नई दिल्ली। भारतीय महिला क्रिकेट टीम की दिग्गज खिलाड़ी हरमनप्रीत कौर ने सभी फॉर्मेट में टीम की कप्तानी छोड़ने का फैसला किया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक भावुक संदेश साझा करते हुए अपने लंबे कप्तानी सफर को याद किया और कहा कि भारतीय महिला क्रिकेट को आगे बढ़ाने के लिए उन्होंने अपना समय, मेहनत, खेल और निजी महत्वाकांक्षाओं तक को कई बार पीछे रखा। हरमनप्रीत कौर ने कहा कि कप्तानी से विदाई लेना उनके लिए बिल्कुल आसान फैसला नहीं था। इस जिम्मेदारी के साथ उनके जीवन की कई महत्वपूर्ण यादें, भावनाएं, संघर्ष, त्याग, जीत और हार जुड़ी हुई हैं। हालांकि, कप्तानी छोड़ने के बावजूद उन्होंने साफ किया कि भारतीय क्रिकेट के लिए उनका सफर अभी खत्म नहीं हुआ है।
भावुक संदेश में हरमनप्रीत ने क्या कहा?
हरमनप्रीत ने अपने संदेश में बताया कि उन्होंने भारतीय महिला क्रिकेट और टीम के लिए पूरी ईमानदारी से काम किया। उन्होंने मैदान पर प्रदर्शन के साथ-साथ टीम की जरूरतों को भी हमेशा प्राथमिकता दी। उनके मुताबिक, कई मौकों पर उन्हें अपने व्यक्तिगत प्रदर्शन, करियर की प्राथमिकताओं और निजी महत्वाकांक्षाओं को पीछे रखना पड़ा, क्योंकि उनके लिए टीम हमेशा सबसे ऊपर रही। कप्तान के रूप में उन्होंने ऐसे फैसले भी लिए जिन्हें हर कोई तुरंत समझ नहीं सका, लेकिन उनका उद्देश्य टीम को मजबूत करना और युवा खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का अवसर देना था।
कप्तानी में चुकानी पड़ी व्यक्तिगत कीमत
हरमनप्रीत ने माना कि कप्तानी के दौरान उन्हें कई कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ा। टीम की हार, आलोचना और लगातार उठते सवालों के बीच कप्तान के तौर पर उन्हें जिम्मेदारी उठानी पड़ी। उन्होंने कहा कि इस सफर में ऐसे दौर भी आए जब कुछ भी टीम के पक्ष में नहीं जा रहा था। लेकिन इन्हीं मुश्किलों के बीच जीत, जश्न और देश का प्रतिनिधित्व करने का गर्व भी मिला, जिसने उनके किए गए त्याग को सार्थक बनाया।
कप्तानी छोड़ी, लेकिन क्रिकेट से नहीं लेंगी विदाई
हरमनप्रीत कौर के कप्तानी छोड़ने का मतलब यह नहीं है कि उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह दिया है। वह बतौर खिलाड़ी भारतीय टीम के लिए उपलब्ध रह सकती हैं। कप्तानी की जिम्मेदारी से मुक्त होने के बाद अब उनके पास अपने व्यक्तिगत खेल पर ज्यादा ध्यान देने का अवसर होगा। खुद हरमनप्रीत ने भी संकेत दिया कि अब वह क्रिकेट को एक खिलाड़ी के तौर पर नए उत्साह के साथ खेलना चाहती हैं। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि कप्तानी का एक अध्याय जरूर समाप्त हुआ है, लेकिन भारतीय क्रिकेट के साथ उनका सफर जारी रहेगा।
हरमनप्रीत कौर का कप्तानी रिकॉर्ड
हरमनप्रीत कौर ने भारतीय महिला क्रिकेट टीम की लंबे समय तक कमान संभाली। तीनों फॉर्मेट में उनका कप्तानी रिकॉर्ड भी प्रभावशाली रहा है।
टी20 इंटरनेशनल
टी20 इंटरनेशनल में हरमनप्रीत ने भारत की 155 मैचों में कप्तानी की। इस दौरान टीम ने 92 मुकाबलों में जीत हासिल की, जबकि 57 मैचों में हार मिली। एक मुकाबला टाई रहा और 5 मैचों का परिणाम नहीं निकल सका।
मैच: 155
जीत: 92
हार: 57
टाई: 1
नो रिजल्ट: 5
जीत प्रतिशत: 59.35%
वनडे इंटरनेशनल
वनडे क्रिकेट में हरमनप्रीत ने 51 मैचों में भारतीय टीम की कप्तानी की। इनमें भारत ने 30 मैच जीते और 19 मुकाबलों में हार का सामना किया। एक मैच टाई रहा और एक मुकाबला बेनतीजा रहा।
मैच: 51
जीत: 30
हार: 19
टाई: 1
नो रिजल्ट: 1
जीत प्रतिशत: 58.82%
टेस्ट क्रिकेट
टेस्ट क्रिकेट में हरमनप्रीत का कप्तानी रिकॉर्ड तीनों फॉर्मेट में सबसे बेहतर रहा। उन्होंने भारत की 5 टेस्ट मैचों में कप्तानी की, जिसमें टीम ने 4 मैच जीते और केवल एक मुकाबला गंवाया।
मैच: 5
जीत: 4
हार: 1
जीत प्रतिशत: 80%
बल्ले से भी रहा शानदार योगदान
हरमनप्रीत कौर का योगदान केवल कप्तानी तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने लंबे समय तक भारतीय महिला क्रिकेट के मध्यक्रम को मजबूती दी और कई यादगार पारियां खेलीं। उनके टेस्ट करियर में 8 मैचों से 304 रन दर्ज हैं। वनडे क्रिकेट में उन्होंने 164 मैचों में 4541 रन बनाए हैं। वनडे में उनके नाम 7 शतक और 24 अर्धशतक हैं, जबकि उनका सर्वोच्च स्कोर नाबाद 171 रन है। टी20 इंटरनेशनल में भी हरमनप्रीत ने अपनी बल्लेबाजी से बड़ा योगदान दिया है। उन्होंने 210 मैचों में 4346 रन बनाए हैं, जिसमें एक शतक और 18 अर्धशतक शामिल हैं।
हरमनप्रीत के इंटरनेशनल रन
टेस्ट: 304 रन
वनडे: 4541 रन
टी20 इंटरनेशनल: 4346 रन
कुल: 9191 रन
इन आंकड़ों से साफ है कि भारतीय महिला क्रिकेट में हरमनप्रीत कौर का योगदान कप्तानी के साथ-साथ बल्लेबाजी के स्तर पर भी बेहद महत्वपूर्ण रहा है।
BCCI की समीक्षा बैठक के बाद आया फैसला
हरमनप्रीत कौर का कप्तानी छोड़ने का फैसला BCCI की समीक्षा बैठक के बाद सामने आया। गुवाहाटी में हुई इस बैठक में भारतीय महिला टीम के हालिया प्रदर्शन और भविष्य की रणनीति पर चर्चा की गई। बैठक में हरमनप्रीत कौर के साथ उपकप्तान स्मृति मंधाना और मुख्य कोच अमोल मजूमदार भी मौजूद रहे। बैठक की अध्यक्षता BCCI सचिव देवजीत सैकिया ने की। हरमनप्रीत ने वर्ष 2016 में भारतीय महिला टी20 टीम की कप्तानी संभाली थी। इसके बाद 2022 में उन्हें वनडे टीम की कमान मिली और 2023 में वह तीनों फॉर्मेट में भारतीय टीम की कप्तान बन गईं। इस तरह उनका टी20 कप्तानी का सफर करीब एक दशक लंबा रहा, जबकि ऑल-फॉर्मेट कप्तानी की जिम्मेदारी उन्होंने लगभग तीन साल तक संभाली।
बड़ी उपलब्धियों के बीच कप्तानी से विदाई
हरमनप्रीत कौर के कप्तानी दौर में भारतीय महिला टीम ने कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल कीं। उनके नेतृत्व में टीम ने बड़े अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में प्रतिस्पर्धी प्रदर्शन किया और महिला क्रिकेट को देश में नई पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभाई। कप्तानी से विदाई लेते समय हरमनप्रीत ने कहा कि वह भावुक जरूर हैं, लेकिन उनके मन में संतोष है। उन्हें विश्वास है कि भारतीय महिला टीम में प्रतिभा, आत्मविश्वास और मजबूत चरित्र मौजूद है और टीम का भविष्य बेहतर है।
'कप्तानी खत्म हुई, सफर जारी रहेगा'
हरमनप्रीत कौर का कप्तानी छोड़ने का फैसला भारतीय महिला क्रिकेट में एक बड़े अध्याय का अंत माना जा रहा है। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि तीनों फॉर्मेट में भारतीय टीम की अगली कप्तान कौन होगी। हालांकि, हरमनप्रीत का क्रिकेट सफर फिलहाल खत्म नहीं हुआ है। कप्तानी का दबाव हटने के बाद अब वह अपने खेल पर ज्यादा ध्यान केंद्रित कर सकती हैं। उनका संदेश इस बात को दर्शाता है कि कप्तानी उनके लिए सिर्फ एक पद नहीं थी, बल्कि टीम और देश के प्रति जिम्मेदारी थी। उन्होंने अपने सफर में कई उतार-चढ़ाव देखे, लेकिन भारतीय महिला क्रिकेट के लिए अपना योगदान जारी रखा। अब कप्तानी की जिम्मेदारी किसी और खिलाड़ी के कंधों पर होगी, लेकिन हरमनप्रीत कौर का भारतीय महिला क्रिकेट में योगदान लंबे समय तक याद किया जाएगा।