नई दिल्ली। दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की एक उड़ान में बुधवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब विमान के कॉकपिट में दोनों पायलटों के बीच हिंसक झड़प की खबर सामने आई। घटना के दौरान विमान ने पहले इमरजेंसी सिग्नल भेजा और उसके कुछ देर बाद ऐसा कोड ट्रांसमिट हुआ, जिसे आमतौर पर विमान में गैरकानूनी हस्तक्षेप या हाईजैक की स्थिति में इस्तेमाल किया जाता है।
घटना के बाद इजराइल ने सुरक्षा के मद्देनजर लड़ाकू विमान रवाना किए। फ्लाइट का रूट बदला गया और विमान को सऊदी अरब के तबूक एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतारा गया। फ्लाईदुबई ने भी पुष्टि की है कि फ्लाइट FZ1073 सुरक्षित रूप से तबूक पहुंची और सभी यात्री सुरक्षित थे।
अचानक बदली विमान की ऊंचाई और रूट
फ्लाइट ट्रैकिंग से सामने आई जानकारी के मुताबिक विमान करीब 34 हजार फीट की ऊंचाई पर उड़ रहा था। इसके बाद कुछ ही समय में विमान की ऊंचाई तेजी से कम हुई। अलग-अलग रिपोर्टों में इस गिरावट की अवधि और ऊंचाई के आंकड़ों में थोड़ा अंतर बताया गया है, लेकिन यह स्पष्ट है कि विमान ने अचानक तेज अवरोहण किया और इसके बाद उसका रूट तबूक की ओर मोड़ दिया गया।
7700 के बाद आया 7500 कोड
फ्लाइट से पहले 7700 इमरजेंसी स्क्वॉक कोड भेजा गया। इसके बाद 7500 कोड ट्रांसमिट हुआ, जिसे विमान में हाईजैक या अनधिकृत हस्तक्षेप के संकेत के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है। इस वजह से शुरुआती तौर पर विमान को लेकर गंभीर सुरक्षा आशंका पैदा हुई और इजराइली सुरक्षा तंत्र सक्रिय हो गया।
कॉकपिट में आखिर क्या हुआ?
अब तक सामने आई रिपोर्टों के मुताबिक घटना की शुरुआत कॉकपिट में पायलटों के बीच विवाद से हुई। इजराइली अधिकारियों ने बताया कि सह-पायलट पर कप्तान को चाकू से घायल करने और विमान पर नियंत्रण हासिल करने की कोशिश का आरोप है। हालांकि, घटना का पूरा क्रम और इसके पीछे की वजह अभी जांच का हिस्सा है।
कुछ यात्रियों ने बाद में कॉकपिट से चीखने और शोर की आवाजें सुनने की जानकारी दी। एक यात्री के मुताबिक, कॉकपिट खुलने के बाद वहां घायल पायलट दिखाई दिया और खून भी नजर आया। इन प्रत्यक्षदर्शी दावों की जांच अधिकारियों द्वारा की जा रही है।
क्रू और यात्रियों ने संभाली स्थिति
रिपोर्टों के अनुसार, कॉकपिट में हालात बिगड़ने के बाद क्रू और कुछ यात्रियों ने हस्तक्षेप किया। इसके बाद विमान को नियंत्रित किया गया और उसे तबूक की ओर ले जाया गया। इस दौरान दोनों पायलट घायल हुए और सऊदी अरब में लैंडिंग के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया।
इजराइल ने भेजे लड़ाकू विमान
7500 कोड मिलने के बाद इजराइली वायुसेना ने विमान की निगरानी के लिए लड़ाकू विमान भेजे। उस समय आशंका थी कि विमान किसी तरह के हाईजैक या सुरक्षा खतरे में हो सकता है। बाद में विमान को सऊदी अरब के तबूक एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतार दिया गया।
इजराइली प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार स्थिति नियंत्रण में रही और यात्रियों को सुरक्षित वापस लाने के प्रयास किए गए।
आतंकी एंगल से भी जांच
इजराइली अधिकारियों ने घटना को संभावित आतंकी हमले के एंगल से भी जांचे जाने की बात कही है। Reuters के मुताबिक, अधिकारियों ने इसे संभावित 'terror attack' के रूप में जांचे जाने की जानकारी दी है, हालांकि घटना की वास्तविक प्रकृति और मकसद की अंतिम पुष्टि जांच के बाद ही होगी।
कितने यात्री थे विमान में?
फ्लाइट FZ1073 में यात्रियों की संख्या को लेकर शुरुआती रिपोर्टों में अलग-अलग आंकड़े सामने आए हैं। कुछ रिपोर्टों में करीब 150 इजराइली यात्रियों का उल्लेख है, जबकि अन्य रिपोर्टों में विमान में कुल संख्या करीब 174 से 180 बताई गई है। Flydubai ने फिलहाल यह पुष्टि की है कि विमान तबूक में सुरक्षित उतरा और यात्री सुरक्षित थे।
जांच के सामने कई सवाल
घटना के बाद जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि कॉकपिट में विवाद किस वजह से शुरू हुआ, विमान का नियंत्रण कितनी देर तक प्रभावित रहा और 7500 कोड किस परिस्थिति में भेजा गया। साथ ही क्रू से जुड़े सुरक्षा प्रोटोकॉल और घटना के दौरान यात्रियों एवं अन्य क्रू सदस्यों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। फिलहाल विमान सुरक्षित रूप से सऊदी अरब में उतर चुका है और दोनों घायल पायलटों का इलाज कराया गया है। घटना को लेकर अलग-अलग दावे सामने आने के बीच जांच एजेंसियों की अंतिम रिपोर्ट का इंतजार है।