उज्जैन : विजयादशमी पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह उज्जैन से सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा की शुरुआत करने जा रहे है। 950 किलोमीटर लंबी इस यात्रा को 70 दिनों में पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है। जिसकी शुरुआत कल यानि की 20 अक्टूबर से चिंतामन मंदिर में दर्शन के बाद होगी। इसी कड़ी में तैयारियों का जायजा लेने के लिए दिग्विजय सिंह रविवार को उज्जैन पहुंचे और सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा के रथ का कन्या से पूजन करवाया।
हिंदुत्त्व की पहचान सावरकर के द्वारा दी गई
इस दौरान यात्रा को लेकर दिग्विजय ने कहा कि सनातन को हिंदुत्त्व का रूप दिया जा रहा है। हिंदुत्त्व की पहचान सावरकर के द्वारा दी गई थी। सनातन और हिंदुत्त्व को एक मानना सही नही है। इस दौरान उन्होंने सनातन धर्म, हिंदुत्व, नागरिक अधिकारों और कथित वोट चोरी जैसे मुद्दों पर अपनी बात रखी।
सनातन धर्म और हिंदुत्व के बीच बताया अंतर
दिग्विजय सिंह ने सनातन धर्म और हिंदुत्व के बीच के अंतर को स्पष्ट करते हुए कहा कि सावरकर द्वारा परिभाषित 'हिंदुत्व' और मूल 'सनातन धर्म' को एक मानना उचित नहीं है, इसलिए इस विषय पर आम जनता के बीच जागरूकता लाना आवश्यक है।
दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की उठाई मांग
अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का उल्लेख करते हुए उन्होंने ट्रस्ट और ट्रस्टियों पर वित्तीय अनियमितताओं का आरोप लगाया और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई व एफआईआर दर्ज करने की मांग उठाई। इसके साथ ही उन्होंने आमजन के नागरिक अधिकारों, वोट चोरी और नोट चोरी जैसे प्रमुख मुद्दों को लेकर जनता तक पहुँचने का अपना संकल्प दोहराया।
उज्जैन से अयोध्या तक 950 किलोमीटर का सफर
प्रस्तावित कार्यक्रम के मुताबिक, करीब 70 दिनों तक चलने वाली यह पदयात्रा मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के विभिन्न इलाकों से गुजरेगी। यात्रा का समापन अयोध्या में प्रस्तावित है। रास्ते में ओरछा सहित कई धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व के स्थान शामिल हैं।
इन रूट से होकर गुजरेगी यात्रा
यात्रा के निर्धारित रूट में उज्जैन, तराना, शाजापुर, सारंगपुर, खुजनेर, राजगढ़, चाचौड़ा, आरोन, अशोकनगर और चंदेरी शामिल हैं। इसके बाद यात्रा तालबेहट, जेरोन, ओरछा, चिरगांव, उरई, कालपी और कानपुर देहात के रास्ते अयोध्या की ओर बढ़ेगी।