस्त की बारिश ने बनाया नया रिकॉर्ड

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में भी बारिश ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। सफदरजंग मौसम केंद्र में अगस्त के शुरुआती आठ दिनों में ही 230.1 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जो अगस्त की औसत 226.8 मिलीमीटर बारिश से अधिक है। लगातार बारिश के कारण दिल्ली के कई प्रमुख मार्गों पर जलभराव और ट्रैफिक जाम की स्थिति देखने को मिली। कालिंदी कुंज, आईटीओ और महरौली-बदरपुर रोड जैसे इलाकों में वाहनों की रफ्तार प्रभावित हुई।

हिमाचल में भारी बारिश से सड़क संपर्क प्रभावित

हिमाचल प्रदेश में बारिश और भूस्खलन ने परिवहन व्यवस्था को प्रभावित किया है। राज्य में 153 सड़कें बंद होने की जानकारी सामने आई है। इसके अलावा जलापूर्ति योजनाओं और बिजली व्यवस्था पर भी बारिश का असर पड़ा है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भारी बारिश की संभावना को देखते हुए पहाड़ी इलाकों में सतर्कता बरतने की सलाह दी है। भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की गई है।

असम में बाढ़ से हालात गंभीर

असम में बाढ़ का संकट लगातार बना हुआ है। 13 जिलों में करीब 1.55 लाख लोग प्रभावित हैं और मृतकों की संख्या 98 तक पहुंच गई है। प्रशासन अब प्रभावित इलाकों में नुकसान का आकलन करने के लिए घर-घर सर्वे शुरू करने की तैयारी में है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव अभियान जारी हैं। कई परिवारों को सुरक्षित स्थानों और राहत शिविरों में पहुंचाया गया है। प्रशासन की प्राथमिकता प्रभावित लोगों तक भोजन, पेयजल और जरूरी सहायता पहुंचाना है।

नागालैंड में जलभराव, करंट की चपेट में छात्र की मौत

नागालैंड के दीमापुर में भी भारी बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। बाढ़ के पानी के घरों में घुसने के दौरान बिजली के संपर्क में आने से एक कॉलेज छात्र की मौत की जानकारी सामने आई है। एसडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में जुटी हैं। बाढ़ग्रस्त इलाकों से बच्चों, बुजुर्गों और अन्य लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।

ओडिशा में भारी बारिश का अलर्ट

बंगाल की खाड़ी में बने मौसम तंत्र के प्रभाव से ओडिशा के कई हिस्सों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इससे निचले इलाकों में जलभराव और स्थानीय स्तर पर बाढ़ का खतरा बढ़ सकता है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) लगातार मौसम की निगरानी कर रहा है और संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को मौसम संबंधी चेतावनियों पर नजर रखने की सलाह दी जा रही है।

केरल से जम्मू-कश्मीर तक बारिश का असर

दक्षिण भारत में केरल के अलाप्पुझा और कोट्टायम समेत कुछ जिलों में बाढ़ का पानी कम होने लगा है, लेकिन कई लोग अभी भी राहत शिविरों में रह रहे हैं। कुछ जिलों में शैक्षणिक संस्थानों को भी बंद रखा गया। हरियाणा के फरीदाबाद में कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति बनी और सड़क का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त होने की खबर सामने आई। पंजाब, राजस्थान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी कई जगह बारिश का दौर जारी है। वहीं जम्मू-कश्मीर में भी भारी बारिश के चलते अचानक बाढ़ और भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। यात्रियों और स्थानीय लोगों को संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

लोगों को सतर्क रहने की सलाह

मानसून की सक्रियता के बीच मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन की ओर से लोगों को जलभराव वाले रास्तों, नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी जा रही है। मौसम में अचानक बदलाव होने पर यात्रा से पहले स्थानीय मौसम चेतावनियों की जानकारी लेना जरूरी है।


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