होम
देश
दुनिया
राज्य
खेल
अध्यात्म
मनोरंजन
सेहत
जॉब अलर्ट
जरा हटके
फैशन/लाइफ स्टाइल

 

सोना-चांदी खरीदने वालों के लिए खुशखबरी : कीमतों में आई बड़ी गिरावट

सोना-चांदी खरीदने वालों के लिए खुशखबरी : कीमतों में आई बड़ी गिरावट

शुक्रवार को सर्राफा और कमोडिटी बाजार में सोना-चांदी की कीमतों में जोरदार गिरावट दर्ज की गई। लगातार कई दिनों तक रिकॉर्ड ऊंचाई पर कारोबार करने के बाद दोनों कीमती धातुओं में बिकवाली का दबाव देखने को मिला। इसका असर घरेलू बाजार से लेकर अंतरराष्ट्रीय बाजार तक दिखाई दिया। खासकर चांदी की कीमतों में आई भारी गिरावट ने निवेशकों और कारोबारियों का ध्यान अपनी ओर खींचा है।

एमसीएक्स में फिसले भाव, चांदी में सबसे बड़ी गिरावट

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) में सोने की कीमत में प्रति 10 ग्राम 1400 रुपये से अधिक की कमी दर्ज की गई। वहीं चांदी के दाम में एक ही दिन में करीब 8000 रुपये प्रति किलो तक की गिरावट देखने को मिली। कारोबार के दौरान दोनों धातुएं दबाव में रहीं और निवेशकों ने बड़ी मात्रा में मुनाफावसूली की।

घरेलू बाजार में भी सस्ता हुआ सोना

देश के बुलियन बाजार में भी सोना और चांदी कमजोर नजर आए। 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट सोने की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। वहीं चांदी के रेट में भी हजारों रुपये प्रति किलो की कमी आई। इससे आभूषण खरीदने की योजना बना रहे ग्राहकों को कुछ राहत मिली है।

अमेरिकी आर्थिक संकेतों का पड़ा असर

विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक की ब्याज दरों को लेकर बने अनिश्चित माहौल का असर कीमती धातुओं पर पड़ा है। बाजार में यह आशंका बनी हुई है कि अमेरिका में ब्याज दरें लंबे समय तक ऊंची रह सकती हैं। ऐसी स्थिति में निवेशक सोने-चांदी की बजाय अन्य निवेश विकल्पों को प्राथमिकता देने लगते हैं।

रिकॉर्ड तेजी के बाद शुरू हुई प्रॉफिट बुकिंग

हाल के महीनों में सोना और चांदी ने ऐतिहासिक स्तर छुए थे। कीमतों में लगातार बढ़ोतरी के बाद बड़े निवेशकों और फंड हाउसों ने मुनाफा सुरक्षित करने के लिए बिकवाली शुरू कर दी। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, यही गिरावट का सबसे बड़ा कारण माना जा रहा है।

डॉलर की मजबूती से बढ़ा दबाव

अंतरराष्ट्रीय बाजार में अमेरिकी डॉलर और बॉन्ड यील्ड मजबूत होने से भी सोने-चांदी की चमक फीकी पड़ी है। जब डॉलर मजबूत होता है, तब निवेशकों का रुझान डॉलर आधारित परिसंपत्तियों की ओर बढ़ता है, जिससे कीमती धातुओं की मांग कमजोर हो जाती है।

वैश्विक बाजार में कमजोरी का असर भारत पर भी

विदेशी बाजारों में भी सोना और चांदी दबाव में बने हुए हैं। अंतरराष्ट्रीय बुलियन एक्सचेंजों में आई गिरावट का सीधा असर भारतीय बाजार पर पड़ा है। विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों और निवेशकों की रणनीति में बदलाव के कारण आने वाले दिनों में भी कीमतों में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।


संबंधित समाचार