जगदलपुर। छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में लगातार हो रही बारिश के चलते हालात चुनौतीपूर्ण होते जा रहे हैं। गुरुवार शाम से शुरू हुआ बारिश का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। लगातार बारिश के कारण कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति बनने लगी है, वहीं निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा भी बढ़ गया है। बिगड़ते मौसम को देखते हुए जिला प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाते हुए आज स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी है। इसके साथ ही इंद्रावती नदी के आसपास बसे निचले इलाकों में विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने लोगों से नदी और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है।
लगातार बारिश से जनजीवन प्रभावित
बस्तर में लगातार बारिश के कारण सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है। कई इलाकों में आवाजाही और रोजमर्रा के कामों पर असर पड़ा है। संभावित बाढ़ और जलभराव की स्थिति को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने संबंधित विभागों को पूरी तरह तैयार रहने के निर्देश दिए हैं। आपदा की स्थिति से निपटने के लिए एसडीआरएफ और नगर निगम प्रशासन को अलर्ट मोड पर रखा गया है। राहत एवं बचाव दलों को संवेदनशील क्षेत्रों पर नजर रखने और आवश्यकता पड़ने पर तत्काल कार्रवाई के लिए तैयार रहने को कहा गया है।
इंद्रावती नदी के किनारे बढ़ी चिंता
लगातार बारिश के बीच इंद्रावती नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी की आशंका ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। नदी किनारे स्थित निचली बस्तियों और संवेदनशील इलाकों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। प्रशासनिक टीमें ऐसे क्षेत्रों की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। स्थानीय लोगों को नदी के किनारे, निचले इलाकों और संभावित जलभराव वाले स्थानों पर अनावश्यक रूप से जाने से बचने की सलाह दी गई है।
बस्तर संभाग के 4 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी
मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के दौरान बस्तर संभाग के बस्तर, सुकमा, कोंडागांव और बीजापुर जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई है। मौसम की इस चेतावनी के बाद प्रशासन ने संबंधित विभागों को आवश्यक तैयारियां पूरी रखने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन की नजर खासतौर पर नदी-नालों के जलस्तर, निचली बस्तियों और संवेदनशील क्षेत्रों पर बनी हुई है। यदि बारिश का दौर आगे भी जारी रहता है तो कुछ इलाकों में जलभराव और बाढ़ की स्थिति और गंभीर हो सकती है।
लोगों से सतर्क रहने की अपील
प्रशासन ने लोगों से मौसम की स्थिति को देखते हुए सावधानी बरतने की अपील की है। खासकर नदी, नाले और जलभराव वाले क्षेत्रों के पास जाने से बचने की सलाह दी गई है। किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन और राहत-बचाव टीमों को सूचना देने की अपील भी की गई है।