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H1N1 Alert: दिल्ली में 1,777 मरीज, इन लोगों को सबसे ज्यादा खतरा, जानें बचाव के तरीके

H1N1 Alert: दिल्ली में 1,777 मरीज, इन लोगों को सबसे ज्यादा खतरा, जानें बचाव के तरीके

Swine Flu News: राजधानी दिल्ली में उमस और बदलते मौसम के बीच H1N1 यानी स्वाइन फ्लू के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। दिल्ली में अब तक 1,777 H1N1 मामले सामने आ चुके हैं। बुधवार को ही 114 नए मरीजों की पुष्टि हुई। बढ़ते संक्रमण के बीच डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों के संक्रमित होने की जानकारी ने चिंता बढ़ा दी है। स्थिति की समीक्षा के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री और स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ बैठक बुलाई है। बैठक में राजधानी में H1N1 की मौजूदा स्थिति, अस्पतालों की तैयारियों और संक्रमण की रोकथाम के उपायों पर चर्चा की जाएगी।

दिल्ली में क्यों बढ़ रहे हैं H1N1 के मामले?

मौसम में लगातार बदलाव और बढ़ी हुई उमस के बीच फ्लू समेत कई तरह के रेस्पिरेटरी इंफेक्शन के मरीज अस्पतालों में पहुंच रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग ने स्थिति की समीक्षा करते हुए अस्पतालों और संबंधित स्वास्थ्य एजेंसियों को जरूरी प्रोटोकॉल का पालन करने और बचाव के उपाय तेज करने के निर्देश दिए हैं। दिल्ली सरकार से जुड़े सूत्रों के मुताबिक मामलों में वृद्धि जरूर हुई है, लेकिन फिलहाल लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। स्वास्थ्य विभाग लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

H1N1 के प्रमुख लक्षण क्या हैं?

स्वाइन फ्लू होने पर आमतौर पर अचानक तेज बुखार, सूखी खांसी, गले में खराश, सिरदर्द, शरीर में दर्द, ठंड लगना और अत्यधिक थकान जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। कुछ गंभीर मामलों में सांस लेने में परेशानी और ऑक्सीजन का स्तर कम होने जैसी समस्या भी हो सकती है।

इन संकेतों को नजरअंदाज न करें:

सांस लेने में परेशानी
सीने में दर्द
लगातार तेज बुखार
अत्यधिक कमजोरी या भ्रम की स्थिति
होंठ या चेहरा नीला पड़ना
लक्षणों का लगातार बिगड़ना
ऐसे लक्षण दिखाई देने पर बिना देरी किए डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है।

किन लोगों को H1N1 का ज्यादा खतरा?

बुजुर्गों, छोटे बच्चों और गर्भवती महिलाओं में फ्लू के गंभीर रूप लेने का जोखिम अपेक्षाकृत अधिक हो सकता है। इसके अलावा डायबिटीज, हृदय या फेफड़ों की पुरानी बीमारी और कमजोर इम्युनिटी वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।

स्वाइन फ्लू से कैसे करें बचाव?

H1N1 से बचाव के लिए व्यक्तिगत स्वच्छता और संक्रमण से बचने के उपायों को अपनाना बेहद जरूरी है।
साबुन और पानी से कम से कम 20 सेकंड तक हाथ धोएं।
साबुन उपलब्ध न होने पर अल्कोहल आधारित सैनिटाइजर का इस्तेमाल करें।
खांसते या छींकते समय मुंह और नाक को ढकें।
इस्तेमाल किए गए टिश्यू को तुरंत कूड़ेदान में डालें।
गंदे हाथों से आंख, नाक और मुंह को छूने से बचें।
फ्लू से संक्रमित या बीमार व्यक्ति से उचित दूरी बनाए रखें।
भीड़भाड़ वाली जगहों पर जरूरत के अनुसार मास्क का इस्तेमाल करें।
पर्याप्त पानी पिएं और संतुलित आहार लें।
डॉक्टर की सलाह के अनुसार फ्लू वैक्सीन लगवाने पर विचार करें।

H1N1 का इलाज कैसे होता है?

गंभीर या अधिक जोखिम वाले मरीजों में डॉक्टर एंटीवायरल दवाओं का इस्तेमाल कर सकते हैं। ओसेल्टामिविर जैसी दवा डॉक्टर की सलाह पर दी जा सकती है और फ्लू की शुरुआत के शुरुआती समय में इसका लाभ अधिक हो सकता है। H1N1 वायरल संक्रमण है, इसलिए हर मरीज को एंटीबायोटिक की जरूरत नहीं होती। एंटीबायोटिक का इस्तेमाल आमतौर पर तभी किया जाता है जब डॉक्टर को बैक्टीरियल इंफेक्शन की आशंका या पुष्टि हो।

दिल्ली में स्वास्थ्य विभाग की नजर

दिल्ली में बढ़ते H1N1 मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने अस्पतालों और एमसीडी के स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ स्थिति की समीक्षा की है। अधिकारियों का कहना है कि संक्रमण पर निगरानी रखी जा रही है और जरूरत के अनुसार स्वास्थ्य प्रोटोकॉल को मजबूत किया जाएगा। फिलहाल स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह है कि लोग घबराने के बजाय सावधानी बरतें और फ्लू जैसे लक्षण होने पर समय पर चिकित्सकीय सलाह लें।

जरूरी सलाह: लक्षण दिखने पर खुद से दवा लेने के बजाय डॉक्टर से परामर्श लें, खासकर यदि मरीज बच्चा, बुजुर्ग, गर्भवती महिला या किसी पुरानी बीमारी से पीड़ित हो।

 


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