रायपुर। छत्तीसगढ़ में मानसून की गतिविधियां एक बार फिर तेज हो गई हैं। बंगाल की खाड़ी के ऊपर सक्रिय मौसम प्रणाली का असर प्रदेश के कई हिस्सों में दिखाई देने लगा है। राजधानी रायपुर में सोमवार सुबह से रुक-रुककर बारिश हो रही है, जबकि प्रदेश के अन्य जिलों में भी बादल और वर्षा का दौर बना हुआ है। लगातार बारिश के चलते रायपुर के कुछ निचले इलाकों और सड़कों पर पानी जमा होने की स्थिति बनी है। इससे सुबह के समय लोगों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ा। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी प्रदेश में बारिश की गतिविधियां तेज बने रहने का अनुमान जताया है।
रायपुर में आज कैसा रहेगा मौसम?
31 अगस्त को राजधानी रायपुर में दिनभर बादल छाए रहने की संभावना है। शहर के अलग-अलग हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर तेज बौछारें पड़ सकती हैं। गरज-चमक की स्थिति भी बनने की संभावना जताई गई है। मौसम के अनुमान के अनुसार रायपुर में अधिकतम तापमान लगभग 24 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान करीब 22 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। सुबह से जारी बारिश के कारण शहर के कई क्षेत्रों में सड़कों पर पानी भरने की स्थिति देखी गई। लगातार वर्षा से यातायात और दैनिक कामकाज पर भी असर पड़ सकता है।
अगले पांच दिनों तक बारिश की गतिविधियां रहेंगी तेज
मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी में बनी सक्रिय मौसमी परिस्थितियों के कारण छत्तीसगढ़ में अगले पांच दिनों तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। प्रदेश के कई हिस्सों में तेज बारिश हो सकती है, जबकि कुछ स्थानों पर भारी से अत्यंत भारी वर्षा की स्थिति भी बन सकती है। ऐसे क्षेत्रों में जलभराव और नदी-नालों के जलस्तर में वृद्धि की संभावना को देखते हुए सतर्कता बरतने की जरूरत होगी। बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के अधिकांश इलाकों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई। वहीं बलरामपुर जिले के कुछ हिस्सों में तेज बारिश का असर अधिक देखने को मिला।
सामान्य के करीब बनी हुई है मानसूनी बारिश
इस मानसून सीजन में अब तक छत्तीसगढ़ में औसत बारिश की स्थिति सामान्य के आसपास बनी हुई है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार सामान्य वर्षा की तुलना में प्रदेश में लगभग 3 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। हालांकि हाल के दिनों में बारिश की गतिविधियां तेज होने से आने वाले दिनों में वर्षा के आंकड़ों में और बदलाव देखने को मिल सकता है।
कई जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट
मौसम विभाग ने सुबह 10 बजे तक प्रदेश के कई जिलों में तेज बारिश, तेज हवाओं और आकाशीय बिजली की संभावना को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। अलर्ट वाले प्रमुख जिलों में उत्तर बस्तर कांकेर, धमतरी, बालोद, राजनांदगांव, गरियाबंद, महासमुंद, रायपुर, बलौदा बाजार, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, बिलासपुर, कोरबा, जशपुर, गौरेला-पेंड्रा मरवाही, दुर्ग, बेमेतरा, कबीरधाम, मुंगेली, सरगुजा, सूरजपुर, कोरिया, बलरामपुर शामिल हैं। इन क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर तेज वर्षा के साथ हवा चलने और गरज-चमक की संभावना बनी हुई है। मौसम विभाग ने खराब मौसम के दौरान लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।
बस्तर संभाग के कई जिलों में यलो अलर्ट
प्रदेश के दक्षिणी हिस्सों और बस्तर संभाग के कई जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया गया है। सुकमा, बीजापुर, दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा, बस्तर, नारायणपुर और कोंडागांव सहित कई क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रह सकता है। इसके अलावा प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी स्थानीय स्तर पर बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।
बलरामपुर-रामानुजगंज में सबसे अधिक बारिश
पिछले 24 घंटों में बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में मानसून का प्रभाव सबसे ज्यादा नजर आया। रघुनाथनगर और रामानुजगंज में 12-12 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई।
अन्य क्षेत्रों में राजपुर में 10 सेंटीमीटर, कुसमी और चांदो में 9-9 सेंटीमीटर, जनकपुर-भरतपुर और अंबिकापुर में 7-7 सेंटीमीटर, बलरामपुर में 6 सेंटीमीटर वर्षा हुई है, इसके अलावा कर्तला, कोटाडोल, समरी, दरभा, गुंडरदेही, अर्जुन्दा, बालोद, गुरूर और धमतरी सहित कई इलाकों में लगभग 5 सेंटीमीटर तक बारिश दर्ज की गई। गरियाबंद, राजिम, सरागांव, कोरबा, हरदीबाजार, रतनपुर, कांकेर, मगरलोड, कुकरेल, नरहरपुर, भानुप्रतापपुर, पाली, सरौना और बड़े राजपुर समेत अन्य स्थानों पर भी अच्छी वर्षा रिकॉर्ड की गई।
लोगों को सतर्क रहने की अपील
बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना को देखते हुए लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। खराब मौसम के दौरान खुले मैदानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के आसपास खड़े होने से बचना चाहिए। भारी बारिश वाले इलाकों में जलभराव के साथ नदी और नालों का जलस्तर बढ़ सकता है। ऐसे में स्थानीय प्रशासन और नागरिकों को मौसम की स्थिति पर नजर बनाए रखने की जरूरत है। मानसून की सक्रियता किसानों के लिए राहत लेकर आ सकती है, लेकिन अत्यधिक बारिश वाले क्षेत्रों में फसलों और निचले इलाकों में जलभराव का खतरा भी बढ़ सकता है। आने वाले पांच दिनों तक प्रदेश में मौसम की गतिविधियां महत्वपूर्ण रहने की संभावना है।