छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले में एक मंच पर राजनीति का दिलचस्प और तीखा संवाद देखने को मिला, जहां INH हरिभूमि के प्रधान संपादक डॉ. हिमांशु द्विवेदी ने सधे हुए अंदाज में तीखे सवाल किए और जनप्रतिनिधियों ने खुलकर जवाब दिए। इस चर्चा में भाजपा और कांग्रेस के नेताओं के बीच विकास, अवैध खनन, शिक्षा और बुनियादी सुविधाओं को लेकर जमकर आरोप-प्रत्यारोप हुए।
विकास पर क्रेडिट की लड़ाई
चर्चा की शुरुआत में ही पूर्व विधायक आशीष छाबड़ा, वर्तमान विधायक दीपेश साहू और वरिष्ठ नेता अवधदेश चंदेल के बीच विकास कार्यों को लेकर श्रेय लेने की होड़ दिखी।
आशीष छाबड़ा ने दावा किया कि उनके कार्यकाल में बेमेतरा में व्यापक विकास हुआ और जनता आज भी उस दौर को याद कर रही है। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार के ढाई साल में हालात बदतर हुए हैं।
वहीं, विधायक दीपेश साहू ने पलटवार करते हुए कहा कि वर्तमान सरकार ने सड़कों, बिजली, शिक्षा और पेयजल के क्षेत्र में कई बड़े काम स्वीकृत कराए हैं और जमीनी स्तर पर तेजी से काम चल रहा है।
रेत खनन और भ्रष्टाचार पर आरोप-प्रत्यारोप
बहस का सबसे गर्म मुद्दा अवैध रेत खनन रहा। आशीष छाबड़ा ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के संरक्षण में अवैध खनन बढ़ा है, जिससे पेयजल संकट गहरा गया। दीपेश साहू ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि अब प्रशासन सख्त है और अवैध खनन पर काफी हद तक रोक लगी है।वरिष्ठ नेता अवधदेश चंदेल ने संतुलित जवाब देते हुए कहा कि वर्तमान में प्रशासनिक सख्ती ज्यादा है और बड़े स्तर पर अवैध काम नहीं हो रहा।
जनता के मुद्दे: सड़क, पानी और शिक्षा
डॉ. हिमांशु द्विवेदी ने नेताओं को सीधे सवालों के कटघरे में खड़ा करते हुए पूछा कि अगर इतने विकास कार्य हुए हैं, तो आज भी बेमेतरा को बेहतर सड़क, पानी और स्वास्थ्य सुविधाओं की जरूरत क्यों है।
इस पर दीपेश साहू ने कई सड़क परियोजनाओं, सब-स्टेशनों, लाइब्रेरी और कोचिंग सुविधाओं का जिक्र किया। आशीष छाबड़ा ने कहा कि घोषणाएं बहुत हुईं, लेकिन जमीनी काम कम दिख रहा है। अवधदेश चंदेल ने अपने कार्यकाल में बने पुल, कॉलेज और बिजली सुविधाओं को गिनाया।
मेडिकल कॉलेज और भविष्य की राजनीति
चर्चा के दौरान बेमेतरा में मेडिकल कॉलेज की जरूरत भी प्रमुख मुद्दा बनी रही। आशीष छाबड़ा ने कहा कि अगर उनकी सरकार दोबारा आती तो मेडिकल कॉलेज जरूर बनता। वहीं दीपेश साहू ने भरोसा दिलाया कि आने वाले समय में मेडिकल और नर्सिंग कॉलेज की दिशा में काम किया जाएगा।
चुनावी हार-जीत पर भी हुई खुली चर्चा
डॉ. हिमांशु द्विवेदी ने नेताओं से उनकी हार-जीत पर भी सीधे सवाल किए।आशीष छाबड़ा ने 2023 की हार के लिए “भ्रम और राजनीतिक षड्यंत्र” को जिम्मेदार बताया। अवधदेश चंदेल ने टिकट न मिलने के सवाल पर कहा कि पार्टी का निर्णय सर्वोपरि है और वे संगठन में अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं।