छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र का 14वां दिन कई अहम मुद्दों के साथ काफी सक्रिय रहा। सदन में स्वास्थ्य सेवाओं, आयुष्मान कार्ड योजना में कथित अनियमितताओं और पुलिस अधोसंरचना को लेकर सरकार से जवाब मांगे गए।
आयुष्मान योजना में गड़बड़ी पर चर्चा
सदन में कुंवर सिंह निषाद ने बालोद जिले के अर्जुन्दा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में आयुष्मान कार्ड से इलाज के दौरान अनियमितता का मामला उठाया। उन्होंने पूछा कि प्रोत्साहन राशि में गड़बड़ी की शिकायतों पर क्या कार्रवाई की गई है और किन अधिकारियों की भूमिका सामने आई है।
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने जवाब में बताया कि शिकायत मिलने के बाद जांच कराई गई, लेकिन किसी भी अधिकारी या कर्मचारी की सीधी संलिप्तता नहीं पाई गई।
मंत्री ने कहा कि जांच में चार लोगों की भूमिका सामने आई थी, लेकिन योजना के तहत प्रोत्साहन राशि सीधे खातों में नहीं जाती। इस कारण किसी प्रकार का आर्थिक लेन-देन नहीं हुआ और मामले को निरस्त कर संबंधित अधिकारी को नोटिस जारी किया गया।
हालांकि विधायक ने इस जवाब पर सवाल उठाते हुए कहा कि मामला गंभीर है और इसमें बड़ी राशि जुड़ी हो सकती है, इसलिए विस्तृत जांच की आवश्यकता है।
सूरजपुर जिला अस्पताल में स्टाफ की कमी
सदन में भूलन सिंह मरावी ने सूरजपुर जिला अस्पताल में डॉक्टरों की कमी का मुद्दा उठाया।
इस पर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने बताया कि अस्पताल में 16 पद स्वीकृत हैं, जिनमें से 14 पदों पर डॉक्टर कार्यरत हैं और 2 पद खाली हैं।
विधायक ने कहा कि कई डॉक्टर उच्च शिक्षा के लिए बाहर हैं और एक निलंबित है, जिससे अस्पताल की सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। मंत्री ने आश्वासन दिया कि जल्द ही डॉक्टरों की तैनाती कर स्थिति सुधारी जाएगी।
पुलिस चौकी भवन निर्माण को लेकर सवाल
सरगुजा जिले में पुलिस चौकियों और थानों के भवन निर्माण का मुद्दा भी सदन में उठा। विधायक प्रबोध मिंज ने गृह मंत्री से निर्माण कार्य की समयसीमा के बारे में जानकारी मांगी।
इस पर गृह मंत्री विजय शर्मा ने कहा कि जमीन से जुड़ी प्रक्रिया चल रही है और जल्द ही निर्माण कार्य आगे बढ़ाया जाएगा।
विधायक ने दावा किया कि जमीन और एनओसी की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, जिस पर मंत्री ने कहा कि सभी औपचारिकताओं की जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।