दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ और विभिन्न मांगों को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रस्तावित प्रदर्शन पर प्रशासन ने सख्ती दिखाई। जंतर-मंतर की ओर बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए राजधानी में व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई। पुलिस की नाकेबंदी के चलते प्रदर्शन कई छोटे समूहों में बंट गया। इस दौरान शाम 5 बजे तक करीब 3,000 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई, जिनमें कई नेता और संगठनों के प्रमुख भी शामिल बताए गए हैं।
प्रदर्शन को देखते हुए राजधानी में 25 हजार से अधिक सुरक्षाकर्मियों की तैनाती का दावा किया गया। वहीं, मेट्रो सेवाओं पर पाबंदियों और परिवहन व्यवस्था प्रभावित होने से आम लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। इस कार्रवाई को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है।
45 मेट्रो स्टेशन बंद, यात्रियों को हुई परेशानी
सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) ने 45 मेट्रो स्टेशनों को अस्थायी रूप से बंद रखने का निर्देश दिया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, शुक्रवार रात 9 बजे से बंद किए गए इन स्टेशनों को शनिवार रात 10 बजे तक बंद रखने की व्यवस्था की गई थी।
प्रशासन की ओर से सुरक्षा स्थिति की लगातार समीक्षा किए जाने की बात कही गई। मेट्रो के अलावा परिवहन और मोबाइल इंटरनेट सेवाओं पर भी अस्थायी रोक लगाए जाने की जानकारी दी गई। इन पाबंदियों का असर यात्रियों और आम नागरिकों की आवाजाही पर पड़ा।
सोनम वांगचुक बोले- देश में अघोषित आपातकाल जैसी स्थिति
प्रदर्शनकारियों और नेताओं की हिरासत को लेकर पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने देश की स्थिति को 'अघोषित आपातकाल' जैसा बताते हुए कहा कि एक दिन पहले शांति और एकजुटता की अपील की गई थी, लेकिन आंदोलन से जुड़े नेताओं को हिरासत में ले लिया गया।
वांगचुक ने चेतावनी दी कि यदि अगले दिन तक सभी नेताओं को रिहा नहीं किया गया, तो वह अनशन शुरू करेंगे। उनका यह बयान प्रदर्शन के दौरान प्रशासन की कार्रवाई को लेकर बढ़ते विवाद के बीच आया है।
रेखा गुप्ता ने CJP को बताया विपक्ष की 'B-Team'
दिल्ली में प्रदर्शन को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी शुरू हो गए हैं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने विपक्षी नेताओं राहुल गांधी और अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष CJP के माध्यम से दिल्ली में राजनीतिक माहौल बनाने की कोशिश कर रहा है और पार्टी को उसकी 'B-Team' बताया।
विपक्ष और प्रदर्शन से जुड़े संगठनों की ओर से उठाए गए मुद्दों को लेकर राजनीतिक बहस जारी है। इस बीच प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने और परिवहन सेवाओं पर लगी पाबंदियों को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
अहमदाबाद में भी CEC के खिलाफ प्रदर्शन
दिल्ली के अलावा अहमदाबाद में भी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर विरोध प्रदर्शन हुआ। एलिसब्रिज इलाके में एमजी लाइब्रेरी के पास Gen Z युवाओं और महिलाओं ने प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन के दौरान भारी पुलिस बल तैनात रहा और कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई। इस मुद्दे पर अलग-अलग शहरों में विरोध और राजनीतिक गतिविधियों के बीच सोमवार को INDIA गठबंधन के प्रस्तावित प्रदर्शन पर भी नजर बनी हुई है।
हिरासत और पाबंदियों के बीच बढ़ा राजनीतिक तनाव
दिल्ली में CJP के प्रदर्शन को रोकने के लिए की गई कार्रवाई के बाद मामला केवल सुरक्षा व्यवस्था तक सीमित नहीं रहा। नेताओं की हिरासत, मेट्रो स्टेशनों पर पाबंदियों और राजनीतिक दलों के आरोप-प्रत्यारोप ने विवाद को और बढ़ा दिया है। आने वाले दिनों में प्रदर्शनकारियों की रिहाई, उनकी मांगों और प्रस्तावित राजनीतिक कार्यक्रमों को लेकर स्थिति अहम बनी रह सकती है।