NCERT New Syllabus: नई शिक्षा नीति (NEP 2020) के तहत स्कूली शिक्षा में लगातार बदलाव किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) ने पहली बार कक्षा 9 की सामाजिक विज्ञान की पाठ्यपुस्तक में 1975-77 की इमरजेंसी को शामिल किया है। अब तक यह विषय मुख्य रूप से कक्षा 12 की राजनीति विज्ञान की पुस्तकों तक सीमित था। नई सामाजिक विज्ञान पुस्तक ‘अंडरस्टैंडिंग सोसाइटी: इंडिया एंड बियॉन्ड’ (भाग-1) के अध्याय 6 में इमरजेंसी पर एक विशेष खंड जोड़ा गया है। इस बदलाव को भारतीय लोकतंत्र और संवैधानिक इतिहास की समझ को शुरुआती स्तर से मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
लोकतंत्र की चुनौतियों के रूप में पढ़ाई जाएगी इमरजेंसी
नई पाठ्यपुस्तक के अध्याय 6 में लोकतंत्र और उसके सामने आने वाली चुनौतियों पर चर्चा की गई है। इसी संदर्भ में ‘Emergency’ शीर्षक के तहत 1975-77 के आपातकाल को भारतीय लोकतंत्र के लिए एक महत्वपूर्ण चुनौती के रूप में प्रस्तुत किया गया है। पुस्तक के अनुसार, जून 1975 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के नेतृत्व वाली सरकार के खिलाफ बढ़ते जन-असंतोष, महंगाई, बेरोजगारी और प्रशासनिक विफलताओं के आरोपों के बीच देश में आपातकाल लागू किया गया था। इस दौरान कई मौलिक अधिकारों को निलंबित किया गया, प्रेस पर सेंसरशिप लगाई गई और अनेक विपक्षी नेताओं व सामाजिक कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया था।
जयप्रकाश नारायण आंदोलन का भी किया गया उल्लेख
अध्याय में लोकनायक जयप्रकाश नारायण के नेतृत्व में चले जनआंदोलनों का भी उल्लेख किया गया है। इसमें बताया गया है कि बिहार और गुजरात जैसे राज्यों में छात्रों और आम नागरिकों ने व्यापक स्तर पर भागीदारी की थी। पाठ्यपुस्तक में यह भी बताया गया है कि वर्ष 1977 में आपातकाल समाप्त होने के बाद आम चुनाव कराए गए, जिसमें मतदाताओं ने लोकतांत्रिक प्रक्रिया के माध्यम से अपनी राय व्यक्त की।
अब सिर्फ कक्षा 12 तक सीमित नहीं रहेगा विषय
अब तक इमरजेंसी का अध्ययन मुख्य रूप से कक्षा 12 की राजनीति विज्ञान की पुस्तकों में कराया जाता था। वहां इसे स्वतंत्रता के बाद भारतीय लोकतंत्र के विकास और उसके सामने आई चुनौतियों के संदर्भ में विस्तार से समझाया जाता था। कक्षा 9 के पाठ्यक्रम में इस विषय को शामिल करने का उद्देश्य छात्रों को कम उम्र में ही संविधान, लोकतंत्र और राजनीतिक इतिहास के महत्वपूर्ण अध्यायों से परिचित कराना है।
'Democracy and You' सेक्शन भी पहली बार शामिल
NCERT ने नई पुस्तक में पहली बार ‘Democracy and You’ नामक एक विशेष खंड भी जोड़ा है। इसका उद्देश्य छात्रों को लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं और उनके दैनिक जीवन के बीच संबंध समझाना है। इस सेक्शन के माध्यम से विद्यार्थियों को यह बताया जाएगा कि लोकतंत्र केवल चुनावों तक सीमित नहीं है, बल्कि नागरिकों की सक्रिय भागीदारी भी इसकी महत्वपूर्ण आधारशिला है। विशेषज्ञों का मानना है कि इमरजेंसी जैसे महत्वपूर्ण ऐतिहासिक विषय को इस नए सेक्शन के साथ जोड़कर NCERT ने लोकतांत्रिक मूल्यों और नागरिक जिम्मेदारियों को एक व्यापक शैक्षणिक ढांचे में प्रस्तुत करने की कोशिश की है। NCERT द्वारा कक्षा 9 के पाठ्यक्रम में इमरजेंसी को शामिल करना भारतीय शिक्षा प्रणाली में एक महत्वपूर्ण बदलाव माना जा रहा है। इससे छात्रों को लोकतंत्र, संविधान और देश के राजनीतिक इतिहास के महत्वपूर्ण अध्यायों की बेहतर समझ विकसित करने का अवसर मिलेगा। साथ ही, नागरिक भागीदारी और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति जागरूकता भी बढ़ेगी।