Ethiopia Landslide News: पूर्वी अफ्रीकी देश इथियोपिया एक बार फिर प्राकृतिक आपदा की चपेट में आ गया है। सोमवार सुबह अमहारा क्षेत्र में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण एक भीषण भूस्खलन हुआ, जिसने धार्मिक अनुष्ठान में शामिल श्रद्धालुओं को अपनी चपेट में ले लिया। इस दर्दनाक हादसे में अब तक 14 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 7 लोग गंभीर रूप से घायल हैं। प्रशासन को आशंका है कि कई अन्य लोग अब भी मलबे के नीचे दबे हो सकते हैं, जिसके चलते राहत एवं बचाव अभियान युद्धस्तर पर जारी है।
धार्मिक आयोजन के दौरान अचानक टूटी पहाड़ी
जानकारी के अनुसार, अमहारा क्षेत्र स्थित त्सादाकाने देब्रे मिटमाक सेंट मैरी मठ में सोमवार सुबह बड़ी संख्या में श्रद्धालु पवित्र जल से शुद्धिकरण के धार्मिक अनुष्ठान में शामिल हुए थे। इसी दौरान लगातार बारिश के कारण पास की पहाड़ी का बड़ा हिस्सा अचानक खिसक गया और विशाल चट्टानें व मलबा सीधे मठ परिसर में आ गिरा। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हादसा इतना अचानक हुआ कि लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। कुछ ही मिनटों में पूरा परिसर मलबे से भर गया और अफरा-तफरी मच गई।
11 मृतकों का अंतिम संस्कार मठ परिसर में
स्थानीय चर्च प्रशासन के अनुसार, हादसे में जान गंवाने वाले 11 श्रद्धालुओं का अंतिम संस्कार मठ परिसर में ही किया गया, जबकि अन्य मृतकों के शव उनके गृह नगर भेज दिए गए हैं। अधिकारियों ने बताया कि मलबे के दबाव और क्षति के कारण कुछ शवों की पहचान करना भी मुश्किल हो रहा है। प्रशासन ने आशंका जताई है कि जैसे-जैसे मलबा हटेगा, मृतकों की संख्या बढ़ सकती है।
घायलों का अस्पताल में इलाज जारी
भूस्खलन में घायल हुए सात लोगों को देब्रे बिरहान के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों की निगरानी में उनका उपचार जारी है। राहत दलों के साथ स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग की टीमें लगातार मलबा हटाने और फंसे लोगों को निकालने में जुटी हुई हैं।
बारिश के मौसम में बढ़ जाता है खतरा
इथियोपिया में जून से सितंबर के बीच भारी वर्षा का मौसम रहता है। इस दौरान भूस्खलन और बाढ़ की घटनाएं आम हो जाती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन, अनियोजित निर्माण और कमजोर आधारभूत ढांचे के कारण ऐसी आपदाओं की आवृत्ति और गंभीरता लगातार बढ़ रही है।
2024 में भी आया था विनाशकारी भूस्खलन
यह पहली बार नहीं है जब इथियोपिया में भूस्खलन ने इतनी बड़ी तबाही मचाई हो। जुलाई 2024 में दक्षिणी इथियोपिया में आए भीषण भूस्खलन में 257 से अधिक लोगों की मौत हुई थी। वहीं गामो क्षेत्र में भी 100 से ज्यादा लोगों ने अपनी जान गंवाई थी। ताजा हादसे ने एक बार फिर देश की आपदा प्रबंधन व्यवस्था और संवेदनशील क्षेत्रों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं।