नई दिल्ली: देश 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस मनाने की तैयारियों में जुटा है, लेकिन समारोह से पहले सुरक्षा एजेंसियों ने संभावित आतंकी खतरे को लेकर अलर्ट जारी किया है। खुफिया इनपुट के मुताबिक आने वाले 2 से 3 दिन सुरक्षा के लिहाज से बेहद संवेदनशील हो सकते हैं। इस अलर्ट के बाद दिल्ली-NCR समेत जम्मू-कश्मीर और अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है। खुफिया एजेंसियों को मिले इनपुट में दिल्ली-NCR में संभावित विस्फोटक पहुंचाने की साजिश की आशंका जताई गई है। एजेंसियां स्थानीय संपर्कों और संदिग्ध नेटवर्क की गतिविधियों पर नजर रख रही हैं। हालांकि, किसी भी संभावित हमले की पुष्टि नहीं हुई है और सुरक्षा एजेंसियां मिले इनपुट की लगातार जांच कर रही हैं।
IED पहुंचाने की आशंका
11 अगस्त 2026 को मिले एक खुफिया इनपुट में पाकिस्तान स्थित ISI और प्रो-खालिस्तानी नेटवर्क से जुड़े तत्वों द्वारा दिल्ली-NCR में विस्फोटक पहुंचाने की संभावित कोशिश का जिक्र किया गया है। आशंका है कि पाकिस्तान आधारित नेटवर्क स्थानीय संपर्कों के जरिए विस्फोटक किसी अज्ञात नेटवर्क तक पहुंचाने की कोशिश कर सकता है। इनपुट में अगले कुछ दिनों को विशेष रूप से संवेदनशील बताया गया है। इसके बाद दिल्ली-NCR में निगरानी बढ़ाने के साथ-साथ महत्वपूर्ण स्थानों और संवेदनशील इलाकों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जा रही है।
फरहतुल्लाह गौरी का भी जिक्र
खुफिया इनपुट में पाकिस्तान में मौजूद फरहतुल्लाह गौरी का नाम भी सामने आया है। सुरक्षा एजेंसियां लंबे समय से उसकी गतिविधियों पर नजर रखती रही हैं। उस पर 2002 के गुजरात अक्षरधाम मंदिर हमले से जुड़े होने के आरोप हैं। एजेंसियों के मुताबिक, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और मैसेजिंग नेटवर्क के जरिए युवाओं को कट्टरपंथ की ओर आकर्षित करने की कोशिशों की भी जानकारी सामने आती रही है। जून 2026 में 'स्टूडेंट ऑफ हिंद' नाम के कथित सिग्नल ग्रुप से संबंधित गतिविधियों का भी इनपुट सामने आया था।
रेलवे और महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर पर नजर
सुरक्षा एजेंसियों को दिल्ली में रेलवे से जुड़े महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर की कथित रेकी को लेकर भी पहले इनपुट मिल चुके हैं। एजेंसियों को आशंका है कि स्थानीय नेटवर्क का इस्तेमाल कर संवेदनशील स्थानों और महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की जानकारी जुटाने की कोशिश की जा सकती है। मई 2026 में सामने आए कुछ इनपुट में भारत में संभावित बड़े हमलों की साजिश और आतंकियों की घुसपैठ से जुड़े दावे भी किए गए थे। एजेंसियां इन सभी पुराने और नए इनपुट को जोड़कर संभावित खतरों का आकलन कर रही हैं।
गैंगस्टर नेटवर्क के इस्तेमाल की आशंका
सुरक्षा एजेंसियों को पहले ऐसे इनपुट भी मिले थे, जिनमें आतंकी नेटवर्क द्वारा भारत में अपने मकसद को पूरा करने के लिए आपराधिक या गैंगस्टर नेटवर्क का इस्तेमाल किए जाने की आशंका जताई गई थी। दिल्ली की महत्वपूर्ण इमारतों और संवेदनशील स्थानों को संभावित निशाना बनाए जाने की आशंका के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने निगरानी बढ़ाई थी। दिल्ली के अलावा जम्मू और राजस्थान को लेकर भी पहले सुरक्षा अलर्ट सामने आ चुके हैं।
ऑनलाइन नेटवर्क पर भी नजर
एजेंसियां आतंकी संगठनों से जुड़े ऑनलाइन नेटवर्क की गतिविधियों पर भी नजर बनाए हुए हैं। सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के जरिए युवाओं को कट्टरपंथ की ओर आकर्षित करने तथा संवेदनशील स्थानों को निशाना बनाने के लिए उकसाने की कोशिशों की आशंका जताई जाती रही है। स्वतंत्रता दिवस के मद्देनजर सुरक्षा एजेंसियां डिजिटल गतिविधियों के साथ-साथ जमीनी स्तर पर संदिग्ध गतिविधियों और संवेदनशील स्थानों की निगरानी कर रही हैं।
लाल किले पर सुरक्षा का कड़ा घेरा
आतंकी अलर्ट के बीच दिल्ली में स्वतंत्रता दिवस समारोह के लिए सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी की गई है। लाल किले और आसपास के क्षेत्रों में दिल्ली पुलिस, पैरामिलिट्री फोर्स, NSG की टीमें और प्रशिक्षित स्नाइपर्स तैनात किए जाने की तैयारी है। आपात स्थिति से निपटने के लिए संबंधित सुरक्षा और राहत एजेंसियों को भी तैयार रखा जा रहा है। लाल किले और आसपास के क्षेत्र में बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की जा रही है।
2000 से ज्यादा CCTV कैमरों से निगरानी
सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए लाल किले और आसपास के इलाकों में 2000 से ज्यादा CCTV कैमरों से निगरानी की जा रही है। इसके अलावा FRS और ANPR जैसी तकनीकों का इस्तेमाल भी किया जा रहा है। इन प्रणालियों के जरिए संदिग्ध लोगों और वाहनों की गतिविधियों के साथ-साथ भीड़ की आवाजाही पर नजर रखने में मदद मिलेगी। सुरक्षा एजेंसियां दिल्ली के अलावा जम्मू-कश्मीर और अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में भी स्थिति की लगातार समीक्षा कर रही हैं।
अगले 2-3 दिन क्यों अहम?
ताजा खुफिया इनपुट में स्वतंत्रता दिवस से पहले के अगले 2-3 दिनों को संवेदनशील बताया गया है। आशंका है कि आतंकी संगठन 15 अगस्त के आसपास सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती देने की कोशिश कर सकते हैं। हालांकि, किसी संभावित हमले की पुष्टि नहीं हुई है। एजेंसियां इनपुट की जांच और सत्यापन कर रही हैं तथा सुरक्षा बलों को किसी भी स्थिति से निपटने के लिए सतर्क रखा गया है। स्वतंत्रता दिवस से पहले मिले कई सुरक्षा इनपुट के बाद दिल्ली-NCR से लेकर जम्मू-कश्मीर तक सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है। खासतौर पर लाल किले और अन्य संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ाई गई है। सुरक्षा एजेंसियों का फोकस किसी भी संभावित साजिश को समय रहते पहचानकर उसे नाकाम करने पर है।