होम
देश
दुनिया
राज्य
खेल
अध्यात्म
मनोरंजन
सेहत
जॉब अलर्ट
जरा हटके
फैशन/लाइफ स्टाइल

 

जिम में अचानक हार्ट अटैक का खतरा क्यों बढ़ता है? इन लोगों को रहना चाहिए सावधान

जिम में अचानक हार्ट अटैक का खतरा क्यों बढ़ता है? इन लोगों को रहना चाहिए सावधान

नई दिल्ली: आज के समय में फिटनेस को लेकर लोगों में जागरूकता तेजी से बढ़ी है। बड़ी संख्या में लोग जिम जाकर वर्कआउट करते हैं। हालांकि, पिछले कुछ समय में ऐसे कई वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए हैं, जिनमें एक्सरसाइज या जिम में वर्कआउट के दौरान लोगों की तबीयत अचानक बिगड़ती दिखाई दी। कुछ मामलों में हार्ट अटैक या कार्डियक अरेस्ट की वजह से मौत तक की खबरें सामने आई हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर एक्सरसाइज, जो दिल की सेहत के लिए फायदेमंद मानी जाती है, उसके दौरान हार्ट अटैक का खतरा क्यों पैदा हो जाता है? कार्डियोलॉजिस्ट के मुताबिक, सामान्य और नियंत्रित एक्सरसाइज दिल के लिए फायदेमंद है, लेकिन जिन लोगों को पहले से हृदय संबंधी बीमारी या कोरोनरी आर्टरी में ब्लॉकेज है, उनके लिए अचानक बहुत ज्यादा मेहनत करना जोखिम बढ़ा सकता है।

एक्सरसाइज से सीधे नहीं होता हार्ट अटैक

सीनियर कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. समीर गुप्ता के अनुसार, सामान्य तौर पर एक्सरसाइज हार्ट अटैक का कारण नहीं बनती। नियमित शारीरिक गतिविधि हृदय को मजबूत रखने और शरीर को स्वस्थ बनाए रखने में मदद करती है। समस्या उन लोगों में अधिक हो सकती है, जिनकी हार्ट की धमनियों में पहले से ब्लॉकेज मौजूद है या जिन्हें किसी हृदय रोग की जानकारी नहीं है। ऐसे व्यक्ति अगर अचानक बहुत ज्यादा और हाई-इंटेंसिटी वर्कआउट शुरू कर देते हैं तो उनके लिए खतरा बढ़ सकता है।

वर्कआउट के दौरान हार्ट अटैक कैसे आ सकता है?

एक्सरसाइज करते समय हार्ट तेजी से धड़कता है और शरीर की ऑक्सीजन की मांग बढ़ जाती है। अगर किसी व्यक्ति की कोरोनरी आर्टरी में पहले से प्लाक जमा है, तो अचानक बढ़े हुए दबाव और मेहनत के दौरान यह प्लाक टूट सकता है। इसके बाद वहां ब्लड क्लॉट बनने की स्थिति पैदा हो सकती है। यदि यह क्लॉट हार्ट की रक्त वाहिका में रक्त प्रवाह को रोक देता है, तो हार्ट अटैक हो सकता है। कुछ परिस्थितियों में हृदय की इलेक्ट्रिकल गतिविधि भी गंभीर रूप से प्रभावित हो सकती है, जिससे कार्डियक अरेस्ट का खतरा पैदा हो जाता है।

हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट एक नहीं हैं

अक्सर लोग हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट को एक ही समझ लेते हैं, जबकि दोनों अलग-अलग स्थितियां हैं।
हार्ट अटैक: यह आमतौर पर हार्ट की किसी रक्त वाहिका में ब्लॉकेज के कारण होता है, जिससे हृदय की मांसपेशियों तक पर्याप्त रक्त और ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाती। 
कार्डियक अरेस्ट: इसमें हृदय की इलेक्ट्रिकल गतिविधि अचानक गड़बड़ा जाती है और दिल प्रभावी तरीके से धड़कना बंद कर सकता है। व्यक्ति अचानक बेहोश होकर गिर सकता है और सामान्य रूप से सांस लेना बंद कर सकता है। कार्डियक अरेस्ट में तत्काल चिकित्सा सहायता नहीं मिलने पर जान जाने का खतरा बेहद अधिक होता है।

फिट और मस्कुलर दिखने वाले लोगों को भी हो सकता है खतरा

सिर्फ शरीर का मजबूत या मस्कुलर दिखना इस बात की गारंटी नहीं है कि व्यक्ति का दिल भी पूरी तरह स्वस्थ है। खासतौर पर कुछ युवा लोगों में ऐसी आनुवंशिक हृदय संबंधी समस्याएं हो सकती हैं, जिनके लक्षण लंबे समय तक स्पष्ट नहीं होते। ऐसे मामलों में बिना पर्याप्त तैयारी के अचानक बहुत तेज एक्सरसाइज करना जोखिम बढ़ा सकता है। इसलिए लंबे समय से एक्सरसाइज नहीं करने वाले व्यक्ति को सीधे बहुत भारी वजन या हाई-इंटेंसिटी वर्कआउट शुरू करने से बचना चाहिए। 

जिम में वर्कआउट करते समय इन बातों का रखें ध्यान

अपनी क्षमता के अनुसार धीरे-धीरे वर्कआउट की तीव्रता बढ़ाएं।
लंबे समय से एक्सरसाइज नहीं की है तो अचानक भारी वर्कआउट न शुरू करें।
शरीर में किसी तरह की परेशानी महसूस होने पर एक्सरसाइज रोक दें।
सीने में दर्द या दबाव को सामान्य थकान समझकर नजरअंदाज न करें।
अगर पहले से कोई हृदय संबंधी समस्या है तो डॉक्टर की सलाह के बाद ही एक्सरसाइज प्लान बनाएं।
पर्याप्त वार्म-अप और कूल-डाउन को रूटीन का हिस्सा बनाएं।
शरीर के संकेतों को नजरअंदाज करके जबरदस्ती वर्कआउट जारी न रखें।

इन लक्षणों को बिल्कुल नजरअंदाज न करें

वर्कआउट के दौरान या उसके बाद नीचे दिए गए लक्षण दिखाई दें तो उन्हें गंभीरता से लेना चाहिए:
सीने में दबाव, भारीपन या दर्द
दर्द का बाएं हाथ, कंधे, गर्दन, जबड़े या पीठ तक पहुंचना
अचानक सांस फूलना
ठंडा पसीना आना
दिल की धड़कन असामान्य रूप से तेज होना
चक्कर आना या कमजोरी महसूस होना
अचानक बेहोशी या बेहोशी जैसा महसूस होना
ऐसे लक्षणों में एक्सरसाइज तुरंत रोककर तत्काल चिकित्सकीय सहायता लेना जरूरी है।

 


संबंधित समाचार