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BJP Yuva Morcha Protests : MP में बीजेपी युवा मोर्चा का प्रदर्शन, भोपाल में बिगड़ी स्थिति, कई घायल

BJP Yuva Morcha Protests : MP में बीजेपी युवा मोर्चा का प्रदर्शन, भोपाल में बिगड़ी स्थिति, कई घायल

BJP Yuva Morcha Protests : AI इम्पैक्ट समिट के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा किए गए अर्धनग्न प्रदर्शन के विरोध में गुरुवार को भारतीय जनता युवा मोर्चा ने भोपाल सहित प्रदेशभर में कांग्रेस कार्यालयों का घेराव किया। राजधानी में हालात उस समय तनावपूर्ण हो गए जब भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए और पथराव व लाठी चलने की घटनाएं सामने आईं है। 

प्रदेशभर में प्रदर्शन 

युवा मोर्चा ने भोपाल के साथ-साथ विदिशा, राजगढ़, रायसेन, नर्मदापुरम, ग्वालियर, मुरैना और उज्जैन सहित कई जिलों में कांग्रेस कार्यालयों के बाहर प्रदर्शन किया। कार्यकर्ता कांग्रेस और राहुल गांधी के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आक्रामक रुख में नजर आए।

भोपाल में बिगड़े हालात

राजधानी भोपाल में प्रदर्शन के दौरान भारी पुलिस बल तैनात किया गया। रेड क्रॉस अस्पताल के पास बैरिकेड्स लगाए गए और वॉटर कैनन की व्यवस्था भी की गई। पुलिस ने युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ने से रोकने की कोशिश की, लेकिन कई कार्यकर्ता बैरिकेड्स पर चढ़ गए। युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष श्याम टेलर के नेतृत्व में प्रदर्शन उग्र हो गया। पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया। इस दौरान कुछ कार्यकर्ता बैरिकेड्स पार कर प्रदेश कांग्रेस कार्यालय तक पहुंच गए।

दोनों पक्षों में झड़प

कांग्रेस कार्यालय के बाहर दोनों दलों के कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए। आरोप है कि इस दौरान एक-दूसरे पर लाठी और पत्थर फेंके गए, जिससे कई कार्यकर्ता घायल हो गए। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया और दोनों पक्षों के बीच कड़ा पहरा लगाया गया।

कांग्रेस का आरोप

कांग्रेस ने आरोप लगाया कि भाजपा कार्यकर्ता पुलिस संरक्षण में प्रदेश कांग्रेस कार्यालय (पीसीसी) तक पहुंचे। वहीं भाजपा कार्यकर्ताओं का कहना था कि वे शांतिपूर्ण विरोध दर्ज कराने पहुंचे थे। एक ओर कांग्रेस कार्यकर्ता सड़क पर बैठकर “राहुल गांधी जिंदाबाद” के नारे लगा रहे थे, तो दूसरी ओर भाजपा कार्यकर्ता कांग्रेस के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे। तनाव को देखते हुए पुलिस किसी भी स्थिति से निपटने के लिए अलर्ट मोड पर रही और आवश्यकता पड़ने पर फिर से वॉटर कैनन के इस्तेमाल की संभावना जताई गई। 
 


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