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यमुना एक्सप्रेसवे बस अग्निकांड: 9 मौतों के बाद ड्राइवर और क्लीनर गिरफ्तार, सामने आई खौफनाक रात की कहानी

यमुना एक्सप्रेसवे बस अग्निकांड: 9 मौतों के बाद ड्राइवर और क्लीनर गिरफ्तार, सामने आई खौफनाक रात की कहानी

ग्रेटर नोएडा में यमुना एक्सप्रेसवे पर स्लीपर बस में लगी भीषण आग ने 9 यात्रियों की जान ले ली। हादसे के बाद सामने आए प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों और FIR में दर्ज घटनाक्रम से पता चलता है कि आग लगने के बाद यात्रियों को बस से बाहर निकलने के लिए बेहद कम समय मिला। कई लोग नींद से जागे तो बस के भीतर धुआं भर चुका था और चारों ओर चीख-पुकार मची थी।

यात्रियों के मुताबिक, जान बचाने की कोशिश में कई लोग अपने जूते और सामान तक नहीं निकाल सके। एक महिला यात्री ने बताया कि वह सिर्फ अपना मोबाइल फोन लेकर किसी तरह बस से बाहर निकल पाई।

‘आंख खुली तो चारों तरफ धुआं था’

हादसे में बची एक महिला यात्री ने बताया कि वह स्लीपर बस में सो रही थी। इसी दौरान किसी ने दरवाजा खटखटाकर उसे जगाया। नींद से उठने के बाद उसने देखा कि बस के अंदर अफरा-तफरी मची हुई है और धुआं तेजी से फैल रहा है।

हालात इतने खराब थे कि महिला अपना सामान तो दूर, जूते तक नहीं पहन पाई। वह सिर्फ मोबाइल फोन लेकर बाहर निकलने की कोशिश करने लगी। इस दौरान यात्रियों के बीच धक्का-मुक्की हो रही थी। महिला के अनुसार, इसी अफरा-तफरी में किसी व्यक्ति ने उसे खींचकर बस से बाहर निकाला।

बाहर निकलने के बाद भी वह काफी देर तक सदमे में रही। महिला ने बताया कि बस के अंदर धुआं इतना ज्यादा था कि कुछ भी साफ दिखाई नहीं दे रहा था। कई यात्री दम घुटने से परेशान थे और बस के भीतर चीख-पुकार मची हुई थी।

‘जगाकर बताया कि बस में आग लग गई है’

एक अन्य यात्री ने बताया कि वह भी घटना के समय सो रहा था। अचानक उसे जगाकर बताया गया कि बस में आग लग गई है। इसके बाद यात्री तेजी से बाहर निकलने लगे।

यात्री के मुताबिक, बस पूरी तरह यात्रियों से भरी हुई थी। ऐसे में अचानक आग लगने के बाद बाहर निकलना बेहद मुश्किल हो गया। धुएं के बीच यात्री एक-दूसरे को रास्ता देते हुए किसी तरह बस से बाहर निकलने की कोशिश कर रहे थे। कई यात्रियों को अपना सामान छोड़कर ही जान बचाने के लिए बाहर भागना पड़ा।

FIR में धूम्रपान और जलने की गंध का जिक्र

पुलिस की FIR में हादसे से पहले बस के अंदर की परिस्थितियों को लेकर भी जानकारी दर्ज है। FIR के अनुसार, यात्रियों ने बस में जलने जैसी गंध महसूस होने और धूम्रपान को लेकर आपत्ति जताई थी।

आरोप है कि यात्रियों की आपत्ति के बावजूद ड्राइवर और क्लीनर धूम्रपान करते रहे। FIR में यह भी उल्लेख है कि आपत्ति करने पर दोनों ने कथित तौर पर यात्रियों की बात को गंभीरता से नहीं लिया। इसके बाद बस में आग तेजी से फैल गई और देखते ही देखते पूरी बस आग की चपेट में आ गई।

ड्राइवर और क्लीनर गिरफ्तार

हादसे के बाद पुलिस ने बस के ड्राइवर और क्लीनर को गिरफ्तार कर लिया है। शुरुआती जांच में आग बस के इंजन वाले हिस्से से शुरू होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि आग लगने की वास्तविक वजह क्या थी, इसकी पुष्टि विस्तृत जांच के बाद ही हो सकेगी।

पुलिस हादसे से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है, जिसमें बस की तकनीकी स्थिति, आग लगने का कारण और यात्रियों द्वारा लगाए गए लापरवाही के आरोप भी शामिल हैं।

CM योगी ने लिया हादसे का संज्ञान

ग्रेटर नोएडा में हुए इस हादसे पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संज्ञान लिया। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, उन्होंने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और अधिकारियों को घायलों के समुचित इलाज के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से राहत और उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने मृतकों के परिजनों से संपर्क कर हर संभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए।

हादसे ने खड़े किए सुरक्षा पर सवाल

यमुना एक्सप्रेसवे पर हुए इस हादसे में 9 लोगों की मौत के बाद बसों में यात्रियों की सुरक्षा और आपात स्थिति में बाहर निकलने की व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं। यात्रियों की आपबीती से साफ होता है कि आग लगने के बाद बस के भीतर धुआं तेजी से फैल गया था और लोगों को बेहद कम समय में बाहर निकलना पड़ा। अब पुलिस की जांच से यह स्पष्ट होगा कि आग किस वजह से लगी और क्या हादसे से पहले किसी तरह की लापरवाही हुई थी।


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