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Punjab CBI Raid: CM भगवंत मान के कैंप ऑफिस पहुंची CBI, OSD राजबीर घुम्मन के घर भी छापेमारी

Punjab CBI Raid: CM भगवंत मान के कैंप ऑफिस पहुंची CBI, OSD राजबीर घुम्मन के घर भी छापेमारी

चंडीगढ़: पंजाब की सियासत में बुधवार को उस वक्त हलचल तेज हो गई, जब केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की टीम ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के चंडीगढ़ स्थित कैंप ऑफिस पर छापेमारी की। CBI की टीम सेक्टर-2 स्थित हाउस नंबर 50 पहुंची, जिसे मुख्यमंत्री का कैंप ऑफिस-कम-गेस्ट हाउस बताया जा रहा है। इसी के साथ मुख्यमंत्री के OSD राजबीर सिंह घुम्मन के पंजाब स्थित पुश्तैनी घर पर भी जांच एजेंसी ने कार्रवाई की। यह कार्रवाई कथित ट्रांसफर-पोस्टिंग और सरकारी कामकाज में भ्रष्टाचार से जुड़े मामले में FIR दर्ज होने के बाद की गई है। मामले में CBI ने मुख्यमंत्री के OSD राजबीर सिंह घुम्मन समेत कई लोगों को आरोपी बनाया है।

ट्रांसफर-पोस्टिंग मामले में CBI की जांच

CBI की FIR में राजबीर सिंह घुम्मन के अलावा नितिन गोहल, जितिन गोहल उर्फ राजा, रोमी राजा महाजन, बीर देविंदर और आर.एस. नागरा के नाम शामिल बताए गए हैं। इसके अलावा कुछ अज्ञात सरकारी अधिकारियों और निजी व्यक्तियों को भी मामले में आरोपी बनाया गया है। जांच का मुख्य केंद्र कथित तौर पर सरकारी अधिकारियों की पोस्टिंग और विभागीय मामलों को प्रभावित करने के लिए पैसों के लेनदेन से जुड़े आरोप हैं। आरोपों में IAS और IPS अधिकारियों की पोस्टिंग प्रभावित करने के साथ-साथ प्रशासनिक मंजूरियों, टेंडर की शर्तों, लाइसेंस, जमीन के इस्तेमाल में बदलाव और राजस्व एवं संपत्ति से जुड़े मामलों में कथित हस्तक्षेप भी शामिल है।

हाईकोर्ट के आदेश के बाद CBI ने संभाली जांच

यह मामला पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के उस आदेश के बाद ज्यादा चर्चा में आया, जिसमें अदालत ने कथित भ्रष्टाचार और ट्रांसफर-पोस्टिंग से जुड़े आरोपों की जांच CBI से कराने का निर्देश दिया था। अदालत ने CBI को आपराधिक मामला दर्ज कर जांच आगे बढ़ाने और निर्धारित समय के भीतर स्टेटस रिपोर्ट पेश करने को कहा था। हालांकि, पंजाब सरकार ने हाईकोर्ट के इस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है।

ED के पत्रों से शुरू हुआ पूरा मामला

बताया गया है कि इस मामले की शुरुआत प्रवर्तन निदेशालय (ED) की ओर से पंजाब के पुलिस महानिदेशक को भेजे गए पत्रों से हुई। इन पत्रों में सरकारी अधिकारियों की ट्रांसफर-पोस्टिंग, जमीन के इस्तेमाल से जुड़ी मंजूरियों और कुछ अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं में कथित अनियमितताओं का उल्लेख किया गया था। इसी क्रम में मुख्यमंत्री के OSD राजबीर सिंह घुम्मन का नाम भी सामने आया। बाद में मामला हाईकोर्ट पहुंचा और अदालत ने CBI को स्वतंत्र जांच करने का निर्देश दिया।

सुप्रीम कोर्ट में पंजाब सरकार की चुनौती

पंजाब सरकार ने हाईकोर्ट के CBI जांच के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। सरकार की ओर से मामले की जल्द सुनवाई की मांग की गई थी। हालांकि, तत्काल सुनवाई से इनकार के बाद CBI की ओर से यह कार्रवाई सामने आई है। मामले की जांच आगे बढ़ने के साथ अब आरोपों और FIR में नामजद लोगों की भूमिका पर CBI की पड़ताल महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

भगवंत मान ने BJP पर साधा निशाना

CBI की कार्रवाई के बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए केंद्र की भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब में आगामी चुनाव को देखते हुए केंद्र की एजेंसियों का इस्तेमाल राजनीतिक दबाव बनाने के लिए किया जा रहा है। मान ने दावा किया कि पंजाब सरकार और उन्हें बदनाम करने के लिए ED और CBI का इस्तेमाल किया जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि पंजाब की जनता से मिल रहे समर्थन से भाजपा घबराई हुई है।

अरविंद केजरीवाल ने भी BJP को घेरा

आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल ने भी CBI की कार्रवाई पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव से पहले पंजाब के मुख्यमंत्री के कार्यालय पर जांच एजेंसी की कार्रवाई राजनीतिक दबाव का हिस्सा है। केजरीवाल ने कहा कि भाजपा पंजाब में चुनाव के जरिए जीत हासिल नहीं कर सकती, इसलिए केंद्रीय जांच एजेंसियों के जरिए चुनावी मैदान में उतरने की कोशिश कर रही है। उन्होंने दावा किया कि आने वाले चुनाव में पंजाब की जनता इसका जवाब देगी।

BJP नेता ने कहा- भ्रष्टाचार का हिसाब होगा

दूसरी ओर, भाजपा नेता मंजिंदर सिंह सिरसा ने CBI की कार्रवाई को लेकर भगवंत मान सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब में पिछले वर्षों के दौरान भ्रष्टाचार और प्रशासनिक अनियमितताओं को लेकर अब जवाबदेही तय करने का समय आ गया है। सिरसा ने कहा कि CBI की कार्रवाई भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही जांच का हिस्सा है और मामले में शामिल लोगों को जवाब देना होगा।

अब आगे क्या?

CBI की छापेमारी के बाद मामले में जांच और तेज होने की संभावना है। जांच एजेंसी दस्तावेजों, कथित लेनदेन और अधिकारियों की पोस्टिंग से जुड़े आरोपों की पड़ताल कर सकती है। वहीं, पंजाब सरकार की सुप्रीम कोर्ट में लंबित चुनौती के कारण इस मामले का कानूनी पक्ष भी महत्वपूर्ण रहेगा। फिलहाल CBI की कार्रवाई ने पंजाब की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। एक ओर आम आदमी पार्टी इसे राजनीतिक कार्रवाई बता रही है, जबकि भाजपा इसे भ्रष्टाचार के खिलाफ जांच बता रही है। अब जांच में सामने आने वाले तथ्यों से ही यह स्पष्ट होगा कि लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है।


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