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यातायात सुधार या व्यापार पर असर? डिवाइडर निर्माण को लेकर बलौदाबाजार में छिड़ी बहस...

यातायात सुधार या व्यापार पर असर? डिवाइडर निर्माण को लेकर बलौदाबाजार में छिड़ी बहस...

बलौदाबाजार। छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार शहर में मुख्य मार्ग पर शुरू हुए डिवाइडर निर्माण कार्य को लेकर बहस तेज हो गई है। नगर पालिका जहां इसे सड़क सुरक्षा और बेहतर यातायात व्यवस्था के लिए जरूरी कदम बता रही है, वहीं स्थानीय व्यापारी और कई नागरिक इस परियोजना का विरोध कर रहे हैं। शहर के व्यस्त मार्ग पर सड़क के बीच लोहे की संरचना लगाए जाने के बाद लोगों के बीच इस मुद्दे को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। नगर पालिका प्रशासन का दावा है कि बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं और अव्यवस्थित ट्रैफिक को नियंत्रित करने के लिए डिवाइडर निर्माण आवश्यक है।

नगर पालिका ने बताया विकास और सुरक्षा का हिस्सा

नगर पालिका अध्यक्ष अशोक जैन ने कहा कि शहर में लगातार बढ़ रहे ट्रैफिक दबाव को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। उन्होंने बताया कि डिवाइडर निर्माण से यातायात व्यवस्थित होगा और दुर्घटनाओं में कमी आएगी। अध्यक्ष के अनुसार, यह परियोजना शहर के दीर्घकालिक विकास की योजना का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग निजी हितों के कारण इसका विरोध कर रहे हैं, लेकिन नगर के विकास कार्य लगातार जारी रहेंगे।

डिवाइडर के साथ होगा पौध रोपण

नगर पालिका प्रशासन ने जानकारी दी है कि डिवाइडर के बीच पौधरोपण भी किया जाएगा। इससे शहर की सुंदरता बढ़ेगी और हरियाली को बढ़ावा मिलेगा। प्रशासन का कहना है कि मंत्री टंकराम वर्मा के सहयोग से शहर में कई विकास कार्य चल रहे हैं, जिनमें यह परियोजना भी शामिल है।

व्यापारियों ने कारोबार प्रभावित होने की जताई चिंता

वहीं दूसरी ओर स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि डिवाइडर बनने से ग्राहकों की आवाजाही प्रभावित होगी। व्यापारियों के मुताबिक, सड़क पार कर दुकानों तक पहुंचना मुश्किल हो सकता है, जिससे बाजार में ग्राहकों की संख्या कम होने की आशंका है। कुछ नागरिकों ने भी मांग की है कि प्रशासन व्यापारियों और आम लोगों से चर्चा के बाद ही निर्माण कार्य को आगे बढ़ाए।

शहर में जारी है पक्ष-विपक्ष की बहस

फिलहाल बलौदाबाजार में डिवाइडर निर्माण को लेकर समर्थन और विरोध दोनों देखने को मिल रहे हैं। एक वर्ग इसे सड़क सुरक्षा और शहर के विकास के लिए जरूरी मान रहा है, जबकि दूसरा वर्ग इसे व्यापारिक गतिविधियों के लिए नुकसानदायक बता रहा है। अब देखना होगा कि प्रशासन विरोध के बीच इस परियोजना को किस तरह आगे बढ़ाता है और क्या लोगों की चिंाओं का समाधान निकाल पाता है।


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